कीर्ति सुरेश का बॉलीवुड अनुभव: 'अक्का' स्टार ने बताया साउथ और हिंदी इंडस्ट्री में काम करने का फर्क
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेत्री कीर्ति सुरेश साउथ फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने के बाद अब बॉलीवुड में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। अपनी आगामी हिंदी फिल्म 'अक्का' के प्रमोशन के दौरान उन्होंने दोनों इंडस्ट्री के काम करने के तरीकों में मौजूद अंतर पर बेबाकी से अपने विचार साझा किए। यह फिल्म यशराज फिल्म्स (YRF) एंटरटेनमेंट के बैनर तले बनी है और नेटफ्लिक्स के ज़रिए दर्शकों तक पहुँचेगी।
प्री-प्रोडक्शन और तैयारी का फर्क
कीर्ति सुरेश ने बताया कि हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में किसी भी प्रोजेक्ट की शुरुआत से पहले प्री-प्रोडक्शन पर विशेष ध्यान दिया जाता है। उनके अनुसार, 'हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में किसी भी प्रोजेक्ट को शुरू करने से पहले प्री-प्रोडक्शन पर काफी ध्यान दिया जाता है, यहां स्क्रिप्ट रीडिंग और तैयारी पर काफी समय लगाया जाता है। कलाकारों को ट्रेनिंग दी जाती है, उन्हें एक-दूसरे से बातचीत करने और बाकी कलाकारों से मिलने का मौका मिलता है।'
इसके विपरीत, उन्होंने साउथ इंडस्ट्री के तरीके को अधिक सहज और स्वाभाविक बताया। कीर्ति ने कहा, 'साउथ में काम करने का तरीका ज़्यादा सहज और स्वाभाविक है। मुझे दोनों ही तरीके पसंद हैं।'
सेट पर पहली मुलाकात की परंपरा
अभिनेत्री ने साउथ इंडस्ट्री की एक दिलचस्प कार्यशैली का ज़िक्र करते हुए बताया कि वहाँ अक्सर कलाकार अपने को-स्टार्स से पहली बार शूटिंग के दिन ही मिलते हैं। उन्होंने कहा, 'साउथ फिल्म इंडस्ट्री में अक्सर कलाकारों की मुलाकात शूटिंग के दिन ही होती है। कई बार उन्हें अपने को-स्टार्स से सेट पर पहली बार मिलने का मौका मिलता है।'
हालाँकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि खास किरदारों के लिए साउथ इंडस्ट्री में भी पर्याप्त तैयारी की जाती है। यह ऐसे समय में उल्लेखनीय है जब साउथ सिनेमा का प्रभाव राष्ट्रीय स्तर पर तेज़ी से बढ़ रहा है और दोनों इंडस्ट्री के बीच सहयोग का दायरा भी विस्तृत हो रहा है।
फिल्म 'अक्का' और किरदार भवानी
निर्देशक धर्मराज शेट्टी द्वारा निर्देशित फिल्म 'अक्का' में कीर्ति सुरेश के साथ राधिका आप्टे भी अहम भूमिका में नज़र आएंगी। फिल्म की अन्य कलाकारों में तन्वी आज़मी, महेश मांजरेकर, अंशुमान पुष्कर और मोनिका पंवार भी शामिल हैं।
कीर्ति ने फिल्म में अपने किरदार भवानी के बारे में कहा, 'भवानी एक ऐसी महिला है, जो अपने सिद्धांतों और पहचान को लेकर पूरी तरह स्पष्ट है। वह अपनी विरासत की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकती है। हालाँकि, उसकी ताकत और अधिकार के पीछे कई ऐसे कठिन फैसले भी छिपे हैं, जिन्हें लेना उसके लिए आसान नहीं है।'
नेटफ्लिक्स के ज़रिए वैश्विक दर्शकों तक पहुँच
कीर्ति सुरेश ने बताया कि फिल्म में भवानी और रुद्रा के किरदारों की ऊर्जा एक-दूसरे से बिल्कुल अलग है, जो कहानी में तनाव और रोमांच की एक नई परत जोड़ती है। उन्होंने कहा, 'नेटफ्लिक्स के ज़रिए इस कहानी को देश और दुनिया के दर्शकों तक पहुँचाने को लेकर मैं काफी उत्साहित हूँ। मुझे उम्मीद है कि दर्शकों को भवानी के किरदार के अलग-अलग पहलुओं को जानना पसंद आएगा।'
गौरतलब है कि साउथ की प्रमुख अभिनेत्रियों का बॉलीवुड में कदम रखना हाल के वर्षों में एक महत्त्वपूर्ण प्रवृत्ति बन चुकी है। 'अक्का' इस दृष्टि से एक और अहम कदम साबित हो सकती है।