आंध्र प्रदेश स्थानीय निकाय चुनाव: टीडीपी गठबंधन ने 499 जेडपीटीसी और 5,861 एमपीटीसी सीटें जीतीं
सारांश
मुख्य बातें
तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने आंध्र प्रदेश के स्थानीय निकाय चुनावों में ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। 8 नवंबर 2026 को जारी अंतिम परिणामों के अनुसार, गठबंधन ने 582 जिला परिषद क्षेत्रीय निर्वाचन क्षेत्रों (जेडपीटीसी) में से 499 और 7,768 मंडल परिषद क्षेत्रीय निर्वाचन क्षेत्रों (एमपीटीसी) में से 5,861 सीटों पर विजय हासिल की। राज्य चुनाव आयोग ने रविवार रात मतगणना के ये अंतिम आँकड़े घोषित किए।
मुख्य चुनाव परिणाम
टीडीपी अकेले 406 जेडपीटीसी और 4,806 एमपीटीसी सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। उप मुख्यमंत्री पवन कल्याण की अगुवाई वाली जन सेना पार्टी (जेएसपी) ने 73 जेडपीटीसी और 938 एमपीटीसी सीटें हासिल कीं, जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) को 20 जेडपीटीसी और 117 एमपीटीसी सीटें मिलीं।
विपक्षी वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) 76 जेडपीटीसी और 1,711 एमपीटीसी सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) एक भी सीट नहीं जीत सकी, जबकि सीपीआई-एम ने 1 जेडपीटीसी और 15 एमपीटीसी सीटें जीतीं। जेडपीटीसी में 6 निर्दलीय और एमपीटीसी में 162 निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे।
चुनावी प्रक्रिया का विवरण
5 नवंबर 2026 को 28 जिलों में मतदान हुआ था। इससे पूर्व, 77 जेडपीटीसी और 2,051 एमपीटीसी सीटों पर उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुके थे। यह चुनाव आंध्र प्रदेश की ज़िला और मंडल स्तर की स्थानीय स्वशासन संस्थाओं के लिए कराए गए, जो जमीनी स्तर पर सत्ता का वास्तविक संतुलन दर्शाते हैं।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व में टीडीपी ने मई 2024 के विधानसभा चुनावों में भी भारी बहुमत से जीत हासिल की थी। ये स्थानीय निकाय चुनाव उस जनादेश की ज़मीनी स्तर पर पुनरावृत्ति के रूप में देखे जा रहे हैं।
क्षेत्र-वार उल्लेखनीय परिणाम
श्री सत्य साईं जिले की 32 जेडपीटीसी सीटों में से टीडीपी ने 21 और वाईएसआरसीपी ने 9 सीटें जीतीं। तिरुपति जिले में टीडीपी ने 31 में से 21 सीटें हासिल कीं और वाईएसआरसीपी 6 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही।
सबसे उल्लेखनीय परिणाम वाईएसआरसीपी प्रमुख वाईएस जगन मोहन रेड्डी के गृह जिले वाईएसआर कड़पा से आया, जहाँ उनकी पार्टी 16 जेडपीटीसी सीटों में से मात्र 2 ही जीत सकी। वहाँ टीडीपी ने 12 सीटें जीतीं और बाकी 2 सीटें जेएसपी के खाते में गईं।
वाईएसआरसीपी की प्रतिक्रिया और आरोप
वाईएसआरसीपी प्रमुख जगन मोहन रेड्डी ने चुनाव परिणामों को स्वीकार करने से इनकार करते हुए कथित तौर पर गड़बड़ियों का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के कार्यकाल में स्थानीय निकाय चुनावों में लगातार अनियमितताएँ हो रही हैं और मतगणना के दौरान कई जिलों में अधिकारियों पर नतीजों में हेरफेर करने के लिए दबाव डाला गया।
रेड्डी ने कहा, 'हर कदम पर लोकतंत्र को कमज़ोर किया जा रहा है। चंद्रबाबू नायडू भले ही चुनाव जीत गए हों, लेकिन उन्हें नैतिक हार का सामना करना पड़ा है। हम भले ही चुनाव हार गए हों, लेकिन हमने लोगों का दिल जीत लिया है।' उन्होंने यह भी कहा, 'सत्ता किसी को चुनाव जिताने में तो मदद कर सकती है, लेकिन इससे लोगों का भरोसा नहीं जीता जा सकता।' हालांकि, टीडीपी की ओर से इन आरोपों का खंडन अभी नहीं आया है।
आगे क्या होगा
इस भारी जीत के बाद टीडीपी नेतृत्व राज्य के ग्राम पंचायत से लेकर ज़िला परिषद तक की स्थानीय संस्थाओं पर मज़बूत पकड़ बना चुका है। यह ऐसे समय में आया है जब आंध्र प्रदेश में राजधानी अमरावती के पुनर्निर्माण और विकास परियोजनाओं को लेकर राजनीतिक बहस जारी है। जमीनी स्तर पर इस जनादेश से नायडू सरकार की नीतियों को स्थानीय क्रियान्वयन में गति मिलने की उम्मीद है।