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पंजाब पर ₹4.17 लाख करोड़ का कर्ज: भाजपा का AAP सरकार पर वित्तीय कुप्रबंधन का आरोप

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पंजाब पर ₹4.17 लाख करोड़ का कर्ज: भाजपा का AAP सरकार पर वित्तीय कुप्रबंधन का आरोप

सारांश

पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने AAP सरकार के कर्ज के आंकड़े सार्वजनिक करते हुए दावा किया कि राज्य का बकाया कर्ज ₹2.82 लाख करोड़ से बढ़कर ₹4.17 लाख करोड़ हो गया है और 2025-26 में ₹49,900 करोड़ तक उधार की योजना है — जबकि वित्त मंत्री राजस्व वृद्धि का दावा करते रहे हैं।

मुख्य बातें

पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने 12 जुलाई को AAP सरकार पर वित्तीय कुप्रबंधन का आरोप लगाया।
राज्य का कुल कर्ज 2022 के ₹2.82 लाख करोड़ से बढ़कर अब करीब ₹4.17 लाख करोड़ हो गया है।
वित्त विभाग की 10 जुलाई की अधिसूचना में ₹1,000 करोड़ का नया कर्ज लेने का प्रस्ताव।
2025-26 में पूरे वर्ष के लिए ₹49,900 करोड़ तक उधार लेने की सरकारी योजना।
भाजपा ने माँग की कि CM भगवंत मान और वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा कर्ज कम करने का विश्वसनीय रोडमैप पेश करें।
अनुमान: 2026-27 तक कर्ज ₹4.48 लाख करोड़ तक पहुँच सकता है।

पंजाब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने 12 जुलाई को चंडीगढ़ में आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने निरंतर कर्ज लेकर पंजाब को गहरे वित्तीय संकट में धकेल दिया है। उनके अनुसार, राज्य पर बकाया कुल कर्ज 2022 में लगभग ₹2.82 लाख करोड़ था, जो अब बढ़कर करीब ₹4.17 लाख करोड़ हो गया है।

नई अधिसूचना ने खोली पोल

ढिल्लों ने कहा कि राज्य के वित्त विभाग द्वारा 10 जुलाई को जारी एक अधिसूचना, जिसमें ₹1,000 करोड़ का नया कर्ज लेने का प्रस्ताव है, वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के उन दावों की हकीकत उजागर करती है जिनमें वे जीएसटी, वैट और आबकारी राजस्व में मजबूत वृद्धि का श्रेय लेते रहे हैं। भाजपा नेता ने तर्क दिया कि यदि राजस्व वास्तव में बढ़ रहा होता, तो सरकार को बार-बार बाज़ार से उधार लेने की ज़रूरत नहीं पड़ती।

कर्ज के आंकड़े — वर्षवार तस्वीर

ढिल्लों द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, AAP सरकार ने 2022-23 में लगभग ₹24,000 करोड़, 2023-24 में करीब ₹28,000 करोड़ और 2024-25 में ₹34,201 करोड़ का कर्ज लिया। 2025-26 में जनवरी तक ही ₹20,770 करोड़ से अधिक उधार लिया जा चुका था, जबकि पूरे वर्ष के लिए ₹49,900 करोड़ तक कर्ज लेने की योजना बनाई गई है। नई ₹1,000 करोड़ की अधिसूचना इसी के ऊपर है।

भविष्य की चिंता

भाजपा नेता ने अनुमान जताया कि यदि यही रुझान जारी रहा तो 2026-27 तक पंजाब का कुल कर्ज ₹4.48 लाख करोड़ तक पहुँच सकता है। उन्होंने कहा कि यह नीति राज्य की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के बजाय आने वाली पीढ़ियों पर अतिरिक्त बोझ डाल रही है। गौरतलब है कि पंजाब पहले से ही देश के सर्वाधिक कर्ज़दार राज्यों में गिना जाता है।

भाजपा की माँग

ढिल्लों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान और वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा से माँग की कि वे पंजाब की जनता के सामने राज्य की वास्तविक वित्तीय स्थिति का पूरा ब्यौरा रखें और कर्ज में कटौती के लिए एक ठोस एवं विश्वसनीय रोडमैप प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि बार-बार कर्ज पर निर्भरता 'समृद्ध पंजाब' के वादे को 'कंगाल पंजाब' में बदल रही है।

AAP सरकार की स्थिति

इस मामले पर AAP सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा पहले यह तर्क देते रहे हैं कि राजस्व संग्रह में सुधार हो रहा है और कर्ज का उपयोग विकास कार्यों के लिए किया जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन पंजाब के कर्ज की दिशा पर सवाल उठाना ज़रूरी है — क्योंकि यह संकट किसी एक दल की देन नहीं, बल्कि दशकों की राजकोषीय लापरवाही का नतीजा है। AAP सरकार राजस्व वृद्धि का दावा करती है, लेकिन बढ़ता कर्ज यह बताता है कि व्यय और आय के बीच की खाई अभी भी बनी हुई है। असली सवाल यह है कि क्या कर्ज उत्पादक पूँजीगत व्यय पर खर्च हो रहा है या चालू खर्चों की भरपाई के लिए — और इसका जवाब सरकार ने अब तक पारदर्शी तरीके से नहीं दिया है।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंजाब पर अभी कितना कर्ज है?
भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों के दावे के अनुसार, पंजाब पर बकाया कर्ज 2022 के लगभग ₹2.82 लाख करोड़ से बढ़कर अब करीब ₹4.17 लाख करोड़ हो गया है। अनुमान है कि 2026-27 तक यह ₹4.48 लाख करोड़ तक पहुँच सकता है।
AAP सरकार ने हर साल कितना कर्ज लिया?
भाजपा द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, AAP सरकार ने 2022-23 में लगभग ₹24,000 करोड़, 2023-24 में करीब ₹28,000 करोड़ और 2024-25 में ₹34,201 करोड़ का कर्ज लिया। 2025-26 में जनवरी तक ही ₹20,770 करोड़ से अधिक उधार लिया जा चुका था।
10 जुलाई की अधिसूचना क्या है जिसका भाजपा ने ज़िक्र किया?
पंजाब के वित्त विभाग ने 10 जुलाई को एक अधिसूचना जारी की जिसमें ₹1,000 करोड़ का नया कर्ज लेने का प्रस्ताव है। भाजपा का कहना है कि यह अधिसूचना वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के राजस्व वृद्धि के दावों के विपरीत है।
भाजपा ने AAP सरकार से क्या माँग की है?
भाजपा अध्यक्ष ढिल्लों ने माँग की है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान और वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा पंजाब की वास्तविक वित्तीय स्थिति जनता के सामने रखें और कर्ज कम करने का एक ठोस एवं विश्वसनीय रोडमैप पेश करें।
क्या AAP सरकार ने इन आरोपों का जवाब दिया है?
भाजपा के इन आरोपों पर AAP सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा पहले जीएसटी, वैट और आबकारी राजस्व में सुधार का हवाला देते रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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