विक्रम मजीठिया ने 'आप' सरकार की भर्ती रद्द करने पर उठाए सवाल, कहा- रोजगार का यही है रिकॉर्ड
सारांश
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चंडीगढ़, 18 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। शिरोमणि अकाली दल के नेता विक्रम सिंह मजीठिया ने आम आदमी पार्टी की सरकार पर भर्ती रद्द करने का आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि पंजाब में आम आदमी पार्टी के शासन का असली चेहरा अब रद्द की गई भर्तियां बन गई हैं।
उन्होंने बताया कि पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) ने इस महीने 3,000 असिस्टेंट लाइनमैन पदों की घोषणा के कुछ ही दिनों बाद उन्हें रद्द कर दिया।
इसके अलावा, भाषा विभाग में 'प्रशासनिक कारणों' का हवाला देते हुए दिसंबर 2025 में दो रिसर्च असिस्टेंट पदों को समाप्त कर दिया गया। इसी तरह, परीक्षा और दस्तावेज सत्यापन के बाद भी दिसंबर 2025 में 343 मनोवैज्ञानिक पदों को रद्द किया गया।
विक्रम सिंह मजीठिया ने पंजाब सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि बड़े दावों से लेकर अचानक फैसले वापस लेने तक भगवंत मान के नेतृत्व में रोजगार का यही रिकॉर्ड रहा है। पटियाला में अप्रेंटिस सड़क पर उतर आए, लेकिन उनकी समस्याओं को सुलझाने की बजाय पूरी भर्ती प्रक्रिया को रद्द कर दिया गया।
उन्होंने ऊर्जा मंत्री संजीव अरोड़ा पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वे बैठकें तो आयोजित करते हैं, लेकिन उनके निर्णयों से नीतिगत विफलता स्पष्ट है। मजीठिया ने आगे लिखा कि पंजाब के युवा तैयारी करते हैं, परीक्षा पास करते हैं, और फिर उनकी नौकरियां अचानक गायब हो जाती हैं।
उन्होंने कहा कि ढोंगी भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल ने रोजगार के सपने तो दिखाए, लेकिन बदले में सिर्फ भर्तियां रद्द कीं। कागजों पर गारंटियां तो दी गईं, लेकिन असली स्थिति में केवल धोखा मिला। वादे तोड़ने का यह सिलसिला अब पूरी तरह बेनकाब हो चुका है।