भाजपा की सरकार बनने पर पश्चिम बंगाल से घुसपैठियों को निकाला जाएगा: दिलीप घोष
सारांश
Key Takeaways
- दिलीप घोष का बयान भाजपा के चुनावी रणनीति का हिस्सा है।
- पश्चिम बंगाल में घुसपैठियों को बाहर निकालने का संकल्प।
- प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में चुनावी प्रयास।
- राज्य में तस्करी और हिंसा पर कड़ी कार्रवाई की आवश्यकता।
- चुनाव में टीएमसी के गुंडों द्वारा डराने-धमकाने का आरोप।
खड़गपुर, १५ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा के नेता और खड़गपुर से उम्मीदवार दिलीप घोष ने सम्राट चौधरी और प्रधानमंत्री मोदी द्वारा बंगाल के लिए प्रस्तुत छह गारंटियों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
दिलीप घोष ने कहा, "भाजपा सबसे बड़ी पार्टी है। अंततः भाजपा को ही आगे आना चाहिए। भाजपा लगातार आगे बढ़ रही है और लोग भाजपा को वोट दे रहे हैं। भाजपा सुशासन प्रदान करती है। भाजपा अपने सहयोगियों से विचार विमर्श करके निर्णय लेती है।"
इंडियन पीएसी कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड (आई-पैक) के निदेशक विनेश चंदेल की गिरफ्तारी पर दिलीप घोष ने कहा, "आई-पैक से जुड़े कई घोटालों के आरोप हैं। कई शिकायतें पहले से ही सामने आ चुकी हैं। जांच जारी है और जैसे-जैसे तथ्य सामने आ रहे हैं, कार्रवाई की जा रही है। ऐसी जांचों के निष्कर्षों के आधार पर गिरफ्तारियां की जाती हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "इस बार पश्चिम बंगाल का चुनाव बहुत महत्वपूर्ण है, प्रधानमंत्री मोदी खुद नेतृत्व कर रहे हैं। कार्यकर्ता दिन-रात मेहनत कर रहे हैं, इस बार पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन होगा। ममता बनर्जी ने घुसपैठियों को शरण दिया है। भाजपा की सरकार बनते ही घुसपैठियों को बाहर निकाला जाएगा। जैसे-जैसे मतदान की तारीख नजदीक आ रही है, ममता बनर्जी की हालत बिगड़ रही है, इसलिए वह अनाप-शनाप बयान दे रही हैं।"
उन्होंने कहा, "पिछली बार की घटनाएं आज भी लोगों को याद हैं। टीएमसी के गुंडों ने लोगों को अभी से डराना शुरू कर दिया है। चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश हो रही है। ऐसे लोगों को सलाखों के अंदर भेजा जाना चाहिए अन्यथा पश्चिम बंगाल में एक बार फिर चुनाव प्रभावित हो सकता है।"