एशियन गेम्स 2026: भारतीय कबड्डी टीम ने चीनी ताइपे को 37-21 से हराया, सेमीफाइनल में थाईलैंड से भिड़ंत
सारांश
मुख्य बातें
एशियन गेम्स 2026 में नागोया के मैदान पर भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने 24 सितंबर को चीनी ताइपे को 37-21 के स्कोर से पराजित कर अपना विजय अभियान जारी रखा। कप्तान सुनील कुमार की अगुवाई में टीम पहले ही सेमीफाइनल का टिकट हासिल कर मेडल सुनिश्चित कर चुकी थी, और यह जीत उस मज़बूती की पुष्टि करती है।
मुख्य घटनाक्रम
मैच का पहला हाफ पूरी तरह भारत के नाम रहा। भारतीय रेडर्स ने चीनी ताइपे के डिफेंस को लगातार तोड़ा और पहले हाफ में ही 23-11 की बड़ी बढ़त हासिल कर ली। चीनी ताइपे के डिफेंडर्स भारतीय रेडर्स के सामने पहले हाफ में पूरी तरह बेबस नज़र आए।
दूसरे हाफ में चीनी ताइपे के डिफेंस ने कुछ सुधार दिखाया, लेकिन भारत की बढ़त कायम रही। दूसरे हाफ में भारत ने 14 अंक अर्जित किए, जबकि चीनी ताइपे केवल 10 अंक ही जुटा सका। भारत का डिफेंस भी पूरे मुकाबले में भरोसेमंद बना रहा।
टूर्नामेंट में भारत का सफ़र
भारत ने इस टूर्नामेंट की शुरुआत जापान के खिलाफ जीत से की थी। इसके बाद साउथ कोरिया को 63-31 के बड़े अंतर से हराया — यह इस टूर्नामेंट की सबसे एकतरफा जीतों में से एक रही। तीसरे मैच में बांग्लादेश को 48-25 से परास्त कर टीम ने सेमीफाइनल की जगह पक्की की और देश के लिए मेडल सुनिश्चित किया।
यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय कबड्डी का वर्चस्व एशियाई स्तर पर एक बार फिर साबित हो रहा है। गौरतलब है कि भारत एशियन गेम्स कबड्डी के इतिहास की सबसे सफल टीम है।
ऐतिहासिक रिकॉर्ड
टीम इंडिया ने एशियन गेम्स में कुल 9 बार भाग लिया है और 8 बार स्वर्ण पदक जीता है। एकमात्र अपवाद 2018 के जकार्ता एशियन गेम्स में रहा, जब भारतीय पुरुष कबड्डी टीम को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा था — यह उनके इतिहास का एकमात्र 'गैर-स्वर्ण' प्रदर्शन है।
आगे क्या होगा
अब भारतीय टीम की नज़रें सेमीफाइनल पर हैं, जहाँ उनका सामना थाईलैंड से होगा। 8 स्वर्ण पदकों के रिकॉर्ड को बरकरार रखने और 2018 जकार्ता की निराशा का बदला लेने का यह सुनहरा अवसर है। कप्तान सुनील कुमार की कप्तानी में टीम की लय और आत्मविश्वास देखते हुए, स्वर्ण पदक की दावेदारी प्रबल दिखती है।