महाराष्ट्र भर्ती परीक्षाओं में 1 साल की आयु छूट, दिसंबर 2027 तक लागू; हजारों उम्मीदवारों को राहत
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र सरकार ने 5 नवंबर 2026 को राज्य की सरकारी भर्ती परीक्षाओं में अधिकतम आयु सीमा में एक वर्ष की एकमुश्त छूट देने का फैसला किया, जो 31 दिसंबर 2027 तक प्रभावी रहेगी। सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) द्वारा जारी सरकारी प्रस्ताव (जीआर) के अनुसार, यह राहत महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) समेत राज्य की अन्य भर्ती एजेंसियों के माध्यम से आयोजित परीक्षाओं पर लागू होगी। लगातार विरोध प्रदर्शनों और एक उच्च-स्तरीय समिति की सिफारिशों के बाद सरकार का यह निर्णय सामने आया है।
छूट की प्रमुख शर्तें और दायरा
1 जनवरी 2026 से 5 नवंबर 2026 के बीच जारी एमपीएससी के उन विज्ञापनों पर यह छूट लागू होगी, जिनकी चयन प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हुई है। इसके अलावा, 5 नवंबर 2026 से 31 दिसंबर 2027 के बीच एमपीएससी और अन्य राज्य भर्ती एजेंसियों द्वारा जारी सभी नए विज्ञापनों में बढ़ी हुई आयु सीमा स्वतः लागू मानी जाएगी।
जीआर में स्पष्ट किया गया है कि यह छूट उन पदों पर भी मान्य होगी जहाँ विशिष्ट सेवा भर्ती नियमों के तहत निर्धारित अधिकतम आयु सीमा, 25 अप्रैल 2016 के सरकारी प्रस्ताव में तय मानक आयु सीमा से भिन्न है। 1 जनवरी 2028 या उसके बाद जारी होने वाले विज्ञापनों पर यह छूट लागू नहीं होगी, और तब मानक आयु सीमा फिर से प्रभावी हो जाएगी।
नए पात्र उम्मीदवारों को मिलेगा आवेदन का मौका
जीआर में एमपीएससी को निर्देशित किया गया है कि वह उन उम्मीदवारों के लिए विशेष प्रावधान करे, जो इस छूट के कारण नए सिरे से पात्र हो गए हैं, लेकिन पहले आवेदन नहीं कर सके थे। ऐसे उम्मीदवारों को अपना आवेदन जमा करने का एक अतिरिक्त अवसर दिया जाएगा।
गौरतलब है कि आधिकारिक विज्ञापनों में बार-बार देरी के कारण कई उम्मीदवार परीक्षा में बैठने का मौका मिलने से पहले ही अधिकतम आयु सीमा पार कर चुके थे। यह विडंबना थी कि सरकारी तंत्र की सुस्ती की कीमत उम्मीदवार चुका रहे थे।
आंदोलन और विरोध की पृष्ठभूमि
सरकार का यह फैसला पुणे सहित राज्य भर के शिक्षा केंद्रों में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों के लगातार विरोध प्रदर्शनों के बाद आया है। जनवरी 2026 में पुणे में ग्रुप-बी नॉन-गजेटेड प्रारंभिक परीक्षा से पहले हजारों उम्मीदवारों ने प्रदर्शन किया था, जिसमें पुलिस सब-इंस्पेक्टर (पीएसआई) भर्ती में आयु सीमा छूट और कट-ऑफ तारीख संशोधन की मुख्य माँग थी।
यह दूसरी बार है जब राज्य सरकार ने ऐसी एकमुश्त छूट दी है। इससे पहले दिसंबर 2024 में भी आरक्षण नीति में बदलाव के कारण चयन प्रक्रिया में देरी होने पर इसी प्रकार की छूट दी गई थी। यह एक पैटर्न की ओर संकेत करता है — भर्ती प्रक्रिया में संरचनात्मक देरी की समस्या एकमुश्त राहत से नहीं, बल्कि प्रणालीगत सुधारों से हल होनी चाहिए।
ग्रुप-के परीक्षा में पदों की संख्या बढ़ाने की सिफारिश
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी-एसपी) के विधायक रोहित पवार ने सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर जानकारी दी कि एमपीएससी छात्र सत्याग्रह आंदोलन की प्रमुख माँग — 3 जनवरी 2027 को होने वाली ग्रुप-के परीक्षा में लगभग 18,000 पदों को शामिल करना — के संदर्भ में पिछले हफ्ते मुख्य सचिव के साथ बैठक हुई थी।
पवार ने बताया कि एक उच्च-स्तरीय समिति ने ग्रुप-के परीक्षा में पदों की संख्या लगभग 11,000 और बढ़ाने की सिफारिश की है, जिससे कुल 16,000 पदों पर भर्ती होगी। उन्होंने कहा कि एमपीएससी जल्द ही इस संबंध में एक शुद्धिपत्र जारी करेगा।
आगे की राह
सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह छूट उस उच्च-स्तरीय समिति की सिफारिशों के अनुरूप है, जिसे महाराष्ट्र की भर्ती परीक्षा प्रणाली में संरचनात्मक सुधारों का सुझाव देने के लिए गठित किया गया था। अब देखना यह होगा कि 31 दिसंबर 2027 की समयसीमा के भीतर भर्ती प्रक्रियाएँ समय पर पूरी होती हैं या नहीं, क्योंकि यही असली कसौटी है।