PM मोदी ने राष्ट्रपति मुर्मु से मिलकर दी दिवाली की शुभकामनाएं, बस्तर में जवानों संग मनाया त्योहार
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर 2026 को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से शिष्टाचार भेंट की और उन्हें दिवाली की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। इस भेंट की जानकारी राष्ट्रपति भवन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की।
दिल्ली में उच्च-स्तरीय शुभकामना भेंट
इसी दिन उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने भी राष्ट्रपति भवन पहुँचकर राष्ट्रपति मुर्मु को दिवाली की बधाई दी। यह परंपरागत शिष्टाचार भेंट देश के प्रमुख संवैधानिक पदाधिकारियों के बीच त्योहारी सौहार्द की झलक दर्शाती है।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और उनके परिवार से भी भेंट की तथा उन्हें दीपावली की शुभकामनाएं दीं।
राष्ट्रपति मुर्मु का राष्ट्र के नाम संदेश
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने देशवासियों को दिवाली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारतीय मूल्यों से प्रेरित देश के देशभक्त युवा, 'विकसित भारत' के निर्माण में पूरे उत्साह के साथ अपना योगदान देंगे। उन्होंने देशवासियों के सुख, स्वास्थ्य और समृद्धि की भी कामना की।
राष्ट्रपति मुर्मु ने दिवाली के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा, 'भगवान श्री राम ने जगमगाते दीपों की सुंदर कतारें देखीं... यही दिवाली का सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व है। यह त्योहार 'राम राज्य' की शुभ शुरुआत का भी प्रतीक है... आइए हम पर्यावरण को बचाएं, मिल-जुलकर रहें और भारतीय मूल्यों से प्रेरित हमारे युवा, 'विकसित भारत' के निर्माण में पूरे उत्साह के साथ अपना योगदान दें।'
प्रधानमंत्री का जनता के नाम वीडियो संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर एक वीडियो संदेश पोस्ट कर देशवासियों को दीपावली की बधाई दी। उन्होंने कहा, 'आप सभी को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं। आने वाले समय में आप सभी के जीवन में शांति, समृद्धि और खुशहाली आए, यही मेरी कामना है। मैं भी आप सभी की तरह दीपावली को बहुत उत्साह के साथ मनाता हूं।'
बस्तर में सुरक्षाबलों संग ऐतिहासिक दिवाली
दिल्ली में शिष्टाचार भेंटों के बाद प्रधानमंत्री मोदी छत्तीसगढ़ के बस्तर पहुँचे, जहाँ उन्होंने सुरक्षाकर्मियों के साथ दिवाली मनाई। गौरतलब है कि बस्तर को कई दशकों के बाद नक्सलियों के प्रभाव से मुक्त कराया गया है।
इस मौके पर प्रधानमंत्री ने कहा कि माओवादी आतंक और नक्सली खतरे का खत्म होना, देश की सही नीतियों और मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति की जीत है। बस्तर में सुरक्षाकर्मियों के साथ दिवाली मनाने का यह प्रतीकात्मक कदम नक्सल-विरोधी अभियानों में तैनात जवानों के मनोबल को ऊँचा करने का संकेत माना जा रहा है।
इस प्रकार प्रधानमंत्री मोदी का यह दिवाली कार्यक्रम संवैधानिक शिष्टाचार से लेकर जमीनी जवानों के बीच उपस्थिति तक, कई आयामों को एक साथ समेटे रहा।