चावड़ी बाजार इमारत हादसा: मृतकों की संख्या 7 हुई, दरभंगा के लुछमन मुखिया का शव मलबे से बरामद
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली के चावड़ी बाजार में गुरुवार, 7 नवंबर 2026 को ढही तीन मंजिला इमारत के मलबे से 8 नवंबर को एक और शव निकाला गया, जिससे इस हादसे में मृतकों की कुल संख्या सात हो गई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार नवनिकाले गए शव की पहचान बिहार के दरभंगा जिले के जकौली निवासी लुछमन मुखिया (66) के रूप में की गई है। कानूनी प्रक्रिया के लिए शव को एलएनजेपी अस्पताल भेज दिया गया है।
मुख्य घटनाक्रम
अधिकारियों के अनुसार सुबह 9:50 बजे चावड़ी बाजार मेट्रो स्टेशन के निकट स्थित 'गली सितारा' से इमारत गिरने की सूचना मिली थी। इसके तुरंत बाद दिल्ली पुलिस, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), दिल्ली अग्निशमन सेवा और नगर निगम (एमसीडी) का संयुक्त बचाव अभियान शुरू किया गया। पहले दिन दो शव निकाले गए थे और एक घायल को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया था।
बचाव अभियान के दौरान अब तक छह शव घटनास्थल से निकाले जा चुके हैं। संजीत कुमार, पंकज शर्मा, शांतू और दिनेश शाह — ये चारों बिहार के खगड़िया जिले के निवासी थे; किशोरी शाह सहरसा जिले का रहने वाला था। एक अन्य पीड़ित विपिन राम दिल्ली के फाजिलपुर इलाके का निवासी था।
गिरफ्तारियाँ और एफआईआर
पुलिस ने शनिवार, 8 नवंबर को बताया कि इमारत के मालिक सैमुल्लाह उर्फ अयूब को गिरफ्तार कर लिया गया है। इसके अतिरिक्त फरीदाबाद के सिरोही गाँव से तीन ठेकेदारों — सिराज, ताजुद्दीन और फुरकान — को भी हिरासत में लिया गया है। पुलिस के अनुसार तीनों ठेकेदार दिल्ली के निवासी हैं।
हौज काजी पुलिस स्टेशन में 5 नवंबर को चारों आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 105/290/125(a)/3(5) के अंतर्गत एफआईआर दर्ज की गई है।
प्रशासनिक कार्रवाई
नगर निगम ने इस हादसे की जवाबदेही तय करते हुए अपने जूनियर इंजीनियर (जेई) और असिस्टेंट इंजीनियर (एई) को निलंबित कर दिया है। साथ ही ठेकेदार के खिलाफ भी अलग से एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने पुष्टि की है कि ढही इमारत में चल रहा निर्माण कार्य अवैध था और भवन असुरक्षित घोषित श्रेणी में आता था।
गौरतलब है कि यह इमारत पुरानी दिल्ली के घनी आबादी वाले इलाके में स्थित थी, जहाँ दशकों पुरानी इमारतों में अवैध निर्माण और ओवरलोडिंग की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। यह हादसा ऐसे समय में आया है जब एमसीडी की ओर से जर्जर इमारतों की नियमित जाँच पर सवाल उठाए जाते रहे हैं।
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भरोसा दिलाया है कि मलबे में फंसे किसी भी व्यक्ति को बाहर निकालने के लिए हर संभव प्रयास जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि मामले की जाँच चल रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
आगे की स्थिति
बचाव दल अभी भी मलबे की जाँच कर रहे हैं और आशंका जताई जा रही है कि और पीड़ित मलबे में दबे हो सकते हैं। जाँच एजेंसियाँ इमारत के निर्माण अनुमति रिकॉर्ड और नगर निगम की निरीक्षण प्रक्रिया की भी पड़ताल कर रही हैं।