28 जून 2026
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विक्रम सिंह मजीठिया का AAP सरकार पर हमला: 'केजरीवाल की VIP सेवा, पंजाब के किसान अंधेरे में'

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विक्रम सिंह मजीठिया का AAP सरकार पर हमला: 'केजरीवाल की VIP सेवा, पंजाब के किसान अंधेरे में'

सारांश

शिरोमणि अकाली दल के विक्रम सिंह मजीठिया ने एक्स पर कई पोस्टों के ज़रिए AAP सरकार को घेरा — धान की रोपाई के मौसम में बिजली कटौती और यूरिया की किल्लत से जूझते किसानों की पीड़ा को सामने रखते हुए कहा: 'केजरीवाल की VIP सेवा जारी, पंजाब अंधेरे में।'

मुख्य बातें

विक्रम सिंह मजीठिया ने 28 जून 2026 को एक्स पर कई पोस्टों के ज़रिए AAP सरकार पर हमला बोला।
पंजाब में धान की रोपाई के मौसम में भीषण बिजली कटौती से किसान महंगे डीजल पर निर्भर हैं।
यूरिया खाद की किल्लत ने किसानों की मुश्किलें और बढ़ाई हैं।
मजीठा विधानसभा क्षेत्र के कथूनंगल टोल प्लाजा पर किसानों ने सरकार के खिलाफ धरना दिया।
मजीठिया ने आरोप लगाया कि सरकार अरविंद केजरीवाल को VIP सेवाएँ देने में व्यस्त है, किसानों की अनदेखी हो रही है।

शिरोमणि अकाली दल (SAD) के वरिष्ठ नेता विक्रम सिंह मजीठिया ने 28 जून 2026 को पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर तीखा हमला बोला, यह आरोप लगाते हुए कि राज्य में भीषण बिजली संकट के बीच किसानों की धान की फसल सूख रही है, जबकि सरकार अरविंद केजरीवाल को वीआईपी सेवाएँ देने में व्यस्त है। मजीठिया ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर की गई अपनी पोस्टों में यूरिया खाद की किल्लत और लंबी बिजली कटौती को किसानों की बढ़ती मुश्किलों का मुख्य कारण बताया।

मजीठिया के मुख्य आरोप

मजीठिया ने एक्स पर लिखा, 'पंजाब सरकार अपने सभी वादों से पीछे हट गई है। किसानों को खेती के लिए बिजली नहीं मिल रही है। वर्तमान में किसान अपनी फसल बचाने के लिए जेनरेटर में महंगा डीजल जलाने को मजबूर हैं।' उन्होंने सरकार से विज्ञापनबाज़ी बंद कर खेती के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की माँग की।

एक अन्य पोस्ट में उन्होंने लिखा, 'केजरीवाल की सेवा जारी है और पंजाब अंधेरे में है!' उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पहले दावा किया था कि मोटरें बंद करके भी धान की रोपाई हो सकती है, लेकिन आज किसानों के पास कोई विकल्प नहीं है क्योंकि बिजली ही उपलब्ध नहीं है।

ज़मीनी हालात: खेत से सड़क तक

मजीठिया के अनुसार, मजीठा विधानसभा क्षेत्र के कथूनंगल टोल प्लाजा पर किसानों ने सरकार के खिलाफ धरना देकर विरोध-प्रदर्शन किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह स्थिति केवल मजीठा तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे पंजाब में यही हालात हैं। बिजली कटौती के चलते मोटरें बंद पड़ी हैं और किसान महंगे डीजल पर निर्भर होने को विवश हैं।

गौरतलब है कि धान की रोपाई का यह मौसम अत्यंत संवेदनशील होता है — देरी या पानी की कमी सीधे उत्पादन पर असर डालती है। ऐसे में बिजली कटौती किसानों के लिए दोहरी मार है।

यूरिया संकट और बढ़ती माँग

मजीठिया ने यह भी आरोप लगाया कि किसानों को यूरिया खाद भी समय पर नहीं मिल रही है। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे गर्मी बढ़ रही है और बिजली की माँग बढ़ रही है, कटौती का दायरा भी बढ़ता जा रहा है। यह ऐसे समय में है जब पंजाब का किसान समुदाय पहले से ही कर्ज़ और लागत के बोझ तले दबा हुआ है।

सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल

मजीठिया ने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि राज्य सरकार अरविंद केजरीवाल को 'वीआईपी सेवा' देने में व्यस्त है, जबकि पंजाब के किसान अपने खेतों में बिजली का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से माँग की कि वह किसानों, धान की फसल और आम पंजाबियों की ओर ध्यान दे। फिलहाल AAP सरकार की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

आगे क्या

यदि बिजली आपूर्ति में जल्द सुधार नहीं हुआ तो धान की रोपाई के इस निर्णायक मौसम में फसल नुकसान की आशंका बढ़ सकती है। विपक्षी दल इस मुद्दे को राजनीतिक रूप से और तेज़ करने की तैयारी में हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

और अब उसी वादे पर सवाल उठना सरकार की साख के लिए गंभीर चुनौती है। विपक्ष का यह आरोप कि केजरीवाल की VIP सेवा को प्राथमिकता दी जा रही है, राजनीतिक रूप से तीखा है — लेकिन सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस जवाब न आना इस आरोप को और वज़न देता है।
RashtraPress
28 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विक्रम सिंह मजीठिया ने पंजाब सरकार पर क्या आरोप लगाए हैं?
मजीठिया ने आरोप लगाया है कि AAP सरकार धान की रोपाई के मौसम में किसानों को पर्याप्त बिजली नहीं दे रही और यूरिया खाद की भी किल्लत है। उन्होंने कहा कि सरकार अरविंद केजरीवाल को VIP सेवाएँ देने में व्यस्त है जबकि किसान डीजल जलाने को मजबूर हैं।
पंजाब में बिजली कटौती से किसानों को क्या नुकसान हो रहा है?
धान की रोपाई के इस संवेदनशील मौसम में बिजली कटौती से खेतों की मोटरें बंद पड़ी हैं और फसल सूखने का खतरा है। किसान महंगे डीजल जेनरेटर चलाने को मजबूर हैं, जिससे उनकी खेती लागत बढ़ रही है।
कथूनंगल टोल प्लाजा पर किसानों का विरोध-प्रदर्शन किस बारे में था?
मजीठा विधानसभा क्षेत्र के कथूनंगल टोल प्लाजा पर किसानों ने बिजली कटौती और यूरिया खाद की किल्लत के खिलाफ AAP सरकार के विरुद्ध धरना दिया। मजीठिया के अनुसार ऐसे हालात पूरे पंजाब में हैं।
मजीठिया ने भगवंत मान पर क्या टिप्पणी की?
मजीठिया ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के उस पुराने दावे को याद दिलाया जिसमें उन्होंने कहा था कि मोटरें बंद करके भी धान की रोपाई हो सकती है। मजीठिया ने कहा कि आज किसानों के पास कोई विकल्प नहीं क्योंकि बिजली ही नहीं है।
AAP सरकार ने इन आरोपों पर क्या जवाब दिया है?
28 जून 2026 तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार, AAP सरकार की ओर से मजीठिया के इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
राष्ट्र प्रेस
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