20 सितंबर 2026
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लालबाग महागणपति पंडाल के पास करंट से 8 वर्षीय रागिनी समेत दो की मौत, यूपी से दर्शन को आई थी बच्ची

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लालबाग महागणपति पंडाल के पास करंट से 8 वर्षीय रागिनी समेत दो की मौत, यूपी से दर्शन को आई थी बच्ची

सारांश

गणपति दर्शन के लिए यूपी से मुंबई आई 8 वर्षीय रागिनी की लालबाग पंडाल के पास करंट लगने से मौत हो गई। तिरपाल में भरे पानी से करंट फैला, 33 वर्षीय सुजाता की भी जान गई। 4 अन्य ICU में हैं। मौसी किस्मती यादव की अपील — यह दिन किसी और को न देखना पड़े।

मुख्य बातें

20 सितंबर 2026 की तड़के मुंबई के लालबाग महागणपति पंडाल के पास करंट फैलने से दो लोगों की मौत हुई।
मृतकों में 8 वर्षीय रागिनी घनश्याम यादव (यूपी से आई) और 33 वर्षीय सुजाता शामिल हैं।
दुकानदार की तिरपाल में भरे पानी में पहले से करंट था; भीड़ के झटके से करंट फैला।
घटना में 4 अन्य श्रद्धालु — किरण अकबर नाइक, तन्वी नरश हांडे, साहिल संदीप तारे, रूही सिंह — घायल हुए, सभी ICU में भर्ती।
फायर ब्रिगेड के अनुसार घटना रात 2 बजे हुई जब पंडाल के पास बड़ी भीड़ मौजूद थी।

मुंबई के लालबाग महागणपति पंडाल के निकट 20 सितंबर 2026 की तड़के करंट फैलने से 8 वर्षीय रागिनी घनश्याम यादव और 33 वर्षीय सुजाता की मौत हो गई। उत्तर प्रदेश से गणपति दर्शन के लिए आई बच्ची रागिनी को बायकुला के मसीना हॉस्पिटल पहुँचाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घायल सुजाता को परेल के ग्लोबल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहाँ बाद में उनकी भी मौत हो गई।

हादसे का पूरा घटनाक्रम

बच्ची की मौसी किस्मती यादव ने घटना की पूरी जानकारी देते हुए बताया कि वे लोग रात 2 बजे पंडाल के पास पहुँचे थे और 2:15 बजे कतार में लग गए। उनके अनुसार, 'करीब 2:40 बजे हम लोग हादसे वाली जगह पर पहुँचे थे। वहाँ भीड़ काफी बढ़ गई थी, हम लोग विचार कर रहे थे कि आगे नहीं जाएँगे। मंडप के बगल में एक दुकान के पास बच्ची को लेकर हम लोग साइड में रुके।' किस्मती ने आगे बताया कि जैसे ही वे दुकान के पास खड़े हुए, भीड़ और बढ़ गई।

किस्मती यादव के अनुसार, 'दुकानदार ने आगे की तरफ तिरपाल लगाया हुआ था, जिसमें पानी भरा था। भीड़ से तिरपाल पर झटका लगा तो करंट फैल गया। लगता है कि पानी में पहले से ही करंट था।' उन्होंने भावुक होते हुए कहा, 'हमारी बच्ची चली गई, ऐसा किसी दूसरे बच्चे के साथ न हो, जिसके माँ-बाप को यह दिन देखना पड़े। गणपति देखने के लिए बच्चे यूपी से आए थे। अब देखिए क्या हो गया, बच्ची की जान चली गई।'

घायलों की स्थिति

अधिकारियों के अनुसार, घटना में 8 से 20 वर्ष आयुवर्ग के दो लड़कों और तीन लड़कियों को बिजली का झटका लगा और वे झुलस गए। सभी पाँचों पीड़ितों को प्रारंभिक उपचार के लिए मसीना हॉस्पिटल, बायकुला ले जाया गया। घायलों में किरण अकबर नाइक (19), तन्वी नरश हांडे (19), साहिल संदीप तारे (19) और रूही सिंह (12) शामिल हैं, जिनका इलाज जारी है।

एक घायल लड़की की हालत अत्यंत गंभीर बताई गई, जिसे आगे के उपचार के लिए ग्लोबल हॉस्पिटल, परेल में स्थानांतरित किया गया। शेष तीन घायल पीड़ितों को मसीना हॉस्पिटल के इंटेंसिव केयर यूनिट (ICU) में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनकी हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।

फायर ब्रिगेड और प्रशासन की जानकारी

फायर ब्रिगेड से मिली शुरुआती जानकारी के मुताबिक यह घटना रविवार, 20 सितंबर की तड़के 2 बजे हुई, जब लालबाग महागणपति पंडाल के समीप बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। जाँच अधिकारियों के अनुसार, पंडाल परिसर में बिजली के तार और तिरपाल में जमे पानी के संपर्क से करंट श्रद्धालुओं तक पहुँचा। यह ऐसे समय में हुआ है जब गणेश उत्सव के दौरान मुंबई में लाखों श्रद्धालु पंडालों में उमड़ते हैं।

आम जनता और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब गणेश उत्सव के दौरान भीड़भाड़ वाले पंडालों के आसपास विद्युत दुर्घटना की खबर आई हो। किस्मती यादव की अपील — कि यह दिन किसी और के माँ-बाप को न देखना पड़े — ने पंडाल परिसरों में अस्थायी विद्युत कनेक्शन और जल-निकासी प्रबंधन की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन की ओर से आगे की जाँच और जवाबदेही तय करने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन त्रासदी होने के बाद ही जवाबदेही की बात शुरू होती है। एक 8 वर्षीय बच्ची की मौत — जो सिर्फ दर्शन के लिए यूपी से आई थी — यह सवाल उठाती है कि विद्युत सुरक्षा ऑडिट और तिरपाल-जल प्रबंधन के लिए क्या मानक हैं। गणेश उत्सव समिति और नगर प्रशासन की जवाबदेही तय होनी चाहिए — स्मरण के बाद नहीं, उत्सव से पहले।
RashtraPress
20 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लालबाग महागणपति पंडाल के पास करंट हादसा कैसे हुआ?
20 सितंबर 2026 की तड़के रात 2 बजे पंडाल के पास एक दुकान की तिरपाल में पानी भरा था, जिसमें पहले से करंट था। भीड़ के दबाव से तिरपाल हिली और करंट श्रद्धालुओं तक पहुँच गया। इस हादसे में 6 लोग झुलसे, जिनमें से दो की मौत हो गई।
इस हादसे में कौन-कौन मारे गए?
हादसे में 8 वर्षीय रागिनी घनश्याम यादव — जो यूपी से दर्शन के लिए आई थी — और 33 वर्षीय सुजाता की मौत हुई। रागिनी को मसीना हॉस्पिटल, बायकुला पहुँचने पर मृत घोषित किया गया, जबकि सुजाता ने ग्लोबल हॉस्पिटल, परेल में दम तोड़ा।
बच्ची की मौसी किस्मती यादव ने क्या बताया?
किस्मती यादव ने बताया कि वे रात 2:15 बजे कतार में लगे और 2:40 बजे हादसे वाली जगह पर पहुँचे। भीड़ ज़्यादा देख वे एक दुकान के पास रुके, जहाँ तिरपाल में जमे पानी से करंट फैला। उन्होंने अपील की कि यह दिन किसी और माँ-बाप को न देखना पड़े।
हादसे में घायल अन्य लोगों की क्या स्थिति है?
किरण अकबर नाइक (19), तन्वी नरश हांडे (19), साहिल संदीप तारे (19) और रूही सिंह (12) — चारों घायल मसीना हॉस्पिटल के ICU में भर्ती हैं और उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। एक घायल लड़की को आगे के इलाज के लिए ग्लोबल हॉस्पिटल, परेल भेजा गया था।
गणेश उत्सव पंडालों में विद्युत सुरक्षा को लेकर क्या चिंताएँ हैं?
यह हादसा पंडाल परिसरों में अस्थायी बिजली कनेक्शन और जल-निकासी प्रबंधन की सुरक्षा पर सवाल खड़े करता है। अधिकारियों के अनुसार जाँच जारी है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि उत्सव से पूर्व विद्युत ऑडिट अनिवार्य किया जाना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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