पाकिस्तान PM फ्यूल रिलीफ स्कीम में बड़ा बदलाव: दोपहिया मालिकों को मिलेंगे ₹2,000 के चार टोकन, SMS शुल्क भी खत्म
सारांश
मुख्य बातें
पाकिस्तान सरकार ने 20 सितंबर 2026 को प्रधानमंत्री फ्यूल रिलीफ स्कीम में अहम संशोधन करते हुए दोपहिया और तिपहिया वाहन उपयोगकर्ताओं को प्रतिमाह चार टोकन — यानी कुल 2,000 पाकिस्तानी रुपए की राहत — देने का फैसला किया है। इसके साथ ही एसएमएस के ज़रिए रजिस्ट्रेशन पर लगने वाला शुल्क भी पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। बढ़ती महंगाई की मार झेल रहे पाकिस्तान में यह योजना आम लोगों के लिए सीधी आर्थिक राहत बनकर उभरी है।
योजना में क्या बदला
पाकिस्तान के आईटी और टेलीकम्युनिकेशन मंत्री शाजा फातिमा ख्वाजा ने एक मीडिया ब्रीफिंग में जानकारी दी कि दोपहिया और तिपहिया वाहनों के लिए पहले जो प्रति टोकन 500 रुपए की राहत सीमा निर्धारित थी, उसे समाप्त कर दिया गया है। अब लाभार्थी हर महीने चार टोकन प्राप्त कर सकेंगे और प्रत्येक टोकन पर 500 पाकिस्तानी रुपए की रियायत मिलेगी।
मंत्री ने उदाहरण देते हुए स्पष्ट किया कि यदि दो लीटर पेट्रोल की कीमत 780 रुपए है और लाभार्थी 500 रुपए का राहत टोकन इस्तेमाल करे, तो उसे केवल 280 रुपए चुकाने होंगे। दो और तीन पहिया वाहनों के लिए राहत की मौजूदा सीमा 20 लीटर प्रतिमाह और 800 सीसी तक की कारों के लिए 30 लीटर प्रतिमाह पहले की तरह बरकरार है।
SMS शुल्क खत्म, इंटरनेट-रहित क्षेत्रों को भी राहत
योजना का एक और उल्लेखनीय बदलाव यह है कि एसएमएस रजिस्ट्रेशन और टोकन प्राप्ति की सुविधा अब पूरी तरह निःशुल्क होगी — चाहे उपयोगकर्ता के पास 800 सीसी की कार हो या दो-तीन पहिया वाहन। पूरे पाकिस्तान में 9771 नंबर पर एसएमएस भेजकर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया जारी है।
उप प्रधानमंत्री इशाक डार की अध्यक्षता वाली नेशनल स्टीयरिंग कमेटी ऑन फ्यूल सब्सिडी ने उन इलाकों के पेट्रोल पंपों पर एसएमएस के माध्यम से फ्यूल टोकन इस्तेमाल करने की अनुमति दे दी है, जहाँ इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध नहीं है। यह कदम ग्रामीण और दूरदराज़ के क्षेत्रों के लोगों को डिजिटल बाधाओं के बावजूद योजना का लाभ दिलाने के लिए उठाया गया है।
आजाद कश्मीर और गिलगित-बाल्टिस्तान में विस्तार
कमेटी ने आजाद जम्मू-कश्मीर, गिलगित-बाल्टिस्तान और सभी प्रांतों से ऐसे पेट्रोल पंपों की सूची माँगी है जहाँ इंटरनेट उपलब्ध नहीं है, ताकि उन्हें बिना देरी के इस स्कीम से जोड़ा जा सके। यह कदम योजना की भौगोलिक पहुँच को काफी विस्तृत कर सकता है।
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमतें आम आदमी की क्रय शक्ति पर भारी दबाव डाल रही हैं और सरकार पर महंगाई काबू करने का राजनीतिक दबाव भी बना हुआ है।
लोगों की प्रतिक्रिया और पंजीकरण आँकड़े
रिपोर्टों के अनुसार, 20 सितंबर 2026 को दोपहर 3 बजे तक योजना के तहत 17.5 लाख से अधिक लोग पंजीकरण करा चुके थे, जबकि करीब 15 लाख राहत टोकन जारी किए जा चुके थे। यह आँकड़े बताते हैं कि आम नागरिकों में इस योजना के प्रति व्यापक उत्साह है।
आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या सरकार पेट्रोल पंपों की ऑफलाइन सूची समय पर तैयार कर पाती है और योजना का विस्तार देश के हर कोने तक हो पाता है।