25 सितंबर 2026
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एमपीएससी परीक्षा स्थगन की मांग: आदित्य ठाकरे ने राज्यपाल वर्मा को सौंपा ज्ञापन

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एमपीएससी परीक्षा स्थगन की मांग: आदित्य ठाकरे ने राज्यपाल वर्मा को सौंपा ज्ञापन

सारांश

एमपीएससी पेपर लीक विवाद के बीच आदित्य ठाकरे ने राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा को ज्ञापन सौंपकर राज्यसेवा मुख्य परीक्षा स्थगित करने और उम्मीदवारों को आयु में छूट देने की माँग की। वी राधा समिति की रिपोर्ट का इंतजार किए बिना परीक्षा कराना हजारों युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय होगा।

मुख्य बातें

आदित्य ठाकरे ने 25 सितंबर 2026 को महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा को एमपीएससी परीक्षा स्थगन की माँग संबंधी ज्ञापन सौंपा।
एमपीएससी राज्यसेवा मुख्य परीक्षा 2026 अगले महीने निर्धारित है; माँग है कि वी राधा समिति की रिपोर्ट लागू होने तक इसे टाला जाए।
उम्मीदवारों को परीक्षा विलंब के कारण हुए नुकसान की भरपाई के लिए आयु में छूट देने की भी माँग की गई।
11 सितंबर को भी ठाकरे ने राज्यपाल से मिलकर एमपीएससी अध्यक्ष विवेक भीमनवार के इस्तीफे की माँग की थी।
पेपर लीक के खिलाफ उम्मीदवारों का आंदोलन जारी है और भीमनवार के इस्तीफे की माँग तेज हो रही है।

शिवसेना विधायक और वर्ली से विधानसभा नेता आदित्य ठाकरे ने 25 सितंबर 2026 को महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा को एक औपचारिक ज्ञापन सौंपकर महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) की आगामी परीक्षा स्थगित करने की माँग की। ज्ञापन में हजारों उम्मीदवारों की चिंताओं को उजागर करते हुए तत्काल राज्यपाल हस्तक्षेप का आग्रह किया गया। यह कदम ऐसे समय आया है जब एमपीएससी पेपर लीक के विरोध में उम्मीदवारों का आंदोलन जारी है।

मुख्य माँगें

ठाकरे ने राज्यपाल के समक्ष दो प्रमुख माँगें रखीं। पहली — वी राधा समिति की रिपोर्ट प्राप्त होने और लागू होने तक एमपीएससी राज्यसेवा मुख्य परीक्षा 2026 को स्थगित किया जाए, जो अगले महीने होने वाली है। दूसरी — परीक्षा स्थगन के कारण शैक्षणिक या करियर संबंधी नुकसान झेल रहे उम्मीदवारों को आयु में छूट या रियायत दी जाए।

ठाकरे ने कहा कि एमपीएससी की तैयारी करने वाले छात्रों की माँगें एक बार फिर पत्र के माध्यम से राज्यपाल के समक्ष रखी गई हैं। उनके अनुसार, 'बार-बार हो रहे पेपर लीक और इसके परिणामस्वरूप छात्रों को हो रही परेशानियों का समाधान खोजना आवश्यक है। वर्तमान स्थिति में, सरकार केवल छात्रों को झूठे आश्वासन दे रही है।'

पृष्ठभूमि: पहले भी उठाया था मुद्दा

गौरतलब है कि यह ठाकरे की पहली ऐसी पहल नहीं है। उन्होंने 11 सितंबर को भी राज्यपाल वर्मा से मुलाकात कर एमपीएससी और सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर गहरी चिंता जताई थी। उस समय उन्होंने प्रशासनिक खामियों की जवाबदेही का हवाला देते हुए एमपीएससी बोर्ड के अध्यक्ष विवेक भीमनवार के इस्तीफे की माँग की थी।

यह ऐसे समय में आया है जब उम्मीदवार पेपर लीक के खिलाफ सड़कों पर हैं और भीमनवार के इस्तीफे की माँग तेज हो रही है। आयोग के कामकाज और नेतृत्व को लेकर अविश्वास और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।

वी राधा टास्क फोर्स की भूमिका

वी राधा के नेतृत्व वाली टास्क फोर्स इन दिनों राज्य का दौरा कर छात्रों, उम्मीदवारों और सभी हितधारकों से राय ले रही है। इसका उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं में सुधार और पारदर्शिता लाने की सिफारिशें तैयार करना है। ठाकरे का तर्क है कि जब तक इस समिति की रिपोर्ट सामने न आ जाए और उसे लागू न किया जाए, तब तक परीक्षा कराना उचित नहीं होगा।

उम्मीदवारों पर असर

एमपीएससी राज्यसेवा मुख्य परीक्षा में हर साल हजारों उम्मीदवार बैठते हैं, जिनमें से कई वर्षों की तैयारी के बाद भी पेपर लीक जैसी अनियमितताओं के चलते अपने करियर में पिछड़ जाते हैं। आयु सीमा पार होने के कारण कई युवाओं के लिए यह अंतिम अवसर होता है। ठाकरे ने इसी संवेदनशील पहलू को उठाते हुए राज्यपाल से 'सहानुभूतिपूर्ण और निर्णायक रुख' अपनाने की अपील की।

क्या होगा आगे

ठाकरे ने अपने पत्र में यह भी कहा कि त्वरित कार्रवाई से एमपीएससी प्रणाली में जनता का विश्वास फिर से कायम करने में मदद मिलेगी और समान न्याय सुनिश्चित होगा। अब सबकी नजरें राज्यपाल वर्मा और राज्य सरकार पर होंगी कि वे इस ज्ञापन पर क्या रुख अपनाते हैं और वी राधा समिति की रिपोर्ट कब तक सार्वजनिक होती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके पीछे उन लाखों युवाओं की पीड़ा है जो आयु सीमा और परीक्षा अनिश्चितता के बीच पिस रहे हैं। असली सवाल यह है कि वी राधा समिति की रिपोर्ट कब आएगी और क्या सरकार उसे लागू करने की राजनीतिक इच्छाशक्ति दिखाएगी — क्योंकि अब तक के आश्वासन खोखले साबित हुए हैं। परीक्षा स्थगन एक अल्पकालिक राहत हो सकती है, लेकिन बिना संरचनात्मक सुधार के यह संकट बार-बार लौटता रहेगा।
RashtraPress
25 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आदित्य ठाकरे ने एमपीएससी परीक्षा स्थगित करने की माँग क्यों की?
ठाकरे ने यह माँग इसलिए की क्योंकि एमपीएससी में बार-बार पेपर लीक हो रहे हैं और वी राधा समिति सुधार की सिफारिशें तैयार कर रही है। उनका तर्क है कि जब तक समिति की रिपोर्ट लागू न हो, परीक्षा कराना उम्मीदवारों के साथ अन्याय होगा।
वी राधा समिति क्या है और इसकी भूमिका क्या है?
वी राधा के नेतृत्व में गठित यह टास्क फोर्स महाराष्ट्र में प्रतियोगी परीक्षाओं में सुधार और पारदर्शिता लाने की सिफारिशें तैयार करने के लिए राज्यभर में हितधारकों से राय ले रही है। इसकी रिपोर्ट आने के बाद ही सुधार की दिशा तय होगी।
एमपीएससी राज्यसेवा मुख्य परीक्षा 2026 कब होने वाली है?
एमपीएससी राज्यसेवा मुख्य परीक्षा 2026 अगले महीने निर्धारित है। ठाकरे ने माँग की है कि वी राधा समिति की रिपोर्ट लागू होने तक इसे स्थगित किया जाए।
उम्मीदवारों को आयु में छूट क्यों माँगी जा रही है?
बार-बार परीक्षा स्थगन और पेपर लीक के कारण कई उम्मीदवार सरकारी नौकरी के लिए निर्धारित आयु सीमा पार कर चुके हैं या पार होने के कगार पर हैं। ठाकरे का कहना है कि यह नुकसान उम्मीदवारों की गलती नहीं, इसलिए उन्हें आयु में रियायत मिलनी चाहिए।
एमपीएससी अध्यक्ष विवेक भीमनवार के इस्तीफे की माँग क्यों हो रही है?
पेपर लीक की घटनाओं और आयोग की विश्वसनीयता पर उठे सवालों के कारण उम्मीदवार और विपक्षी नेता भीमनवार के इस्तीफे की माँग कर रहे हैं। ठाकरे ने 11 सितंबर को राज्यपाल से मुलाकात में भी प्रशासनिक जवाबदेही का हवाला देते हुए यही माँग उठाई थी।
राष्ट्र प्रेस
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