PM मोदी बस्तर में सुरक्षा बलों संग मनाएंगे दीपावली, एक्स पर लिखा — 'जवानों के बलिदान को सलाम'
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8 नवंबर 2026 को दीपावली के पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ के बस्तर में तैनात सुरक्षा बलों के साथ पर्व मनाने पहुँच रहे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर जवानों के बलिदान, निस्वार्थ सेवा और देश के प्रति अटूट समर्पण को नमन किया।
PM मोदी का एक्स पोस्ट और बस्तर दौरा
प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा, 'हमारे बहादुर सुरक्षा बलों के साथ दिवाली मनाने के लिए बस्तर जा रहा हूं। यह एक ऐसा इलाका है जहां कभी नक्सलवाद का बोलबाला था और अब विकास फल-फूल रहा है। मैं हमारे बहादुर सुरक्षा कर्मियों को उनके बलिदान, निस्वार्थ सेवा और देश के प्रति अटूट समर्पण के लिए सलाम करने जा रहा हूं।' एक अन्य पोस्ट में उन्होंने लिखा, 'दीपावली के पावन अवसर पर बस्तर जा रहा हूं। कल तक जहां नक्सलियों का कहर था, वहां आज विकास की बहार है। वीर सैनिकों, उनके बलिदान, त्याग और तपस्या को नमन करने जा रहा हूं।'
गौरतलब है कि बस्तर क्षेत्र लंबे समय तक वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित रहा है। सुरक्षा बलों के निरंतर अभियानों के बाद यहाँ की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार आया है, जिसे केंद्र सरकार 'विकास की बहार' के रूप में रेखांकित कर रही है।
देशवासियों को दीपावली की शुभकामनाएं
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर एक अलग पोस्ट में देश भर के नागरिकों को दीपावली की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने लिखा, 'देशभर के अपने परिजनों को दीपावली की असीम शुभकामनाएं।' यह संदेश राष्ट्रीय एकता और पर्व की भावना को दर्शाता है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी जवानों के बीच
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी इस दीपावली सैनिकों के साथ समय बिता रहे हैं। उन्होंने एक्स पर पहले ही बताया था कि दीपावली की पूर्व संध्या पर दार्जिलिंग स्थित बागडोगरा एयरफील्ड और सुकना (सिलीगुड़ी) में भारतीय सेना के जवानों से मुलाकात करेंगे।
8 नवंबर को दीपावली के दिन रक्षा मंत्री सिक्किम स्थित शेरथांग युद्ध स्मारक — जिसे 'वाटरशेड शहीद युद्ध स्मारक' भी कहते हैं — पर देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सपूतों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इस क्षेत्र में तैनात सैनिकों से वे संवाद भी करेंगे।
शेरथांग युद्ध स्मारक का महत्व
शेरथांग युद्ध स्मारक पूर्वी सिक्किम में भारत-चीन सीमा पर नाथू ला दर्रे के निकट स्थित है। यह स्थल राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है और उन सैनिकों की याद में बना है जिन्होंने देश की रक्षा में अपने प्राण न्योछावर किए। रक्षा मंत्री का यह दौरा संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्र में तैनात सैनिकों के मनोबल को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
परंपरा और प्रतीकात्मकता
यह पहली बार नहीं है जब प्रधानमंत्री मोदी दीपावली सैनिकों के साथ मनाने गए हों — वे पिछले वर्षों में भी सीमावर्ती और संवेदनशील इलाकों का दौरा कर चुके हैं। बस्तर में उनकी उपस्थिति यह भी संदेश देती है कि सरकार इस क्षेत्र में सुरक्षा और विकास दोनों को प्राथमिकता देती है। आने वाले दिनों में बस्तर के इस बदलाव को सरकार की नक्सल-विरोधी नीति की सफलता के रूप में रेखांकित किए जाने की संभावना है।