मुंबई के लालबाग में करंट से 8 साल की बच्ची समेत 2 की मौत, गणपति पंडाल के पास हादसा
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई के लालबाग इलाके में रविवार, 20 सितंबर 2026 की रात लगभग 2 बजे एक दर्दनाक हादसे में 8 वर्षीय बच्ची रागिनी और 33 वर्षीय सुजाता थोराटी की करंट लगने से मौत हो गई, जबकि 4 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा कालाचौकी क्षेत्र के दत्ताराम लाड मार्ग पर गणपति उत्सव के दौरान हुआ, जहाँ उस वक्त भारी भीड़ जमा थी।
कैसे हुआ हादसा
पुलिस के अनुसार, आस्था हॉस्पिटल के निकट लगे एक पेप्सी-कोला स्टॉल के खुले बिजली के तार से अचानक करंट फैल गया। यह स्टॉल कालाचौकी विभाग सार्वजनिक उत्सव मंडल के गणपति पंडाल के बाहर लगा था। करंट की चपेट में आने से वहाँ अफरा-तफरी मच गई और कई लोग झुलस गए।
बच्ची रागिनी खुले तार के सीधे संपर्क में आई और उसे तत्काल मसीना हॉस्पिटल पहुँचाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं, सुजाता थोराटी का ग्लोबल हॉस्पिटल में उपचार के दौरान निधन हो गया। घायल 4 अन्य लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज जारी है।
एफआईआर और कानूनी कार्रवाई
कालाचौकी पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर के अनुसार, स्टॉल संचालक कमल शेट्टी के विरुद्ध लापरवाही का आरोप लगाते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106(1) और धारा 125(बी) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने जाँच शुरू कर दी है और यह पता लगाया जा रहा है कि बिजली कनेक्शन में किस स्तर पर लापरवाही बरती गई।
गणपति उत्सव की भीड़ बनी जोखिम कारक
गौरतलब है कि गणपति उत्सव के कारण लालबाग क्षेत्र में देर रात भी भारी भीड़ मौजूद थी। पंडाल के बाहर अस्थायी रूप से लगाए गए स्टॉलों में बिजली के तारों की उचित सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने की बात सामने आई है। यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब त्योहारी सीज़न में सार्वजनिक स्थलों पर अस्थायी बिजली कनेक्शनों की निगरानी पर सवाल उठते रहे हैं।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
बिजली सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि सार्वजनिक उत्सवों के दौरान अस्थायी स्टॉलों में लाइसेंसशुदा इलेक्ट्रीशियन से अनुमोदित वायरिंग करवाना अनिवार्य होता है, परंतु कथित तौर पर इस मामले में इसकी अनदेखी हुई। स्थानीय निवासियों ने भी पंडालों के आसपास बिजली के खुले तारों को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की है।
आगे क्या होगा
पुलिस स्टॉल संचालक कमल शेट्टी की गिरफ्तारी और बिजली कनेक्शन की जाँच में जुटी है। प्रशासन से उम्मीद की जा रही है कि गणपति विसर्जन तक शहर भर के पंडालों और आसपास के अस्थायी स्टॉलों में बिजली व्यवस्था का विशेष निरीक्षण किया जाएगा, ताकि ऐसी दुखद घटना दोबारा न हो।