7 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

पुणे में भारी बारिश: 5 मौतें, 20 घायल; 22 स्थानों पर भूस्खलन, 9 सड़कें बंद — कलेक्टर जितेंद्र डूडी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
पुणे में भारी बारिश: 5 मौतें, 20 घायल; 22 स्थानों पर भूस्खलन, 9 सड़कें बंद — कलेक्टर जितेंद्र डूडी

सारांश

पुणे में तीन-चार दिनों की भारी बारिश ने तबाही मचा दी है — 5 मौतें, 20 घायल, 22 भूस्खलन और 9 सड़कें बंद। लोनावला में NDRF की अतिरिक्त टीम तैनात है और वारकरी यात्रा को लेकर प्रशासन ने विशेष एडवाइज़री जारी की है।

मुख्य बातें

पुणे जिले में भारी बारिश से 5 लोगों की मौत और 20 लोग घायल , जिला कलेक्टर जितेंद्र डूडी ने पुष्टि की।
पिछले दो दिनों में कई इलाकों में 200 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज; जिले में तीन-चार दिनों से रेड अलर्ट जारी।
जिले में 22 स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएँ; 9 सड़कें बंद, जिनमें 2 प्रमुख मार्ग शामिल।
लोनावला में जलस्तर बढ़ने पर NDRF की अतिरिक्त टीम तैनात, राहत-बचाव अभियान जारी।
प्रशासन ने वारकरियों से देहू और आलंदी के बजाय निर्धारित पड़ावों से यात्रा में शामिल होने की अपील की।

महाराष्ट्र के पुणे जिले में 6 जुलाई 2026 को भारी बारिश के कारण जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। जिला कलेक्टर जितेंद्र डूडी ने बताया कि पिछले दो दिनों में कई इलाकों में 200 मिलीमीटर से अधिक वर्षा दर्ज की गई, जिससे भूस्खलन, बाढ़ और सड़क अवरोध की स्थिति उत्पन्न हुई। अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है और 20 लोग घायल हैं।

मुख्य घटनाक्रम

जिले में पिछले तीन-चार दिनों से लगातार रेड अलर्ट जारी है। 22 स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएँ दर्ज की गई हैं। दो-तीन स्थानों पर भूस्खलन से लोगों की जान गई, जबकि एक स्थान पर दीवार ढहने से कई लोग घायल हुए और एक व्यक्ति की मृत्यु हुई। कुछ स्थानों पर पशुओं की भी मौत होने की सूचना है।

भारी जलभराव के कारण कई क्षेत्रों में लोग फँस गए थे, जिन्हें प्रशासन ने समय रहते रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर सुरक्षित निकाला। जिन लोगों को मामूली चोटें आई हैं, उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने की आवश्यकता नहीं पड़ी।

लोनावला में अतिरिक्त NDRF तैनात

लोनावला क्षेत्र में अभी भी लगातार तेज बारिश हो रही है और जलस्तर बढ़ता जा रहा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने वहाँ राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की अतिरिक्त टीम तैनात की है। राहत और बचाव अभियान निरंतर जारी है।

सड़कें और यातायात व्यवस्था

जिले में फिलहाल 9 सड़कों को एहतियातन बंद किया गया है — इनमें अधिकांश छोटे मार्ग हैं, लेकिन दो प्रमुख सड़कें भी यातायात के लिए बंद हैं। संबंधित विभागों ने आपसी समन्वय से 22 भूस्खलन स्थलों पर मलबा हटाने और सड़कें खोलने का काम तेज़ी से जारी रखा है।

वारकरी यात्रा पर विशेष अपील

देहू और आलंदी की धार्मिक यात्रा शुरू होने जा रही है। भारी बारिश और जलभराव को देखते हुए प्रशासन ने वारकरियों से विशेष अपील की है कि वे सीधे देहू और आलंदी पहुँचने के बजाय पुणे महानगरपालिका क्षेत्र या उससे आगे के निर्धारित पड़ावों से यात्रा में शामिल हों।

कलेक्टर जितेंद्र डूडी ने श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि वे प्रशासन की सलाह का पालन करें ताकि यात्रा सुरक्षित और सुचारु रूप से संपन्न हो सके। गौरतलब है कि देहू और आलंदी में अत्यधिक जलभराव के कारण व्यवस्थाएँ प्रभावित हो सकती हैं।

आगे की स्थिति

प्रशासन स्थिति पर लगातार नज़र बनाए हुए है। मौसम विभाग के रेड अलर्ट को देखते हुए अगले कुछ दिनों में बारिश की तीव्रता बनी रहने की आशंका है। जिला प्रशासन ने नागरिकों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

संपादकीय दृष्टिकोण

भूस्खलन, और फिर राहत-बचाव की कवायद। सवाल यह है कि 22 भूस्खलन स्थलों की पहचान के बावजूद इन संवेदनशील क्षेत्रों में दीर्घकालिक ढाँचागत सुरक्षा उपाय क्यों नहीं हो पाते। लोनावला जैसे पर्यटन-भारी क्षेत्र में हर साल NDRF तैनाती की नौबत आना प्रशासनिक तैयारी पर गंभीर प्रश्न खड़ा करता है। वारकरी यात्रा जैसे बड़े धार्मिक आयोजनों के लिए मौसम-संवेदनशील योजना की ज़रूरत अब वैकल्पिक नहीं, बल्कि अनिवार्य है।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पुणे में भारी बारिश से कितने लोगों की मौत हुई है?
जिला कलेक्टर जितेंद्र डूडी के अनुसार, भूस्खलन और बारिश से जुड़े हादसों में अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 20 लोग घायल हैं। दो-तीन स्थानों पर भूस्खलन और एक स्थान पर दीवार गिरने से जानें गई हैं।
पुणे में कितने स्थानों पर भूस्खलन हुआ है?
जिले में 22 स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएँ दर्ज की गई हैं। संबंधित विभागों ने इन सभी स्थानों पर मलबा हटाने और सड़कें खोलने का काम तेज़ी से जारी रखा है।
लोनावला में क्या स्थिति है और NDRF क्यों तैनात की गई?
लोनावला में लगातार तेज बारिश के कारण जलस्तर बढ़ रहा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने वहाँ NDRF की अतिरिक्त टीम तैनात की है और राहत-बचाव अभियान निरंतर जारी है।
वारकरी यात्रियों के लिए प्रशासन की क्या सलाह है?
प्रशासन ने वारकरियों से अपील की है कि वे देहू और आलंदी सीधे पहुँचने के बजाय पुणे महानगरपालिका क्षेत्र या उससे आगे के निर्धारित पड़ावों से यात्रा में शामिल हों। देहू और आलंदी में अत्यधिक जलभराव के कारण व्यवस्थाएँ प्रभावित हो सकती हैं।
पुणे में कितनी सड़कें बंद हैं और कब खुलेंगी?
फिलहाल जिले में 9 सड़कों को एहतियातन बंद किया गया है, जिनमें 2 प्रमुख मार्ग शामिल हैं। प्रशासन मलबा हटाने और सड़कें बहाल करने में जुटा है, लेकिन रेड अलर्ट जारी रहने के कारण पुनः खोलने की कोई निश्चित समयसीमा नहीं दी गई है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 घंटे पहले
  2. 5 घंटे पहले
  3. 9 घंटे पहले
  4. 12 घंटे पहले
  5. 2 दिन पहले
  6. 3 दिन पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 1 साल पहले