जेपीएससी विवाद: कांग्रेस नेताओं ने झारखंड सरकार का बचाव किया, बोले — 'छात्रों की नैतिक मांगों के साथ हैं'
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड में जेपीएससी (JPSC) भर्ती परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ छात्रों के बढ़ते आंदोलन के बीच कांग्रेस नेताओं ने 6 अगस्त को हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली राज्य सरकार का खुलकर बचाव किया। पार्टी ने स्पष्ट किया कि वह छात्रों की हर नैतिक मांग के साथ खड़ी है, लेकिन सरकार की कार्रवाई को उचित ठहराया।
कांग्रेस सांसदों के बयान
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा, 'हम छात्रों की हर नैतिक मांग के साथ हैं। फर्क इतना है कि झारखंड में कील लगी लाठियां नहीं चली हैं। पैलेट गन नहीं चलाई गई। झारखंड सरकार ने इस मामले में अभी तक जो कदम उठाए हैं, हम उसका समर्थन करते हैं। बातचीत करके छात्रों की समस्याओं का निदान होगा।'
कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने कहा कि पार्टी के नेता बुधवार को भी प्रदर्शन स्थल पर गए थे और छात्रों के लगातार संपर्क में हैं। उन्होंने कहा, 'जो यहां हुआ है, वैसा कहीं और नहीं हुआ।'
कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने कहा, 'भारतीय जनता पार्टी (BJP) या राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के पूरे घटक दल बहाने ढूंढते हैं। छात्रों की समस्या से उनका कोई लेना-देना नहीं है। हेमंत सोरेन जी स्वयं युवा भी हैं, स्वयं संवेदनशील भी हैं और हमारे कांग्रेस के लोग उनसे संपर्क में हैं।' उन्होंने यह भी बताया कि पार्टी की टीम प्रदर्शनकारी छात्रों को मानवीय सहायता भी प्रदान कर रही है।
भाजपा पर पलटवार
सुखदेव भगत ने भाजपा पर राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा के 16 साल के शासनकाल में राज्य में केवल 5 परीक्षाएं कराई गईं, और अपने आखिरी कार्यकाल में एक भी परीक्षा नहीं हुई। इसके विपरीत, हेमंत सोरेन की सरकार बनने के बाद से 9 बार परीक्षाएं आयोजित की जा चुकी हैं। उन्होंने यह भी बताया कि ओएमआर शीट में गड़बड़ी सामने आने पर जेपीएससी के अध्यक्ष को हटाया गया और अब तक 19 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
राजेश ठाकुर का बयान
कांग्रेस नेता राजेश ठाकुर ने कहा, 'हम सभी छात्रों के आंदोलन का सम्मान करते हैं और जो कुछ हुआ है, उसे देखते हुए उनका विरोध पूरी तरह से जायज है।' उन्होंने बताया कि राहुल गांधी छात्रों की आवाज के ज़रिए पूरे देश में कार्यक्रम चला रहे हैं। ठाकुर ने यह भी कहा कि हेमंत सोरेन के नेतृत्व में आंदोलन शुरू होने से पहले ही छापेमारी की कार्रवाई शुरू हो गई थी, जो सरकार की सक्रियता को दर्शाता है।
जेपीएससी विवाद की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली और पेपर लीक के आरोपों के बाद राज्य भर में छात्र सड़कों पर उतर आए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब देश के कई राज्यों में परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। कांग्रेस पार्टी का रुख यह है कि वह छात्रों की मांगों का समर्थन करती है, लेकिन राज्य सरकार की कार्रवाई को पर्याप्त मानती है।
आगे की राह में सरकार और छात्र संगठनों के बीच बातचीत की संभावना बनी हुई है, और जांच की दिशा पर सबकी नज़रें टिकी हैं।