5 नवंबर 2026
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चावड़ी बाजार इमारत हादसा: दो शव बरामद, दो लोग अब भी मलबे में दबे होने की आशंका

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चावड़ी बाजार इमारत हादसा: दो शव बरामद, दो लोग अब भी मलबे में दबे होने की आशंका

सारांश

पुरानी दिल्ली के चावड़ी बाजार में चार मंजिला इमारत ढही, दो लोगों की मौत की पुष्टि और दो अन्य के मलबे में दबे होने की आशंका। NDRF की टीम रात भर रेस्क्यू में जुटी है। AAP पार्षद ने बिल्डर माफिया पर सवाल उठाए, कहा — तीन फ्लोर पर चल रहा था अवैध निर्माण।

मुख्य बातें

चावड़ी बाजार , पुरानी दिल्ली में 5 नवंबर 2026 को एक चार मंजिला इमारत ढह गई।
मलबे से अब तक दो शव बरामद किए गए हैं; दो और लोगों के फंसे होने की आशंका।
इमारत के सामने फंसे 22 लोगों को NDRF ने सुरक्षित बाहर निकाला।
इमारत 60 गज के भूखंड पर बनी थी; AAP पार्षद राफिया माही ने दावा किया कि तीन फ्लोर पर अवैध निर्माण जारी था।
AAP विधायक कुलदीप कुमार ने 12 घंटे बाद भी ऑपरेशन पूरा न होने पर प्रशासन को घेरा।
एसडीएम मनोज कुमार के अनुसार बचाव अभियान सुबह तक जारी रहेगा।

पुरानी दिल्ली के चावड़ी बाजार इलाके में 5 नवंबर 2026 को एक चार मंजिला इमारत के ढहने के बाद राहत और बचाव अभियान रात भर जारी रहा। चांदनी चौक के उपज़िलाधिकारी (एसडीएम) मनोज कुमार ने पुष्टि की कि अब तक दो शव मलबे से निकाले जा चुके हैं और उन्हें अस्पताल भेज दिया गया है। कुछ परिजनों का अपने करीबियों से संपर्क न हो पाने के कारण दो और लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है।

हादसे की स्थिति और बचाव में आई बाधाएँ

एसडीएम मनोज कुमार ने बताया कि जिस भूखंड पर यह इमारत खड़ी थी, उसका क्षेत्रफल करीब 60 गज था और उस पर चार मंजिला मकान बना हुआ था। इमारत गिरने के बाद भारी मात्रा में मलबा जमा हो गया, जो बेसमेंट से ऊपरी मंजिल तक फैल गया।

बचाव दल के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह रही कि इमारत की कुछ मंजिलों की दीवारें हवा में अटकी हुई थीं और उनकी ऊँचाई तथा स्थिति ऐसी थी कि वहाँ क्रेन ले जाना संभव नहीं था। इन दीवारों को हटाने के लिए अलग से विशेष इंतज़ाम करने पड़े। इसके साथ ही आसपास की दीवारों से ईंटें लगातार गिर रही थीं, जिससे बचावकर्मियों की जान को भी खतरा था।

इमारत के कुछ कॉलम टेढ़े होकर लटक गए थे, जिससे बचाव दल के लिए अंदर जाने का रास्ता पूरी तरह बाधित हो गया था। टीम ने इन कॉलम को काटकर रास्ता बनाया। रास्ता साफ होने के बाद लैंटर के स्लैब को काटकर मलबे से अलग किया जा रहा है, जो अत्यंत श्रमसाध्य और सावधानी माँगने वाला काम है।

22 लोगों को सुरक्षित निकाला गया

राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीम ने मलबे का एक बड़ा हिस्सा हटाकर एक तरफ किया, हालाँकि बेसमेंट में अभी भी कुछ मलबा फंसा हुआ है। इमारत के सामने स्थित एक अन्य मकान में 22 लोग फंसे हुए थे। बचाव दल ने वहाँ तक पहुँचने का रास्ता साफ करके सभी 22 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

दो और लोगों के फंसे होने की आशंका

एसडीएम मनोज कुमार ने बताया कि शुरुआत में करंट स्क्वाड की ओर से और लोगों के फंसे होने की आशंका को खारिज किया गया था। लेकिन बाद में ऐसे लोगों की जानकारी सामने आई जिनके परिजन घटनास्थल पर नहीं मिल रहे हैं और उनके फोन भी नहीं लग रहे हैं। इसी आधार पर दो लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक बचाव अभियान पूरा नहीं हो जाता, ऑपरेशन बंद नहीं किया जाएगा।

राजनीतिक प्रतिक्रिया और बिल्डर माफिया पर सवाल

आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक कुलदीप कुमार ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उन्होंने जिलाधिकारी से बात की और उन्हें बताया गया कि दो लोगों के अंदर फंसे होने की आशंका है तथा तीन लोगों के परिवार के सदस्य घटनास्थल पर मौजूद हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 12 घंटे बाद भी बचाव अभियान पूरा नहीं हो पाया है।

चावड़ी बाजार से AAP की पार्षद राफिया माही ने MCD क्षेत्र में कथित बिल्डर माफिया की गतिविधियों पर सवाल उठाया। उन्होंने दावा किया कि इमारत के तीन फ्लोर पर निर्माण कार्य चल रहा था। गौरतलब है कि पुरानी दिल्ली के घनी आबादी वाले इलाकों में अवैध निर्माण और पुरानी इमारतों के ढहने की घटनाएँ लंबे समय से चिंता का विषय रही हैं।

आगे क्या होगा

बचाव दल रात भर काम जारी रखेगा और सुबह तक अभियान के पूरा होने की उम्मीद जताई जा रही है। मलबे में दबे संभावित लोगों की तलाश प्राथमिकता पर है। साथ ही इस हादसे के कारणों और इमारत के निर्माण की वैधता को लेकर भी जाँच की माँग उठने लगी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

पुरानी इमारतें और कथित अवैध निर्माण एक विस्फोटक मिश्रण बनाते हैं। AAP पार्षद का 'बिल्डर माफिया' वाला आरोप और तीन फ्लोर पर चल रहे निर्माण का दावा — अगर सही साबित हुआ — तो यह सवाल उठाता है कि MCD और दिल्ली प्रशासन की निगरानी व्यवस्था कहाँ चूकी। 12 घंटे बाद भी ऑपरेशन का जारी रहना बचाव तंत्र की सीमाओं को उजागर करता है, लेकिन यह भी बताता है कि मलबे की जटिलता असाधारण थी। असली जवाबदेही तब तय होगी जब यह स्पष्ट हो कि इमारत को 'खतरनाक' घोषित करने की प्रक्रिया क्यों नहीं चली — और कौन ज़िम्मेदार है।
RashtraPress
5 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चावड़ी बाजार इमारत हादसे में अब तक कितने लोगों की मौत हुई है?
एसडीएम मनोज कुमार की पुष्टि के अनुसार अब तक दो शव मलबे से निकाले गए हैं और उन्हें अस्पताल भेज दिया गया है। दो और लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है क्योंकि उनके परिजनों का उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा।
चावड़ी बाजार में कौन सी इमारत गिरी और वह कितनी बड़ी थी?
पुरानी दिल्ली के चावड़ी बाजार इलाके में करीब 60 गज के भूखंड पर बनी एक चार मंजिला इमारत 5 नवंबर 2026 को ढह गई। इमारत के तीन फ्लोर पर निर्माण कार्य चल रहा था, ऐसा AAP पार्षद राफिया माही का दावा है।
चावड़ी बाजार हादसे में बचाव अभियान में इतनी देरी क्यों हुई?
बचाव दल को कई बाधाओं का सामना करना पड़ा — इमारत की दीवारें हवा में लटकी होने से क्रेन ले जाना संभव नहीं था, टेढ़े कॉलम रास्ता रोक रहे थे और आसपास से लगातार ईंटें गिरने से कर्मचारियों की जान को खतरा था। सभी खतरों को दूर करने के बाद ही अंदर जाना संभव हुआ।
NDRF ने चावड़ी बाजार हादसे में कितने लोगों को बचाया?
NDRF की टीम ने इमारत के सामने स्थित एक मकान में फंसे 22 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। मलबे का बड़ा हिस्सा हटा दिया गया है, हालाँकि बेसमेंट में अभी कुछ मलबा बाकी है।
AAP नेताओं ने चावड़ी बाजार हादसे पर क्या कहा?
AAP विधायक कुलदीप कुमार ने आरोप लगाया कि 12 घंटे बाद भी बचाव अभियान पूरा नहीं हुआ। AAP पार्षद राफिया माही ने MCD क्षेत्र में कथित बिल्डर माफिया पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि इमारत के तीन फ्लोर पर निर्माण कार्य चल रहा था।
राष्ट्र प्रेस
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