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पंजाब BJP का आरोप: AAP का ₹20,000 करोड़ खनन राजस्व वादा झूठ, मिले सिर्फ ₹600 करोड़

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पंजाब BJP का आरोप: AAP का ₹20,000 करोड़ खनन राजस्व वादा झूठ, मिले सिर्फ ₹600 करोड़

सारांश

पंजाब BJP अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने AAP पर बड़ा हमला बोला — ₹20,000 करोड़ खनन राजस्व का चुनावी वादा महज ₹600 करोड़ पर आकर सिमट गया। साढ़े चार साल बाद अवैध खनन जारी, राज्य का खजाना खाली — BJP ने अन्य वादों का हिसाब भी माँगा।

मुख्य बातें

पंजाब BJP अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने AAP पर ₹20,000 करोड़ के खनन राजस्व वादे को झूठा बताया।
2025-26 में खनन से केवल लगभग ₹600 करोड़ एकत्र हुए — वादे का मात्र 3% ।
इनमें से ₹150 करोड़ हिमाचल प्रदेश और हरियाणा से आई खनन सामग्री पर कर से मिले।
BJP का आरोप — साढ़े चार साल में अवैध खनन पर कोई अंकुश नहीं, नदियों में लूट जारी।
ढिल्लों ने कहा, यह सिर्फ एक वादे का हिसाब है — बाकी वादों की जवाबदेही अभी बाकी।

पंजाब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने 7 जुलाई 2026 को चंडीगढ़ में आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि रेत और बजरी खनन से ₹20,000 करोड़ राजस्व जुटाने का चुनावी वादा पूरी तरह खोखला साबित हुआ है। उनके अनुसार, 2025-26 में राज्य सरकार खनन से केवल लगभग ₹600 करोड़ ही एकत्र कर पाई — वादे का महज तीन प्रतिशत।

राजस्व का हिसाब-किताब

ढिल्लों ने विस्तार से बताया कि इन ₹600 करोड़ में से भी लगभग ₹150 करोड़ पंजाब के अपने खनन कार्यों से नहीं, बल्कि हिमाचल प्रदेश और हरियाणा से राज्य में आने वाली खनन सामग्री पर लगाए गए कर से प्राप्त हुए। इसका अर्थ यह है कि पंजाब के स्वयं के खनन परिचालन से राजस्व इससे भी कम रहा। BJP अध्यक्ष ने सवाल उठाया कि बाकी बचे ₹19,400 करोड़ आखिर कहाँ गए।

अवैध खनन पर आरोप

ढिल्लों ने आरोप लगाया कि साढ़े चार साल सत्ता में रहने के बावजूद AAP सरकार ने न तो अवैध खनन पर अंकुश लगाया और न ही राज्य के खजाने को मजबूत किया। उनके अनुसार, 'टिपर ट्रक खुलेआम चल रहे हैं, नदियों में अवैध खनन जारी है, फिर भी सरकार ने आँखें मूंद ली हैं।' यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब की नदियों में अवैध खनन की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं।

राजनीतिक हमला

BJP अध्यक्ष ने कहा कि जिस 'क्रांति' के वादे पर AAP सत्ता में आई थी, वह अब बेनकाब हो चुकी है। उन्होंने कहा कि 'दिल्ली की जनता द्वारा ठुकराए जाने के बावजूद पंजाब को पर्दे के पीछे से चला रहे लोगों ने बड़े-बड़े वादे करके जनता को लुभाया और अंत में पंजाब की रेत तक को खा गया।' गौरतलब है कि यह खनन राजस्व का मुद्दा AAP के 2022 के विधानसभा चुनाव प्रचार का एक प्रमुख हिस्सा था।

आम जनता पर असर

खनन राजस्व में भारी कमी का सीधा असर राज्य के वित्त पर पड़ता है। विशेषज्ञों के अनुसार, अनुमानित राजस्व और वास्तविक संग्रह के बीच इतना बड़ा अंतर राज्य की सामाजिक योजनाओं और बुनियादी ढाँचे के लिए आवंटित बजट को प्रभावित कर सकता है। ढिल्लों ने स्पष्ट किया कि 'यह तो सिर्फ एक वादे का हिसाब है, जबकि सरकार के अन्य वादों का हिसाब अभी बाकी है।'

आगे क्या

BJP ने संकेत दिया है कि वह खनन राजस्व सहित AAP सरकार के अन्य चुनावी वादों पर भी जवाबदेही माँगती रहेगी। फिलहाल AAP सरकार की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 करोड़ बनाम ₹600 करोड़ का यह अंतर केवल एक राजनीतिक आरोप नहीं — यह राज्य के राजकोषीय नियोजन की विफलता का संकेत भी है। AAP ने 2022 में खनन सुधार को अपने सुशासन के मॉडल के केंद्र में रखा था; तीन साल बाद वास्तविक संग्रह और वादे के बीच की यह खाई पार्टी की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े करती है। यह भी ध्यान देने योग्य है कि अवैध खनन पंजाब में दशकों पुरानी समस्या है जो हर सरकार के कार्यकाल में बनी रही है — BJP को भी इस पर अपनी पिछली जवाबदेही से मुँह नहीं चुराना चाहिए। असली परीक्षा यह है कि क्या राज्य सरकार खनन नीति में पारदर्शी ऑडिट और स्वतंत्र निगरानी तंत्र लाएगी।
RashtraPress
6 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

AAP का ₹20,000 करोड़ खनन राजस्व वादा क्या था?
आम आदमी पार्टी ने 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में वादा किया था कि सरकार बनने पर रेत और बजरी खनन के जरिए राज्य को ₹20,000 करोड़ का राजस्व दिलाया जाएगा। BJP के अनुसार, 2025-26 में वास्तविक संग्रह केवल लगभग ₹600 करोड़ रहा।
पंजाब में खनन राजस्व इतना कम क्यों रहा?
BJP अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों के अनुसार, अवैध खनन पर अंकुश न लगने और सरकारी उदासीनता के कारण राजस्व संग्रह लक्ष्य से बहुत पीछे रहा। इसके अलावा, ₹600 करोड़ में से ₹150 करोड़ पड़ोसी राज्यों से आई सामग्री पर कर से मिले, पंजाब के अपने खनन से नहीं।
AAP सरकार ने इन आरोपों पर क्या कहा?
फिलहाल आम आदमी पार्टी या पंजाब सरकार की ओर से BJP के इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
पंजाब में अवैध खनन की समस्या कितनी पुरानी है?
पंजाब में अवैध रेत और बजरी खनन दशकों से चली आ रही समस्या है और पिछली कई सरकारों के कार्यकाल में भी यह मुद्दा उठता रहा है। AAP ने 2022 में इसे समाप्त करने का वादा किया था, जो अब BJP के निशाने पर है।
BJP ने AAP सरकार से आगे क्या माँग की है?
केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि खनन राजस्व सिर्फ एक वादे का हिसाब है और AAP सरकार के अन्य चुनावी वादों की जवाबदेही भी माँगी जाएगी। उन्होंने सरकार को सीधी चुनौती दी कि वह अपनी 'क्रांति' का हिसाब जनता को दे।
राष्ट्र प्रेस
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