पंजाब विधानसभा का 1 मई का विशेष सत्र 'फिजूलखर्ची': BJP महासचिव तरुण चुघ का AAP सरकार पर हमला
सारांश
Key Takeaways
- BJP महासचिव तरुण चुघ ने 29 अप्रैल 2026 को 1 मई के पंजाब विधानसभा विशेष सत्र को 'फिजूलखर्ची' और सरकारी खजाने पर बोझ बताया।
- चुघ ने माँग की कि भगवंत मान सरकार तुरंत कर्मचारियों के लंबित बकाये के रूप में ₹15,000 करोड़ जारी करे।
- BJP ने AAP और कांग्रेस पर दिल्ली में दोस्ती और पंजाब में प्रतिद्वंद्विता का नाटक करने का आरोप लगाया।
- विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा पर निशाना साधते हुए चुघ ने कहा कि कांग्रेस विपक्ष की भूमिका में पूरी तरह विफल रही है।
- चुघ ने कथित खनन माफिया को ₹20,000 करोड़ की लूट करने देने का आरोप AAP सरकार पर लगाया।
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने बुधवार, 29 अप्रैल 2026 को 1 मई को बुलाए गए पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र को 'फिजूलखर्ची' और सरकारी खजाने पर अनावश्यक बोझ करार दिया। चंडीगढ़ में पत्रकारों से बात करते हुए चुघ ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग का गंभीर आरोप लगाया।
BJP का मुख्य आरोप
चुघ ने कहा कि भगवंत मान सरकार विधानसभा जैसी संवैधानिक संस्था का उपयोग दो उद्देश्यों के लिए कर रही है — पहला, कमज़ोर होती पार्टी और अस्थिर विधायकों को संभालना, और दूसरा, पंजाब में बढ़ते जन आक्रोश से ध्यान भटकाना। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में माफिया राज, गुंडागर्दी और जबरन वसूली का जाल फैला हुआ है, जिससे उपजे असंतोष को छुपाने के लिए यह सत्र बुलाया गया है।
भगवंत मान से सवाल
BJP महासचिव ने कहा कि इस सत्र को बुलाने से पहले मुख्यमंत्री भगवंत मान को जनता को यह बताना होगा कि उनके तथाकथित 'परिवर्तन' ने चार वर्षों में क्या हासिल किया है। चुघ के अनुसार, भ्रष्टाचार, अराजकता और आंतरिक कलह ने AAP को गहरे अविश्वास में धकेल दिया है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार पर कर्मचारियों के बकाया भुगतान को लेकर भी दबाव बढ़ रहा है।
₹15,000 करोड़ की माँग
चुघ ने माँग की कि अगर सरकार वाकई गंभीर है, तो उसे मजदूर दिवस पर दिखावा करना बंद करके तुरंत महंगाई भत्ते और कर्मचारियों के लंबित भुगतान के रूप में ₹15,000 करोड़ जारी करने चाहिए। उनका यह बयान राज्य सरकारी कर्मचारियों के उस वर्ग को लक्षित करता है जो लंबे समय से बकाया राशि की माँग कर रहे हैं।
कांग्रेस पर भी निशाना
चुघ ने कांग्रेस और AAP दोनों को एक साथ घेरते हुए कहा कि दोनों पार्टियाँ पंजाब में प्रतिद्वंद्वी होने का नाटक करती हैं, जबकि दिल्ली में उनके बीच दोस्ती है। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में दोनों पार्टियों के गठबंधन का हवाला दिया। विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा पर निशाना साधते हुए चुघ ने कहा कि बाजवा को मुख्यमंत्री के चुटकुलों पर ताली बजाने की बजाय सरकार से सवाल करने पर ध्यान देना चाहिए।
खनन माफिया और 'गद्दार' का मुद्दा
'गद्दार' संबंधी बयानों का जवाब देते हुए चुघ ने कहा कि पंजाब की जनता जानती है कि असली गद्दार कौन हैं — उनका इशारा उन लोगों की ओर था जिन्होंने कथित तौर पर खनन माफिया को ₹20,000 करोड़ की लूट करने में सक्षम बनाया और राज्य के युवाओं का भविष्य छीन लिया। गौरतलब है कि पंजाब में खनन घोटाले को लेकर विवाद लंबे समय से चला आ रहा है। आने वाले दिनों में यह राजनीतिक टकराव और तेज़ होने की संभावना है, खासकर जब 1 मई का विशेष सत्र नज़दीक आ रहा है।