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एमपीएससी सुधार पर जयंत पाटिल का समर्थन — पेपर लीक रोकने और अध्यक्ष के इस्तीफे की उठाई माँग

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एमपीएससी सुधार पर जयंत पाटिल का समर्थन — पेपर लीक रोकने और अध्यक्ष के इस्तीफे की उठाई माँग

सारांश

एनसीपी (एसपी) नेता जयंत पाटिल ने एमपीएससी प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ खड़े होते हुए पेपर लीक की बढ़ती घटनाओं को 'असामान्य' बताया और सरकार से आयोग की कार्यप्रणाली में तत्काल सुधार की माँग की। छात्र एमपीएससी अध्यक्ष का इस्तीफा चाहते हैं।

मुख्य बातें

NCP (SP) नेता जयंत पाटिल ने 6 अक्टूबर 2026 को एमपीएससी प्रदर्शनकारी छात्रों का समर्थन किया।
छात्रों की प्रमुख माँग — एमपीएससी अध्यक्ष का इस्तीफा और आयोग की कार्यप्रणाली में सुधार।
पाटिल ने कहा कि करीब 15 वर्षों के उनके राजनीतिक अनुभव में इस पैमाने पर पेपर लीक नहीं देखे गए।
पाटिल ने राहुल गांधी की देशव्यापी विरोध सक्रियता की भी सराहना की और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग वाले मार्च का उल्लेख किया।
पाटिल ने महाराष्ट्र सरकार से छात्रों की शिकायतों पर गंभीरता से ध्यान देने की अपील की।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल ने 6 अक्टूबर 2026 को महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (एमपीएससी) की कार्यप्रणाली में सुधार की माँग करते हुए प्रदर्शनकारी छात्रों के आंदोलन को खुला समर्थन दिया। उन्होंने राज्य सरकार से अपील की कि वह छात्रों की शिकायतों को गंभीरता से ले और आयोग के कामकाज में पारदर्शिता सुनिश्चित करे।

छात्रों की मुख्य माँगें

प्रदर्शनकारी छात्र एमपीएससी अध्यक्ष के इस्तीफे की माँग कर रहे हैं। पाटिल ने इस माँग का उल्लेख करते हुए कहा कि छात्रों की बुनियादी अपेक्षा यह है कि आयोग के काम करने के तरीके में आमूल बदलाव लाया जाए। उन्होंने स्वीकार किया कि बार-बार सामने आ रहे पेपर लीक के मामले अत्यंत चिंताजनक हैं और इन्हें तुरंत रोका जाना चाहिए।

पेपर लीक पर ऐतिहासिक संदर्भ

पाटिल ने अपने राजनीतिक अनुभव का हवाला देते हुए कहा कि महाराष्ट्र में उनकी पार्टी की सरकार के दौरान — जो करीब 15 वर्षों तक रही — या उससे पहले भी इस पैमाने पर पेपर लीक की घटनाएँ सामने नहीं आती थीं। उन्होंने कहा कि एमपीएससी कई वर्षों से काम कर रहा है, लेकिन हाल के वर्षों में जिस तरह परीक्षा-प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठे हैं, वह असामान्य है। गौरतलब है कि एमपीएससी परीक्षाओं में बार-बार हुई अनियमितताओं ने हजारों युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया है और यह आंदोलन उसी व्यापक असंतोष की अभिव्यक्ति है।

राहुल गांधी की सक्रियता पर प्रतिक्रिया

पाटिल ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के देशव्यापी विरोध कार्यक्रमों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जिस तरह 'विरोध के मोड' में आए हैं, उसका प्रभाव दिन-ब-दिन बढ़ता दिखाई दे रहा है। पाटिल ने यह भी उल्लेख किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग को लेकर निकाले गए मार्च में भी यह सक्रियता दिखी। उनके अनुसार, देश में अलग-अलग मुद्दों पर राहुल गांधी लगातार और आक्रामक तरीके से अपना पक्ष रख रहे हैं।

सरकार पर दबाव और आगे की राह

पाटिल ने महाराष्ट्र सरकार से स्पष्ट अपील की कि छात्रों की उचित माँगों को नज़रअंदाज़ न किया जाए। यह ऐसे समय में आया है जब एमपीएससी को लेकर छात्रों का आक्रोश चरम पर है और विभिन्न विपक्षी दल इस आंदोलन के साथ खड़े होने की कोशिश कर रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि बिना संरचनात्मक बदलाव के केवल आश्वासन देने से छात्रों का भरोसा नहीं जीता जा सकता। आने वाले दिनों में सरकार का रुख ही तय करेगा कि यह आंदोलन किस दिशा में जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या विपक्षी दबाव से एमपीएससी में ढाँचागत बदलाव होगा या यह भी केवल बयानबाज़ी बनकर रह जाएगा। महाराष्ट्र में प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की बढ़ती घटनाएँ उस व्यापक संस्थागत कमज़ोरी की ओर इशारा करती हैं, जिसे सिर्फ एक अध्यक्ष के इस्तीफे से नहीं सुधारा जा सकता। जब तक परीक्षा-प्रक्रिया में तकनीकी सुधार, स्वतंत्र निगरानी तंत्र और जवाबदेही सुनिश्चित नहीं होती, तब तक छात्रों का आक्रोश बार-बार उभरता रहेगा।
RashtraPress
7 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एमपीएससी छात्र आंदोलन में छात्रों की मुख्य माँगें क्या हैं?
प्रदर्शनकारी छात्र एमपीएससी अध्यक्ष के इस्तीफे और आयोग की कार्यप्रणाली में आमूल सुधार की माँग कर रहे हैं। पेपर लीक की बार-बार होने वाली घटनाओं को रोकना उनकी केंद्रीय चिंता है।
जयंत पाटिल ने एमपीएससी पर क्या कहा?
NCP (SP) नेता जयंत पाटिल ने कहा कि एमपीएससी की कार्यप्रणाली में सुधार ज़रूरी है और पेपर लीक की घटनाएँ असामान्य हैं। उन्होंने अपने करीब 15 वर्षों के राजनीतिक अनुभव का हवाला देते हुए कहा कि पहले ऐसी घटनाएँ सामने नहीं आती थीं।
एमपीएससी पेपर लीक की समस्या कितनी पुरानी है?
पाटिल के अनुसार, पिछले 15 वर्षों या उससे पहले महाराष्ट्र में एमपीएससी परीक्षाओं में इस पैमाने पर पेपर लीक की घटनाएँ नहीं होती थीं। यह समस्या हाल के वर्षों में तेज़ी से उभरी है और हजारों उम्मीदवारों को प्रभावित कर रही है।
राहुल गांधी की सक्रियता पर जयंत पाटिल ने क्या कहा?
पाटिल ने कहा कि राहुल गांधी देशव्यापी स्तर पर 'विरोध के मोड' में आ गए हैं और उनका प्रभाव दिन-ब-दिन बढ़ रहा है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग पर निकाले गए मार्च का भी उल्लेख किया।
महाराष्ट्र सरकार को एमपीएससी पर क्या करना चाहिए?
जयंत पाटिल ने महाराष्ट्र सरकार से स्पष्ट अपील की है कि छात्रों की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए और आयोग की कार्यप्रणाली में तत्काल सुधार किए जाएँ। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसी स्थिति को ठीक किया जाना ज़रूरी है।
राष्ट्र प्रेस
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