भारत में आवासीय बिक्री Q1 2026 में 8% उछली, 70,631 यूनिट्स; नए लॉन्च 90,023 पर पहुंचे

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भारत में आवासीय बिक्री Q1 2026 में 8% उछली, 70,631 यूनिट्स; नए लॉन्च 90,023 पर पहुंचे

सारांश

भारत के आवासीय बाज़ार ने 2026 की पहली तिमाही में मज़बूत रफ्तार दिखाई — 70,631 यूनिट्स की बिक्री और 90,023 नए लॉन्च। लेकिन असली कहानी है प्रीमियम सेगमेंट की — ₹1.5-3 करोड़ के घरों में 67% की छलांग, जबकि किफायती आवास 24% गिरा। बाज़ार बदल रहा है, और यह बदलाव सिर्फ माँग नहीं, नीतिगत चुनौती भी है।

Key Takeaways

भारत में आवासीय बिक्री Q1 2026 में सालाना 8% बढ़कर 70,631 यूनिट्स हुई। नए लॉन्च 13% उछलकर 90,023 यूनिट्स पर पहुँचे; तिमाही-दर-तिमाही वृद्धि 32% रही। ₹1 करोड़ से अधिक कीमत वाले घरों की बिक्री में 71% हिस्सेदारी, जो Q1 2025 में 59% थी। ₹1.5-3 करोड़ सेगमेंट में 67% की असाधारण वार्षिक वृद्धि दर्ज हुई। ₹1 करोड़ से कम कीमत वाले सेगमेंट में 24% की गिरावट; बाज़ार हिस्सेदारी 41% से घटकर 29% हुई। चेन्नई में 61% की सर्वाधिक वार्षिक वृद्धि; दिल्ली-एनसीआर में 30% , बेंगलुरु में 18% , हैदराबाद में 6% ।

भारत के आवासीय रियल एस्टेट बाज़ार में 2026 की पहली तिमाही (जनवरी-मार्च) में सालाना आधार पर 8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जिसमें कुल 70,631 यूनिट्स की बिक्री हुई। इसी अवधि में नए लॉन्च 13 प्रतिशत बढ़कर 90,023 यूनिट्स पर पहुँच गए। यह जानकारी कमर्शियल रियल एस्टेट सर्विसेज फर्म जेएलएल (JLL) की 30 अप्रैल 2026 को जारी रिपोर्ट में सामने आई है।

बाज़ार की मुख्य स्थिति

जेएलएल की रिपोर्ट के अनुसार, 2026 की पहली तिमाही में प्रतिष्ठित डेवलपर्स की ओर से मज़बूत आपूर्ति ने खरीदारों को विविध विकल्प उपलब्ध कराए, जिससे बाज़ार स्थिरता में भरोसा बढ़ा और बिक्री में निरंतर वृद्धि बनी रही। नए लॉन्च में तिमाही-दर-तिमाही आधार पर 32 प्रतिशत की उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी गई।

हालाँकि, रिपोर्ट में यह भी रेखांकित किया गया कि समग्र बाज़ार गति में कुछ नरमी आई है — बिक्री वृद्धि, लॉन्च की तुलना में 5 प्रतिशत कम रही। जेएलएल के विश्लेषकों का मानना है कि यह मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों के बीच खरीदारों के अधिक सतर्क रवैये को दर्शाता है।

विशेषज्ञ की राय

जेएलएल के वरिष्ठ प्रबंध निदेशक (चेन्नई और कोयंबटूर) तथा भारत में आवासीय सेवाओं के प्रमुख शिव कृष्णन ने कहा,

Point of View

लेकिन उसकी बुनियाद तेज़ी से संकरी होती जा रही है। ₹1.5-3 करोड़ सेगमेंट में 67% की वृद्धि प्रभावशाली है, परंतु किफायती आवास में 24% की गिरावट यह सवाल उठाती है कि क्या यह 'बाज़ार का विकास' है या मध्यम वर्ग और पहली बार घर खरीदने वालों का बाहर होना। डेवलपर्स का प्रीमियम परियोजनाओं पर रणनीतिक झुकाव समझ में आता है, लेकिन इससे शहरी किफायती आवास की कमी और गहरी होती जाएगी — जो सरकार की 'सबके लिए आवास' नीति के साथ सीधे टकराव में है। बिना लक्षित नीतिगत हस्तक्षेप के, यह प्रवृत्ति उलटने के बजाय और मज़बूत होगी।
NationPress
30/04/2026

Frequently Asked Questions

Q1 2026 में भारत में कितने घर बिके?
JLL की रिपोर्ट के अनुसार, Q1 2026 (जनवरी-मार्च) में भारत में कुल 70,631 आवासीय यूनिट्स बिकीं, जो सालाना आधार पर 8% अधिक है। इसी अवधि में 90,023 नई यूनिट्स लॉन्च हुईं।
भारत में प्रीमियम आवास की माँग क्यों बढ़ रही है?
JLL की रिपोर्ट के अनुसार, ₹1 करोड़ से अधिक कीमत वाले घरों की बिक्री हिस्सेदारी Q1 2025 के 59% से बढ़कर Q1 2026 में 71% हो गई। खरीदारों की प्रमुख शहरी स्थानों पर विशाल और लग्जरी घरों की बढ़ती प्राथमिकता तथा डेवलपर्स का उच्च-लाभ परियोजनाओं पर फोकस इसके मुख्य कारण हैं।
किफायती आवास सेगमेंट पर क्या असर पड़ा?
₹1 करोड़ से कम कीमत वाले सेगमेंट में Q1 2026 में 24% की वार्षिक गिरावट आई और इसकी बाज़ार हिस्सेदारी 41% से घटकर 29% रह गई। बढ़ती भूमि व निर्माण लागत और डेवलपर्स का प्रीमियम परियोजनाओं पर ध्यान इसके प्रमुख कारण बताए गए हैं।
कौन से शहरों में आवासीय बिक्री सबसे तेज़ बढ़ी?
चेन्नई ने 61% की वार्षिक वृद्धि के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया। इसके बाद दिल्ली-एनसीआर में 30%, बेंगलुरु में 18% और हैदराबाद में 6% की वृद्धि दर्ज की गई।
बिक्री और नए लॉन्च के बीच अंतर क्या दर्शाता है?
Q1 2026 में बिक्री वृद्धि, नए लॉन्च की तुलना में 5% कम रही। JLL के शिव कृष्णन के अनुसार, यह अस्थायी अंतर एक मज़बूत बाज़ार समायोजन को दर्शाता है, न कि किसी संरचनात्मक चिंता को, और मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों में खरीदारों के सतर्क रवैये का संकेत है।
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