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मिजोरम के चम्फाई में ₹3.30 करोड़ की मेथामफेटामाइन जब्त, असम राइफल्स का संयुक्त अभियान

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मिजोरम के चम्फाई में ₹3.30 करोड़ की मेथामफेटामाइन जब्त, असम राइफल्स का संयुक्त अभियान

सारांश

असम राइफल्स ने चम्फाई के जोटे क्षेत्र में एक लावारिस मोटरसाइकिल से ₹3.30 करोड़ की मेथामफेटामाइन बरामद की — म्यांमार से जुड़े 'गोल्डन ट्रायंगल' तस्करी मार्ग पर सुरक्षा बलों की एक और बड़ी कार्रवाई।

मुख्य बातें

असम राइफल्स और आबकारी एवं नारकोटिक्स विभाग ने 6 जुलाई को चम्फाई जिले के जोटे क्षेत्र में संयुक्त अभियान चलाया।
एक लावारिस टीवीएस अपाचे आरटीआर मोटरसाइकिल से 11 किलोग्राम मेथामफेटामाइन गोलियाँ बरामद हुईं।
जब्त नशीले पदार्थ का अनुमानित बाज़ार मूल्य ₹3.30 करोड़ आँका गया है।
एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के तहत मामला दर्ज; सामग्री और मोटरसाइकिल चम्फाई आबकारी विभाग को सौंपी गई।
मिजोरम की म्यांमार से लगती खुली सीमा इसे 'गोल्डन ट्रायंगल' तस्करी नेटवर्क का संवेदनशील मार्ग बनाती है।

असम राइफल्स ने आबकारी एवं नारकोटिक्स विभाग के साथ मिलकर पूर्वी मिजोरम के चम्फाई जिले में ₹3.30 करोड़ की अनुमानित बाज़ार कीमत वाली 11 किलोग्राम मेथामफेटामाइन गोलियाँ जब्त की हैं। 6 जुलाई को चलाए गए इस संयुक्त अभियान में एक लावारिस मोटरसाइकिल से यह खेप बरामद हुई, जो सीमापार तस्करी नेटवर्क की ओर इशारा करती है।

अभियान का घटनाक्रम

रक्षा प्रवक्ता के अनुसार, विशिष्ट खुफिया सूचनाओं के आधार पर असम राइफल्स के जवानों ने चम्फाई जिले के जोटे क्षेत्र में तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान संयुक्त दल को एक लावारिस टीवीएस अपाचे आरटीआर मोटरसाइकिल मिली। दोपहिया वाहन की गहन जाँच में 11 किलोग्राम मेथामफेटामाइन गोलियाँ बरामद हुईं, जिनका अनुमानित बाज़ार मूल्य ₹3.30 करोड़ आँका गया है।

कानूनी कार्रवाई

मादक औषधि एवं मनोविकारकारी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम, 1985 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। जब्त मेथामफेटामाइन गोलियाँ और मोटरसाइकिल दोनों को आगे की जाँच और कानूनी कार्रवाई के लिए चम्फाई स्थित आबकारी एवं मादक पदार्थ विभाग को सौंप दिया गया है।

मेथामफेटामाइन: क्या है यह पदार्थ

मेथामफेटामाइन गोलियों में मेथामफेटामाइन और कैफीन का मिश्रण होता है। इन्हें बांग्लादेश, भारत और कई पड़ोसी देशों में उच्च क्षमता वाले उत्तेजक के रूप में दुरुपयोग किया जाता है। अत्यधिक व्यसनकारी प्रकृति और गंभीर स्वास्थ्य परिणामों के कारण यह भारत में प्रतिबंधित मादक पदार्थ है।

मिजोरम: तस्करी का संवेदनशील गलियारा

मिजोरम और मणिपुर पूर्वोत्तर भारत में मादक पदार्थों की तस्करी के प्रमुख गलियारों के रूप में उभरे हैं। इन राज्यों की म्यांमार के साथ लंबी और बिना बाड़ वाली अंतरराष्ट्रीय सीमाएँ हैं, जो कुख्यात 'गोल्डन ट्रायंगल' से जुड़ती हैं — दुनिया के सबसे बड़े अवैध मादक पदार्थ उत्पादन क्षेत्रों में से एक। यह ऐसे समय में आया है जब पूर्वोत्तर में नशे की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए सुरक्षा बलों का दबाव लगातार बढ़ रहा है।

असम राइफल्स की प्रतिबद्धता

रक्षा प्रवक्ता ने कहा कि यह जब्ती असम राइफल्स की मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क को नष्ट करने और मिजोरम में सीमावर्ती निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है। बल सीमापार तस्करी गतिविधियों के प्रति सतर्क है और नागरिक अधिकारियों के साथ समन्वय में काम जारी रखेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो दर्शाती हैं कि म्यांमार से लगी खुली सीमा पर तस्करी का नेटवर्क कितना संगठित है। सवाल यह है कि जब्ती के बाद आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ने के लिए कितनी गिरफ्तारियाँ होती हैं — लावारिस वाहन मिलना यह भी संकेत देता है कि तस्कर पकड़े जाने से पहले ही भाग निकले। जब तक सीमा प्रबंधन और खुफिया तंत्र को मज़बूत नहीं किया जाता, केवल जब्ती के आँकड़े तस्करी की जड़ नहीं काट सकते।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मिजोरम के चम्फाई में क्या बरामद हुआ?
असम राइफल्स और आबकारी एवं नारकोटिक्स विभाग ने चम्फाई जिले के जोटे क्षेत्र में एक लावारिस टीवीएस अपाचे आरटीआर मोटरसाइकिल से 11 किलोग्राम मेथामफेटामाइन गोलियाँ बरामद कीं। इनका अनुमानित बाज़ार मूल्य ₹3.30 करोड़ है।
मेथामफेटामाइन गोलियाँ क्या होती हैं और ये खतरनाक क्यों हैं?
मेथामफेटामाइन गोलियों में मेथामफेटामाइन और कैफीन का मिश्रण होता है, जिन्हें उच्च क्षमता वाले उत्तेजक के रूप में दुरुपयोग किया जाता है। अत्यधिक व्यसनकारी प्रकृति और गंभीर स्वास्थ्य परिणामों के कारण यह भारत में एनडीपीएस अधिनियम के तहत प्रतिबंधित पदार्थ है।
इस मामले में कानूनी कार्रवाई क्या हुई?
मादक औषधि एवं मनोविकारकारी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम, 1985 के तहत मामला दर्ज किया गया है। जब्त सामग्री और मोटरसाइकिल को आगे की जाँच के लिए चम्फाई स्थित आबकारी एवं मादक पदार्थ विभाग को सौंप दिया गया है।
मिजोरम ड्रग तस्करी का बड़ा गलियारा क्यों बना हुआ है?
मिजोरम की म्यांमार के साथ लंबी और बिना बाड़ वाली अंतरराष्ट्रीय सीमा है, जो 'गोल्डन ट्रायंगल' — दुनिया के सबसे बड़े अवैध मादक पदार्थ उत्पादन क्षेत्रों में से एक — से जुड़ती है। यही भौगोलिक स्थिति इसे तस्करों के लिए एक संवेदनशील मार्ग बनाती है।
असम राइफल्स पूर्वोत्तर में नशा तस्करी रोकने में क्या भूमिका निभाती है?
असम राइफल्स पूर्वोत्तर में सीमावर्ती क्षेत्रों में खुफिया सूचनाओं के आधार पर नागरिक अधिकारियों के साथ संयुक्त अभियान चलाती है। यह बल सीमापार तस्करी नेटवर्क को नष्ट करने और स्थानीय निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
राष्ट्र प्रेस
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