भारत का सीनियर लिविंग मार्केट 2030 तक ₹1 लाख करोड़ के पार, आवास माँग 30 लाख यूनिट तक पहुँचने का अनुमान
सारांश
मुख्य बातें
कोलियर्स इंडिया की एक ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, भारत का सीनियर लिविंग मार्केट 2030 तक ₹1 लाख करोड़ से अधिक का हो सकता है और वरिष्ठ नागरिकों के लिए आवास की माँग 30 लाख यूनिट तक पहुँचने की संभावना है। 18 अगस्त 2026 को जारी यह रिपोर्ट भारत के रियल एस्टेट क्षेत्र में एक नए उभरते परिसंपत्ति वर्ग की ओर संकेत करती है।
बाज़ार का मौजूदा आकार और विकास पथ
रिपोर्ट के आँकड़ों के अनुसार, यह क्षेत्र वर्तमान में करीब ₹30,000 करोड़ (300 अरब रुपए) का है, जो 2024 के स्तर से लगभग 70 प्रतिशत अधिक है। कोलियर्स के अनुमान के अनुसार बाज़ार का आकार 2024 में ₹18,000 करोड़, 2026 में ₹30,000 करोड़, 2028 में ₹70,000 करोड़ और 2030 तक ₹1 लाख करोड़ से अधिक हो जाएगा।
संगठित क्षेत्र में वरिष्ठ नागरिकों के लिए उपलब्ध आवास की संख्या मौजूदा करीब 25,000 यूनिट से बढ़कर 2030 तक लगभग 1 लाख यूनिट हो सकती है। बाज़ार की पहुँच मौजूदा 1.3 प्रतिशत से बढ़कर अगले तीन से चार वर्षों में करीब 4 प्रतिशत होने का अनुमान है।
माँग और आपूर्ति का बड़ा अंतर
रिपोर्ट में रेखांकित किया गया है कि वर्तमान में सीनियर लिविंग की माँग करीब 20 से 22 लाख यूनिट आँकी गई है, जबकि संगठित बाज़ार में उपलब्ध आवास की संख्या केवल 25,000 यूनिट है। यह विशाल अंतर इस क्षेत्र में निवेश और विकास की असीम संभावनाओं को दर्शाता है।
रिपोर्ट में कहा गया, 'भारत का सीनियर लिविंग बाज़ार देश में सबसे आशाजनक वैकल्पिक रियल एस्टेट परिसंपत्ति वर्गों में से एक बनकर उभरा है। इसे उम्र-केंद्रित आवास की बढ़ती माँग और डेवलपर्स, हेल्थकेयर ऑपरेटरों और निवेशकों की बढ़ती भागीदारी से समर्थन मिल रहा है।'
जनसांख्यिकीय बदलाव: विकास की मुख्य वजह
भारत में 60 वर्ष और उससे अधिक उम्र की आबादी का हिस्सा वर्तमान के 11 प्रतिशत से बढ़कर 2050 तक करीब 21 प्रतिशत होने की उम्मीद है। 2050 तक दुनिया की करीब 2.1 अरब बुजुर्ग आबादी में भारत का हिस्सा लगभग 16 प्रतिशत हो सकता है, जिससे भारत वैश्विक वरिष्ठ नागरिक आवास बाज़ार के प्रमुख केंद्रों में शामिल हो जाएगा।
यह ऐसे समय में आया है जब बढ़ती जीवन प्रत्याशा, एकल परिवारों का चलन, आय के बढ़ते स्तर, बेहतर सेवानिवृत्ति योजना और स्वास्थ्य एवं कल्याण पर बढ़ते ध्यान ने उम्र के अनुरूप आवासीय समाधानों की माँग को नई ऊँचाई दी है।
विशेषज्ञ की राय
कोलियर्स इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं प्रबंध निदेशक बादल याग्निक ने कहा, 'तेज़ी से बढ़ती बुजुर्ग आबादी और पेशेवर रूप से प्रबंधित वरिष्ठ नागरिक आवास एवं देखभाल समाधानों की बढ़ती माँग के साथ यह बाज़ार दीर्घकालिक विकास के महत्वपूर्ण अवसर प्रस्तुत करता है।' उन्होंने आगे कहा कि संगठित सीनियर लिविंग इन्वेंट्री अगले 3 से 4 वर्षों में चार गुना होने की उम्मीद है।
आगे की राह
गौरतलब है कि यह क्षेत्र अभी भी काफी हद तक असंगठित है और संगठित खंड में आपूर्ति माँग के मुकाबले बेहद कम है। आने वाले वर्षों में डेवलपर्स, हेल्थकेयर ऑपरेटरों और संस्थागत निवेशकों की बढ़ती भागीदारी इस अंतर को पाटने में निर्णायक भूमिका निभाएगी।