20 सितंबर 2026
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पश्चिम बंगाल उपचुनाव: दिलीप घोष का दावा — नंदीग्राम-रेजीनगर में BJP को जनसमर्थन, विपक्ष उम्मीदवार भी नहीं उतार पाया

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पश्चिम बंगाल उपचुनाव: दिलीप घोष का दावा — नंदीग्राम-रेजीनगर में BJP को जनसमर्थन, विपक्ष उम्मीदवार भी नहीं उतार पाया

सारांश

BJP मंत्री दिलीप घोष ने नंदीग्राम और रेजीनगर उपचुनाव में जीत का भरोसा जताया, विपक्ष को उम्मीदवार न होने पर घेरा और ममता बनर्जी के TMC चुनाव चिह्न विवाद पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। पश्चिम बंगाल की राजनीति में उपचुनाव से पहले बयानबाज़ी तेज़।

मुख्य बातें

दिलीप घोष ने 20 सितंबर 2026 को कूचबिहार में नंदीग्राम और रेजीनगर उपचुनाव में BJP की जीत का दावा किया।
घोष ने कहा — विपक्ष के पास उम्मीदवार नहीं, केवल आरोप लगाए जा रहे हैं।
नंदीग्राम से कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी को घोष ने 'कानून का काम' बताया।
पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के TMC चुनाव चिह्न फ्रीज़ मामले में सर्वोच्च न्यायालय जाने पर घोष ने तीखा पलटवार किया।
घोष ने कूचबिहार में मॉर्निंग वॉक के दौरान स्थानीय लोगों से सीधा संवाद किया।

पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने 20 सितंबर 2026 को कूचबिहार में पत्रकारों से बात करते हुए नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की जीत का दावा किया। उन्होंने कहा कि जनता का भरोसा BJP के साथ है और विपक्ष इन सीटों पर प्रभावी उम्मीदवार भी खड़ा करने में असमर्थ है।

उपचुनाव पर BJP का रुख

मंत्री घोष ने कहा, 'दो सीटों — नंदीग्राम और रेजीनगर — पर उपचुनाव हो रहे हैं। यह कोई बहुत बड़ी बात नहीं है। चुनाव शांतिपूर्ण और खुले माहौल में होंगे। जिस तरह से यहाँ के लोगों ने चुनावों में BJP का समर्थन किया है, वैसा ही अगले चुनाव में भी होगा।' उनका यह बयान राज्य में उपचुनाव की सरगर्मियों के बीच आया है, जहाँ सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) आंतरिक विवादों से जूझ रही है।

विपक्ष पर तीखा हमला

घोष ने विपक्षी दलों की स्थिति पर कटाक्ष करते हुए कहा कि आज पश्चिम बंगाल में विपक्ष कहाँ है, यह किसी को नहीं पता। उनके अनुसार, विपक्ष के पास उम्मीदवार तक नहीं हैं और वे केवल आरोप लगाकर काम चला रहे हैं। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि 'चुनाव में लड़ना पड़ता है, केवल बयानबाज़ी से कुछ हासिल नहीं होता।'

कांग्रेस उम्मीदवार की गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया

नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी के संदर्भ में मंत्री घोष ने कहा, 'उन्होंने असामाजिक तत्वों को साथ लेकर पार्टी चलाई और लोगों का जीवन मुश्किल बना दिया। जब लोगों को मौका मिला, तो उन्होंने उन्हें हटा दिया। अभी भी वे असामाजिक तत्वों को शामिल करके वही राजनीति कर रहे हैं, इसलिए कानून अपना काम कर रहा है।' गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब नंदीग्राम में राजनीतिक तनाव का माहौल बना हुआ है।

ममता बनर्जी और TMC के चुनाव चिह्न विवाद पर

तृणमूल कांग्रेस का नाम और चुनाव चिह्न फ्रीज़ करने के चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सर्वोच्च न्यायालय जाने पर घोष ने तीखे शब्दों में कहा, 'उनकी बाकी ज़िंदगी अदालतों के चक्कर लगाने में ही बीतेगी। उन्हें किसने रोका है — हाई कोर्ट जाएं, सुप्रीम कोर्ट जाएं, यूएन जाएं। आपका अपना उम्मीदवार ही भागकर आपको छोड़ देता है, इसमें आप सरकार की बात क्यों कर रही हैं?' यह बयान TMC में कथित अंतर्कलह के संदर्भ में आया है।

कूचबिहार में जनसंपर्क

मंत्री दिलीप घोष रविवार, 20 सितंबर को कूचबिहार में स्थानीय लोगों के बीच पहुँचे। मॉर्निंग वॉक के दौरान उन्होंने नागरिकों से मुलाकात की और उनसे सीधे संवाद किया — जो उनकी ज़मीनी राजनीति की शैली की पहचान मानी जाती है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि नंदीग्राम और रेजीनगर उपचुनाव में मतदाता किस दल के दावों पर मुहर लगाते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

BJP की उस रणनीति का हिस्सा है जो TMC की आंतरिक दरारों को सार्वजनिक विमर्श में केंद्र में लाना चाहती है। TMC के चुनाव चिह्न फ्रीज़ और उम्मीदवार के पार्टी छोड़ने जैसी घटनाएं विपक्ष के संगठनात्मक संकट की ओर संकेत करती हैं — लेकिन BJP को यह भी याद रखना होगा कि पश्चिम बंगाल में 2021 के विधानसभा चुनाव में उसकी उम्मीदें धराशाई हुई थीं। उपचुनाव में जनादेश का दावा करना आसान है, परंतु ज़मीनी हकीकत अक्सर अलग होती है — और नंदीग्राम जैसी सीटें हमेशा अप्रत्याशित रही हैं।
RashtraPress
20 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नंदीग्राम और रेजीनगर उपचुनाव क्यों हो रहे हैं?
पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटें रिक्त होने के कारण वहाँ उपचुनाव कराए जा रहे हैं। ये दोनों सीटें राजनीतिक रूप से संवेदनशील मानी जाती हैं और TMC तथा BJP दोनों के लिए अहम हैं।
दिलीप घोष ने उपचुनाव को लेकर क्या कहा?
मंत्री दिलीप घोष ने दावा किया कि जनता का समर्थन BJP के साथ है और चुनाव शांतिपूर्ण होंगे। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विरोधी दलों के पास प्रभावी उम्मीदवार तक नहीं हैं और वे केवल आरोपबाज़ी कर रहे हैं।
कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को क्यों गिरफ्तार किया गया?
नंदीग्राम से कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी हुई, जिस पर दिलीप घोष ने कहा कि उन्होंने असामाजिक तत्वों के साथ मिलकर राजनीति की, इसलिए कानून अपना काम कर रहा है। गिरफ्तारी के विशेष कारणों का उल्लेख उपलब्ध जानकारी में स्पष्ट नहीं है।
TMC का चुनाव चिह्न फ्रीज़ होने का क्या मामला है?
चुनाव आयोग ने तृणमूल कांग्रेस का नाम और चुनाव चिह्न फ्रीज़ कर दिया, जिसके विरुद्ध पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सर्वोच्च न्यायालय पहुँची हैं। दिलीप घोष ने इस कदम को TMC की आंतरिक कमज़ोरी से जोड़ते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी।
पश्चिम बंगाल में विपक्ष की मौजूदा स्थिति क्या है?
BJP मंत्री दिलीप घोष के अनुसार, राज्य में विपक्ष बिखरा हुआ है और उपचुनाव में मज़बूत उम्मीदवार उतारने में असमर्थ है। TMC में कथित अंतर्कलह और कांग्रेस उम्मीदवार की गिरफ्तारी जैसी घटनाओं ने विपक्ष की एकजुटता पर सवाल खड़े किए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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