5 नवंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

विश्व खुलापन रिपोर्ट 2026 जारी: विकासशील देशों में चीन शीर्ष पर, 10 वर्षों की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
विश्व खुलापन रिपोर्ट 2026 जारी: विकासशील देशों में चीन शीर्ष पर, 10 वर्षों की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज

सारांश

शांगहाई में 'विश्व खुलापन रिपोर्ट 2026' जारी हुई — 2025 में वैश्विक खुलापन सूचकांक में 10 साल की सबसे बड़ी गिरावट, लेकिन विकासशील देशों में चीन सबसे ऊपर। पहली बार 'चीन को निर्यात क्षमता विकास रिपोर्ट' भी जारी हुई, जो वैश्विक दक्षिण को लक्षित करती है।

मुख्य बातें

5 नवंबर 2026 को शांगहाई के राष्ट्रीय प्रदर्शनी एवं कन्वेंशन केंद्र में 'विश्व खुलापन रिपोर्ट 2026' जारी की गई।
2025 में विश्व खुलापन सूचकांक में पिछले करीब 10 वर्षों की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई।
उभरती और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के खुलापन सूचकांक में सालाना आधार पर वृद्धि हुई; चीन विकासशील देशों में अग्रणी।
पहली बार 'चीन को निर्यात क्षमता विकास रिपोर्ट' जारी की गई, विशेष रूप से वैश्विक दक्षिण के देशों को लक्षित।
संगोष्ठी में 200 से अधिक अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
यह रिपोर्ट होंगछ्याओ मंच द्वारा लगातार छठे साल जारी की गई है।

शांगहाई के राष्ट्रीय प्रदर्शनी एवं कन्वेंशन केंद्र में 5 नवंबर 2026 को 'विश्व खुलापन रिपोर्ट 2026' औपचारिक रूप से जारी की गई, जिसमें चेतावनी दी गई है कि 2025 में वैश्विक खुलापन सूचकांक ने पिछले करीब 10 वर्षों की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की। रिपोर्ट के अनुसार, हालाँकि समग्र वैश्विक रुझान नकारात्मक रहा, चीन विकासशील देशों की श्रेणी में खुलेपन के मामले में अग्रणी बना हुआ है।

संगोष्ठी और रिपोर्ट का पृष्ठभूमि

यह रिपोर्ट होंगछ्याओ अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक मंच के तत्वावधान में लगातार छठे साल जारी की गई है। रिपोर्ट के अनावरण के साथ-साथ एक अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी भी आयोजित हुई, जिसमें अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों, सरकारी अधिकारियों, विद्वानों, कारोबारी नेताओं और मीडियाकर्मियों सहित 200 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया।

संगोष्ठी में वैश्विक अर्थव्यवस्था के समक्ष घटते विश्वास और धीमी वृद्धि की चुनौतियों के संदर्भ में आपसी भरोसे को मज़बूत करने और खुले बहुपक्षीय सहयोग को प्रोत्साहित करने पर विशेष ज़ोर दिया गया।

रिपोर्ट के मुख्य निष्कर्ष

रिपोर्ट के आँकड़ों के अनुसार, 2025 में विश्व खुलापन सूचकांक में आई गिरावट पिछले करीब एक दशक में सबसे तीव्र रही। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक व्यापार पर भू-राजनीतिक तनाव और संरक्षणवादी नीतियों का दबाव बढ़ रहा है। गौरतलब है कि समग्र नकारात्मक रुझान के बावजूद उभरती और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के खुलापन सूचकांक में सालाना आधार पर वृद्धि दर्ज की गई।

चीन के संदर्भ में रिपोर्ट का कहना है कि उसका खुलापन स्तर विकासशील देशों की श्रेणी में सबसे ऊपर बना हुआ है — हालाँकि आलोचकों का कहना है कि चीन के व्यापार ढाँचे में पारदर्शिता और बाज़ार पहुँच को लेकर पश्चिमी देशों की चिंताएँ अब भी बनी हैं।

नई पहल: चीन को निर्यात क्षमता विकास रिपोर्ट

इसी अवसर पर 9वें होंगछ्याओ अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक मंच में पहली बार 'चीन को निर्यात क्षमता विकास रिपोर्ट' भी जारी की गई। इस रिपोर्ट में चीन के आयात ढाँचे, व्यापारिक संस्थाओं, बाज़ार की माँग और नीतिगत व्यवस्था के आधार पर उसके विशाल बाज़ार में उपलब्ध अवसरों का विश्लेषण किया गया है।

रिपोर्ट में विभिन्न व्यापारिक साझेदारों की निर्यात संरचना और उनके उत्पादों की चीनी बाज़ार के साथ अनुकूलता का अध्ययन करते हुए अपने निर्यात बढ़ाने के इच्छुक देशों को व्यावहारिक सुझाव भी दिए गए हैं। यह पहल विशेष रूप से वैश्विक दक्षिण के देशों को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है।

वैश्विक संदर्भ और आगे की राह

इस रिपोर्ट का जारी होना ऐसे समय में हुआ है जब विश्व व्यापार संगठन (WTO) और अन्य बहुपक्षीय मंच संरक्षणवाद की बढ़ती प्रवृत्ति को लेकर चिंता जता रहे हैं। होंगछ्याओ मंच ने इस वर्ष पहली बार 'दो प्रमुख रिपोर्टें' एक साथ जारी करने की नई पहल शुरू की है, जिसे मंच की बढ़ती वैश्विक भूमिका के रूप में देखा जा रहा है।

आने वाले समय में यह देखना महत्त्वपूर्ण होगा कि क्या इस रिपोर्ट के निष्कर्ष अन्य देशों की व्यापार नीतियों को प्रभावित करते हैं और वैश्विक दक्षिण के देश चीन के बाज़ार में अपनी उपस्थिति बढ़ाने के लिए इन सुझावों का किस हद तक लाभ उठा पाते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो इसके निष्कर्षों को एक खास नज़रिये से देखने की माँग करता है — विशेषकर जब वह चीन को ही विकासशील दुनिया का सबसे 'खुला' अर्थतंत्र घोषित करती है, जबकि पश्चिमी देश और WTO चीन की बाज़ार पहुँच सीमाओं पर सवाल उठाते रहे हैं। वैश्विक खुलापन सूचकांक में 10 वर्षों की सबसे बड़ी गिरावट का निष्कर्ष वास्तविक चिंता का विषय है, लेकिन इसकी व्याख्या किस पक्ष के हित में की जा रही है, यह भी उतना ही महत्त्वपूर्ण है। भारत जैसे देशों के लिए इस रिपोर्ट के निहितार्थ दोहरे हैं — एक ओर वैश्विक व्यापार में सहयोग का अवसर, दूसरी ओर चीनी बाज़ार-निर्भरता के जोखिम।
RashtraPress
5 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विश्व खुलापन रिपोर्ट 2026 क्या है?
यह होंगछ्याओ अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक मंच द्वारा लगातार छठे साल जारी की गई वार्षिक रिपोर्ट है, जो वैश्विक व्यापार खुलेपन के रुझानों का विश्लेषण करती है। इस वर्ष की रिपोर्ट में 2025 के वैश्विक खुलापन सूचकांक में पिछले करीब 10 वर्षों की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।
विश्व खुलापन सूचकांक में गिरावट क्यों आई?
रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक अर्थव्यवस्था के सामने घटते विश्वास और विकास से जुड़ी चुनौतियाँ इस गिरावट के प्रमुख कारण रहे। भू-राजनीतिक तनाव और संरक्षणवादी नीतियों के बढ़ते प्रभाव को भी इसके लिए ज़िम्मेदार माना जा रहा है।
विकासशील देशों में चीन की स्थिति क्या है?
रिपोर्ट के मुताबिक, चीन का खुलापन स्तर विकासशील देशों की श्रेणी में सबसे आगे बना हुआ है। साथ ही उभरती और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के खुलापन सूचकांक में समग्र रूप से सालाना आधार पर वृद्धि दर्ज की गई है।
'चीन को निर्यात क्षमता विकास रिपोर्ट' क्या है और इसका उद्देश्य क्या है?
यह पहली बार जारी की गई एक नई रिपोर्ट है, जो चीन के आयात ढाँचे और बाज़ार की माँग का विश्लेषण करते हुए अन्य देशों — विशेष रूप से वैश्विक दक्षिण के देशों — को चीनी बाज़ार में अपना निर्यात बढ़ाने के लिए व्यावहारिक सुझाव देती है। इसका उद्देश्य अधिक देशों को चीन के विशाल बाज़ार का लाभ उठाने में मदद करना है।
होंगछ्याओ अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक मंच का यह संस्करण कौन सा था?
शांगहाई में आयोजित यह होंगछ्याओ अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक मंच का 9वाँ संस्करण था। इस बार मंच ने पहली बार एक साथ दो प्रमुख रिपोर्टें जारी करने की नई पहल शुरू की।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 6 महीने पहले
  3. 7 महीने पहले
  4. 8 महीने पहले
  5. 10 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले