6 अगस्त 2026
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जेपीएससी विवाद: कांग्रेस नेताओं ने झारखंड सरकार का बचाव किया, बोले — 'छात्रों की नैतिक मांगों के साथ हैं'

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जेपीएससी विवाद: कांग्रेस नेताओं ने झारखंड सरकार का बचाव किया, बोले — 'छात्रों की नैतिक मांगों के साथ हैं'

सारांश

जेपीएससी पेपर लीक पर झारखंड में छात्रों का आंदोलन जारी है। कांग्रेस सांसदों ने राज्य सरकार का बचाव करते हुए भाजपा पर राजनीति का आरोप लगाया। सरकार ने जेपीएससी अध्यक्ष को हटाया और 19 लोगों को गिरफ्तार किया है।

मुख्य बातें

कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा — झारखंड में कील लगी लाठियां और पैलेट गन नहीं चलाई गई, सरकार के कदमों का समर्थन।
कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने बताया कि पार्टी नेता बुधवार को भी प्रदर्शन स्थल पर गए और छात्रों के संपर्क में हैं।
सुखदेव भगत ने कहा — भाजपा के 16 साल में केवल 5 परीक्षाएं , हेमंत सोरेन सरकार में 9 परीक्षाएं आयोजित।
ओएमआर शीट में गड़बड़ी पर जेपीएससी अध्यक्ष को हटाया गया; अब तक 19 लोग गिरफ्तार ।
कांग्रेस नेता राजेश ठाकुर ने छात्रों के विरोध को 'पूरी तरह जायज' बताया।

झारखंड में जेपीएससी (JPSC) भर्ती परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ छात्रों के बढ़ते आंदोलन के बीच कांग्रेस नेताओं ने 6 अगस्त को हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली राज्य सरकार का खुलकर बचाव किया। पार्टी ने स्पष्ट किया कि वह छात्रों की हर नैतिक मांग के साथ खड़ी है, लेकिन सरकार की कार्रवाई को उचित ठहराया।

कांग्रेस सांसदों के बयान

कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा, 'हम छात्रों की हर नैतिक मांग के साथ हैं। फर्क इतना है कि झारखंड में कील लगी लाठियां नहीं चली हैं। पैलेट गन नहीं चलाई गई। झारखंड सरकार ने इस मामले में अभी तक जो कदम उठाए हैं, हम उसका समर्थन करते हैं। बातचीत करके छात्रों की समस्याओं का निदान होगा।'

कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने कहा कि पार्टी के नेता बुधवार को भी प्रदर्शन स्थल पर गए थे और छात्रों के लगातार संपर्क में हैं। उन्होंने कहा, 'जो यहां हुआ है, वैसा कहीं और नहीं हुआ।'

कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने कहा, 'भारतीय जनता पार्टी (BJP) या राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के पूरे घटक दल बहाने ढूंढते हैं। छात्रों की समस्या से उनका कोई लेना-देना नहीं है। हेमंत सोरेन जी स्वयं युवा भी हैं, स्वयं संवेदनशील भी हैं और हमारे कांग्रेस के लोग उनसे संपर्क में हैं।' उन्होंने यह भी बताया कि पार्टी की टीम प्रदर्शनकारी छात्रों को मानवीय सहायता भी प्रदान कर रही है।

भाजपा पर पलटवार

सुखदेव भगत ने भाजपा पर राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा के 16 साल के शासनकाल में राज्य में केवल 5 परीक्षाएं कराई गईं, और अपने आखिरी कार्यकाल में एक भी परीक्षा नहीं हुई। इसके विपरीत, हेमंत सोरेन की सरकार बनने के बाद से 9 बार परीक्षाएं आयोजित की जा चुकी हैं। उन्होंने यह भी बताया कि ओएमआर शीट में गड़बड़ी सामने आने पर जेपीएससी के अध्यक्ष को हटाया गया और अब तक 19 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

राजेश ठाकुर का बयान

कांग्रेस नेता राजेश ठाकुर ने कहा, 'हम सभी छात्रों के आंदोलन का सम्मान करते हैं और जो कुछ हुआ है, उसे देखते हुए उनका विरोध पूरी तरह से जायज है।' उन्होंने बताया कि राहुल गांधी छात्रों की आवाज के ज़रिए पूरे देश में कार्यक्रम चला रहे हैं। ठाकुर ने यह भी कहा कि हेमंत सोरेन के नेतृत्व में आंदोलन शुरू होने से पहले ही छापेमारी की कार्रवाई शुरू हो गई थी, जो सरकार की सक्रियता को दर्शाता है।

जेपीएससी विवाद की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली और पेपर लीक के आरोपों के बाद राज्य भर में छात्र सड़कों पर उतर आए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब देश के कई राज्यों में परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। कांग्रेस पार्टी का रुख यह है कि वह छात्रों की मांगों का समर्थन करती है, लेकिन राज्य सरकार की कार्रवाई को पर्याप्त मानती है।

आगे की राह में सरकार और छात्र संगठनों के बीच बातचीत की संभावना बनी हुई है, और जांच की दिशा पर सबकी नज़रें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सरकार की कार्रवाई भी सही है' — एक राजनीतिक संतुलन साधने की कोशिश है जो हमेशा आसान नहीं होती। जेपीएससी विवाद महज एक राज्य की समस्या नहीं है; यह उस व्यापक संकट का हिस्सा है जिसमें देश भर में परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता दाँव पर है। 19 गिरफ्तारियाँ और अध्यक्ष की बर्खास्तगी कार्रवाई के संकेत ज़रूर हैं, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या जाँच स्वतंत्र और समयबद्ध होगी। भाजपा बनाम कांग्रेस की इस बयानबाज़ी में वह छात्र कहीं पीछे न छूट जाएं जो पारदर्शी परीक्षा प्रणाली के लिए सड़कों पर हैं।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जेपीएससी विवाद क्या है और छात्र क्यों प्रदर्शन कर रहे हैं?
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली और पेपर लीक के आरोपों के बाद राज्य भर में छात्र सड़कों पर उतरे हैं। छात्रों की मांग है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाई जाए और दोषियों को कड़ी सज़ा मिले।
झारखंड सरकार ने जेपीएससी मामले में क्या कार्रवाई की है?
ओएमआर शीट में गड़बड़ी सामने आने पर जेपीएससी के अध्यक्ष को हटाया गया है और अब तक 19 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। सरकार का कहना है कि बातचीत के ज़रिए छात्रों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा।
कांग्रेस ने झारखंड सरकार का बचाव क्यों किया?
कांग्रेस झारखंड में सत्तारूढ़ गठबंधन की सहयोगी है और हेमंत सोरेन की सरकार का समर्थन करती है। पार्टी नेताओं का तर्क है कि सरकार ने त्वरित कार्रवाई की है और राज्य में बल प्रयोग नहीं किया गया।
भाजपा के शासनकाल और हेमंत सोरेन सरकार में परीक्षाओं की तुलना कैसी है?
कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत के अनुसार, भाजपा के 16 साल के शासन में केवल 5 परीक्षाएं आयोजित हुईं, जबकि हेमंत सोरेन की सरकार में 9 बार परीक्षाएं हो चुकी हैं। हालांकि, इन आँकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि अपेक्षित है।
राहुल गांधी का इस मामले में क्या रुख है?
कांग्रेस नेता राजेश ठाकुर के अनुसार, राहुल गांधी छात्रों की आवाज के ज़रिए पूरे देश में कार्यक्रम चला रहे हैं। पार्टी ने छात्रों के विरोध को 'पूरी तरह जायज' बताया है।
राष्ट्र प्रेस
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