महाराष्ट्र में मूसलाधार बारिश: मुंबई-ठाणे समेत 6 जिलों में 7 जुलाई तक रेड अलर्ट, 250 मिमी वर्षा का अनुमान
सारांश
मुख्य बातें
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 4 जुलाई 2026 को महाराष्ट्र के कई जिलों के लिए 7 जुलाई तक भारी वर्षा का रेड अलर्ट जारी किया है। सप्ताहांत के दौरान संवेदनशील इलाकों में 200 मिमी से 250 मिमी तक बारिश होने का अनुमान है, जिससे मुंबई महानगर क्षेत्र में जनजीवन पर गंभीर असर पड़ने की आशंका है।
किन जिलों में रेड अलर्ट लागू
मुंबई और ठाणे में शनिवार और रविवार — दोनों दिनों के लिए रेड अलर्ट प्रभावी है। इसके अलावा पालघर, रायगढ़, सतारा और पुणे जिलों को भी इसी श्रेणी में रखा गया है। यह लगातार चौथा दिन है जब मॉनसून की तीव्र गतिविधि के चलते इन जिलों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
मुख्य घटनाक्रम और वर्षा के आँकड़े
मौसम विभाग के अधिकारियों के अनुसार, मात्र 24 घंटों में कई इलाकों में 100 मिमी से अधिक वर्षा दर्ज की गई। बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के आँकड़ों के अनुसार, बांद्रा और चेंबूर के कुछ हिस्सों में सर्वाधिक बारिश रिकॉर्ड हुई। ठाणे में शुक्रवार सुबह से शनिवार तड़के के बीच 58 मिमी वर्षा दर्ज की गई और जिले में रुक-रुक कर भारी बारिश का दौर जारी है।
शनिवार सुबह से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण निचले और संवेदनशील इलाकों में तत्काल जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। मौसम विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि आने वाले घंटों में वर्षा की तीव्रता और बढ़ सकती है।
प्रशासन और आपदा प्रबंधन की तैयारी
स्थानीय नागरिक प्रशासन, फायर ब्रिगेड और आपदा प्रबंधन विभाग को हाई अलर्ट पर रखा गया है। BMC ने सभी समुद्र तटों और तटीय क्षेत्रों में प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। राज्य प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे बिना आवश्यकता घर से बाहर न निकलें और पानी भरे इलाकों या घाटों पर जाने से पूरी तरह परहेज करें।
आम जनता के लिए सुरक्षा सलाह
अधिकारियों ने नागरिकों को निम्नलिखित सावधानियाँ बरतने की सख्त हिदायत दी है — पानी भरी सड़कों पर वाहन न चलाएँ, जलभराव वाले इलाकों में पैदल न उतरें, और निचले इलाकों में जाने से बचें। आपातकालीन स्थिति में प्रशासन द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबरों पर तत्काल संपर्क करने की अपील की गई है। पूरे महानगर क्षेत्र में नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की जा रही है।
आगे क्या
मौसम विभाग के अनुसार मॉनसून की यह तीव्र गतिविधि 7 जुलाई तक बनी रहने की संभावना है। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि स्थिति की निरंतर निगरानी की जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त एहतियाती कदम उठाए जाएँगे।