चावड़ी बाजार इमारत हादसा: दो शव बरामद, दो लोग अब भी मलबे में दबे होने की आशंका
सारांश
मुख्य बातें
पुरानी दिल्ली के चावड़ी बाजार इलाके में 5 नवंबर 2026 को एक चार मंजिला इमारत के ढहने के बाद राहत और बचाव अभियान रात भर जारी रहा। चांदनी चौक के उपज़िलाधिकारी (एसडीएम) मनोज कुमार ने पुष्टि की कि अब तक दो शव मलबे से निकाले जा चुके हैं और उन्हें अस्पताल भेज दिया गया है। कुछ परिजनों का अपने करीबियों से संपर्क न हो पाने के कारण दो और लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है।
हादसे की स्थिति और बचाव में आई बाधाएँ
एसडीएम मनोज कुमार ने बताया कि जिस भूखंड पर यह इमारत खड़ी थी, उसका क्षेत्रफल करीब 60 गज था और उस पर चार मंजिला मकान बना हुआ था। इमारत गिरने के बाद भारी मात्रा में मलबा जमा हो गया, जो बेसमेंट से ऊपरी मंजिल तक फैल गया।
बचाव दल के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह रही कि इमारत की कुछ मंजिलों की दीवारें हवा में अटकी हुई थीं और उनकी ऊँचाई तथा स्थिति ऐसी थी कि वहाँ क्रेन ले जाना संभव नहीं था। इन दीवारों को हटाने के लिए अलग से विशेष इंतज़ाम करने पड़े। इसके साथ ही आसपास की दीवारों से ईंटें लगातार गिर रही थीं, जिससे बचावकर्मियों की जान को भी खतरा था।
इमारत के कुछ कॉलम टेढ़े होकर लटक गए थे, जिससे बचाव दल के लिए अंदर जाने का रास्ता पूरी तरह बाधित हो गया था। टीम ने इन कॉलम को काटकर रास्ता बनाया। रास्ता साफ होने के बाद लैंटर के स्लैब को काटकर मलबे से अलग किया जा रहा है, जो अत्यंत श्रमसाध्य और सावधानी माँगने वाला काम है।
22 लोगों को सुरक्षित निकाला गया
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीम ने मलबे का एक बड़ा हिस्सा हटाकर एक तरफ किया, हालाँकि बेसमेंट में अभी भी कुछ मलबा फंसा हुआ है। इमारत के सामने स्थित एक अन्य मकान में 22 लोग फंसे हुए थे। बचाव दल ने वहाँ तक पहुँचने का रास्ता साफ करके सभी 22 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
दो और लोगों के फंसे होने की आशंका
एसडीएम मनोज कुमार ने बताया कि शुरुआत में करंट स्क्वाड की ओर से और लोगों के फंसे होने की आशंका को खारिज किया गया था। लेकिन बाद में ऐसे लोगों की जानकारी सामने आई जिनके परिजन घटनास्थल पर नहीं मिल रहे हैं और उनके फोन भी नहीं लग रहे हैं। इसी आधार पर दो लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक बचाव अभियान पूरा नहीं हो जाता, ऑपरेशन बंद नहीं किया जाएगा।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और बिल्डर माफिया पर सवाल
आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक कुलदीप कुमार ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उन्होंने जिलाधिकारी से बात की और उन्हें बताया गया कि दो लोगों के अंदर फंसे होने की आशंका है तथा तीन लोगों के परिवार के सदस्य घटनास्थल पर मौजूद हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 12 घंटे बाद भी बचाव अभियान पूरा नहीं हो पाया है।
चावड़ी बाजार से AAP की पार्षद राफिया माही ने MCD क्षेत्र में कथित बिल्डर माफिया की गतिविधियों पर सवाल उठाया। उन्होंने दावा किया कि इमारत के तीन फ्लोर पर निर्माण कार्य चल रहा था। गौरतलब है कि पुरानी दिल्ली के घनी आबादी वाले इलाकों में अवैध निर्माण और पुरानी इमारतों के ढहने की घटनाएँ लंबे समय से चिंता का विषय रही हैं।
आगे क्या होगा
बचाव दल रात भर काम जारी रखेगा और सुबह तक अभियान के पूरा होने की उम्मीद जताई जा रही है। मलबे में दबे संभावित लोगों की तलाश प्राथमिकता पर है। साथ ही इस हादसे के कारणों और इमारत के निर्माण की वैधता को लेकर भी जाँच की माँग उठने लगी है।