27 जुलाई 2026
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PSPCL हड़ताल: पंजाब AAP मंत्री अमन अरोड़ा ने बिजली कर्मचारियों से काम पर लौटने की अपील की

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PSPCL हड़ताल: पंजाब AAP मंत्री अमन अरोड़ा ने बिजली कर्मचारियों से काम पर लौटने की अपील की

सारांश

21 जुलाई से जारी PSPCL हड़ताल ने पंजाब के 3 करोड़ लोगों की बिजली सेवाएँ बाधित कर दी हैं और धान की रोपाई संकट में है। AAP मंत्री अमन अरोड़ा ने कर्मचारियों से हड़ताल वापस लेने की अपील करते हुए उच्च स्तरीय समिति की सिफारिशें मानने का आश्वासन दिया।

मुख्य बातें

PSPCL कर्मचारी 21 जुलाई 2026 से राज्यव्यापी हड़ताल पर हैं, जिससे 3 करोड़ से अधिक पंजाबवासी प्रभावित हैं।
पंजाब AAP अध्यक्ष और मंत्री अमन अरोड़ा ने 26 जुलाई को हड़ताल तत्काल वापस लेने की अपील की।
सरकार ने कर्मचारी संघों के अनुरोध पर 20-25 दिन पहले उच्च स्तरीय समिति गठित की, जिसमें वित्त, विद्युत और कार्मिक विभाग के अधिकारी व संघों के 4 प्रतिनिधि शामिल हैं।
धान की रोपाई के निर्णायक मौसम में बिजली व्यवधान से किसानों की सिंचाई बुरी तरह प्रभावित।
अरोड़ा ने कहा — समिति की हर वास्तविक सिफारिश सरकार स्वीकार करेगी।

पंजाब आम आदमी पार्टी (AAP) के अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने 26 जुलाई 2026 को चंडीगढ़ में पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PSPCL) के हड़ताली कर्मचारियों से तत्काल हड़ताल समाप्त करने की अपील की। उन्होंने कहा कि 21 जुलाई से जारी यह हड़ताल धान की रोपाई के अहम मौसम में किसानों की मुश्किलें बढ़ा रही है और राज्य के करीब 3 करोड़ नागरिकों की आवश्यक बिजली सेवाएँ प्रभावित हो रही हैं।

हड़ताल की पृष्ठभूमि

PSPCL कर्मचारी 21 जुलाई 2026 से राज्यव्यापी हड़ताल पर हैं। कर्मचारी संघों की कई माँगें लंबे समय से लंबित थीं, जिनके समाधान के लिए संघों ने स्वयं सरकार से एक विशेष समिति गठित करने का अनुरोध किया था। सरकार ने इस अनुरोध पर कार्रवाई करते हुए हड़ताल शुरू होने से करीब 20 से 25 दिन पहले एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया था।

उच्च स्तरीय समिति का गठन

अरोड़ा ने बताया कि इस समिति में वित्त, विद्युत और कार्मिक विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ कर्मचारी संघों के चार प्रतिनिधि भी शामिल हैं। समिति कर्मचारियों की लंबित माँगों पर लगातार विचार-विमर्श कर रही है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार समिति की हर वास्तविक सिफारिश को सहानुभूतिपूर्वक और सकारात्मक दृष्टिकोण से स्वीकार करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

आम जनता और किसानों पर असर

अरोड़ा ने कहा कि इस हड़ताल की सबसे ज़्यादा मार किसानों पर पड़ रही है, क्योंकि धान की रोपाई का मौसम अपने निर्णायक दौर में है और बिजली आपूर्ति में व्यवधान से सिंचाई बुरी तरह प्रभावित हुई है। किसानों के अलावा घरेलू उपभोक्ता, व्यापारी और आम नागरिक भी गंभीर असुविधा झेल रहे हैं।

सरकार के कर्मचारी-कल्याण के दावे

मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में सरकार ने सत्ता संभालने के बाद से कर्मचारी कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं — जिनमें हज़ारों युवाओं को रोज़गार, हज़ारों संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण और सेवा लाभ देना शामिल है। उन्होंने यह भी बताया कि PSPCL कर्मचारियों की कई माँगें सरकार पहले ही स्वीकार कर चुकी है।

आगे क्या होगा

उच्च स्तरीय समिति शेष माँगों पर विचार जारी रखेगी। अरोड़ा ने कर्मचारियों से आग्रह किया कि वे बातचीत की प्रक्रिया पर भरोसा रखें और हड़ताल समाप्त कर काम पर लौटें, ताकि किसानों और आम जनता को राहत मिल सके। यह देखना अहम होगा कि कर्मचारी संघ सरकार की इस अपील पर क्या रुख अपनाते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

एक महत्वपूर्ण तथ्य है — लेकिन सवाल यह है कि 20-25 दिनों में समिति ठोस नतीजे क्यों नहीं दे पाई। धान की रोपाई के इस संवेदनशील मौसम में हड़ताल का जारी रहना दर्शाता है कि कर्मचारी संघों का सरकारी आश्वासनों पर भरोसा अभी भी कमज़ोर है। AAP सरकार, जो 'कर्मचारी-हितैषी' छवि पर राजनीतिक पूँजी बनाती है, के लिए यह हड़ताल एक असुविधाजनक विरोधाभास है। बातचीत की मेज़ पर समझौता जितना देर से होगा, किसानों और आम जनता की कीमत उतनी ही बढ़ती जाएगी।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PSPCL हड़ताल क्या है और यह कब से चल रही है?
पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PSPCL) के कर्मचारी अपनी लंबित माँगों को लेकर 21 जुलाई 2026 से राज्यव्यापी हड़ताल पर हैं। इस हड़ताल से पंजाब के करीब 3 करोड़ लोगों की बिजली सेवाएँ बाधित हैं।
पंजाब सरकार ने PSPCL कर्मचारियों की माँगों पर क्या कदम उठाए हैं?
सरकार ने कर्मचारी संघों के अनुरोध पर हड़ताल से 20-25 दिन पहले एक उच्च स्तरीय समिति गठित की, जिसमें वित्त, विद्युत और कार्मिक विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और संघों के 4 प्रतिनिधि शामिल हैं। मंत्री अमन अरोड़ा के अनुसार, कर्मचारियों की कई माँगें पहले ही स्वीकार की जा चुकी हैं।
PSPCL हड़ताल से किसानों पर क्या असर पड़ रहा है?
धान की रोपाई का मौसम अपने निर्णायक दौर में है और बिजली आपूर्ति बाधित होने से किसानों की सिंचाई व्यवस्था गंभीर रूप से प्रभावित हुई है। मंत्री अरोड़ा ने इसे हड़ताल वापस लेने की सबसे बड़ी वजह बताया।
अमन अरोड़ा ने कर्मचारियों को क्या आश्वासन दिया?
अरोड़ा ने कहा कि सरकार उच्च स्तरीय समिति की हर वास्तविक सिफारिश को सहानुभूति और सकारात्मक दृष्टिकोण से स्वीकार करेगी। उन्होंने कर्मचारियों से बातचीत की प्रक्रिया पर भरोसा रखने और हड़ताल समाप्त करने की अपील की।
PSPCL हड़ताल आम नागरिकों को कैसे प्रभावित कर रही है?
किसानों के अलावा घरेलू उपभोक्ता, व्यापारी और आम जनता भी बिजली सेवाओं में व्यवधान के कारण गंभीर असुविधा झेल रहे हैं। राज्य के करीब 3 करोड़ लोगों की आवश्यक सेवाएँ प्रभावित हैं।
राष्ट्र प्रेस
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