राजनाथ सिंह और इटली के रक्षा मंत्री गुइडो क्रोसेटो की द्विपक्षीय वार्ता, 2026-27 सैन्य सहयोग योजना पर सहमति

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राजनाथ सिंह और इटली के रक्षा मंत्री गुइडो क्रोसेटो की द्विपक्षीय वार्ता, 2026-27 सैन्य सहयोग योजना पर सहमति

सारांश

नई दिल्ली के मानेकशॉ केंद्र में राजनाथ सिंह और इटली के रक्षा मंत्री गुइडो क्रोसेटो की मुलाकात महज़ औपचारिकता नहीं थी — 2026-27 की सैन्य सहयोग योजना, संयुक्त रक्षा उत्पादन और हिंद महासागर में सूचना साझाकरण पर सहमति के साथ यह भारत-यूरोप रक्षा धुरी को नई दिशा देने का संकेत है।

Key Takeaways

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और इटली के रक्षा मंत्री गुइडो क्रोसेटो के बीच 30 अप्रैल 2025 को नई दिल्ली के मानेकशॉ केंद्र में द्विपक्षीय वार्ता हुई। दोनों देशों ने 2026-27 के लिए द्विपक्षीय सैन्य सहयोग योजना का औपचारिक आदान-प्रदान किया। हिंद महासागर में सूचना साझाकरण और समुद्री निगरानी को मज़बूत करने पर सहमति बनी। आत्मनिर्भर भारत के तहत संयुक्त रक्षा उत्पादन, आधुनिक तकनीक और अनुसंधान में सहयोग विस्तार पर जोर दिया गया। इटली के रक्षा मंत्री ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की और त्रि-सेवा गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया। यह वार्ता 2023 में रोम में हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद भारत-इटली संबंधों में अगला महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और इटली के रक्षा मंत्री गुइडो क्रोसेटो के बीच 30 अप्रैल 2025 को नई दिल्ली के मानेकशॉ केंद्र में द्विपक्षीय रक्षा वार्ता संपन्न हुई, जिसमें दोनों देशों ने 2026-27 के लिए द्विपक्षीय सैन्य सहयोग योजना का आदान-प्रदान किया। इस वार्ता में भारत-इटली रणनीतिक साझेदारी को और सुदृढ़ करने, आत्मनिर्भर भारत के तहत संयुक्त रक्षा उत्पादन बढ़ाने और हिंद महासागर में समुद्री सुरक्षा सहयोग को मज़बूत करने पर विशेष सहमति बनी।

बैठक में कौन-कौन रहे मौजूद

भारतीय पक्ष की ओर से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी, वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह, थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इटली के रक्षा मंत्री गुइडो क्रोसेटो के नेतृत्व में इटली का प्रतिनिधिमंडल भी शामिल हुआ। तीनों सेनाओं के प्रमुखों की एक साथ उपस्थिति इस वार्ता के सामरिक महत्व को रेखांकित करती है।

2026-27 सैन्य सहयोग योजना: मुख्य बिंदु

बैठक में दोनों देशों के बीच वर्ष 2026-27 के लिए द्विपक्षीय सैन्य सहयोग योजना का औपचारिक आदान-प्रदान किया गया। यह योजना आने वाले समय में दोनों देशों की सेनाओं के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास, प्रशिक्षण कार्यक्रम और अन्य सैन्य गतिविधियों को दिशा देगी। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इस योजना से दोनों सेनाओं के बीच परिचालन तालमेल और दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है।

आत्मनिर्भर भारत और संयुक्त रक्षा उत्पादन

वार्ता में आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत रक्षा उत्पादन में सहयोग बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। दोनों देश आधुनिक रक्षा तकनीक, संयुक्त उत्पादन और अनुसंधान एवं विकास जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को विस्तार देने की दिशा में आगे बढ़ने पर सहमत हुए। रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, भारत और इटली रक्षा क्षेत्र में औद्योगिक साझेदारी को प्राथमिकता दे रहे हैं, और भारत-यूरोपीय संघ के बीच बढ़ती रणनीतिक निकटता का भी इस संबंध पर सकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।

समुद्री सुरक्षा और पश्चिम एशिया पर चर्चा

दोनों देशों ने हिंद महासागर क्षेत्र में सूचना साझाकरण को मज़बूत करने और समुद्री निगरानी व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने पर समान दृष्टिकोण व्यक्त किया। बैठक में पश्चिम एशिया की वर्तमान स्थिति पर भी विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। शांति, स्थिरता, स्वतंत्रता और आपसी सम्मान जैसे साझा मूल्यों पर आधारित दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को और सुदृढ़ करने पर बल दिया गया।

राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर श्रद्धांजलि और गार्ड ऑफ ऑनर

बैठक से पूर्व इटली के रक्षा मंत्री गुइडो क्रोसेटो ने गुरुवार सुबह राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर जाकर देश के शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद उन्होंने मानेकशॉ केंद्र में त्रि-सेवा गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया। गौरतलब है कि यह वार्ता वर्ष 2023 में रोम में हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद दोनों देशों के बीच बढ़ती रणनीतिक निकटता का अगला महत्वपूर्ण पड़ाव मानी जा रही है। आने वाले महीनों में दोनों देशों के बीच रक्षा और सामरिक सहयोग के और गहरे होने की उम्मीद है।

Point of View

रक्षा विशेषज्ञ यह भी याद दिलाते हैं कि भारत-इटली रक्षा संबंध पहले भी अगस्तावेस्टलैंड हेलीकॉप्टर विवाद जैसी जटिलताओं से गुज़र चुके हैं — ऐसे में औद्योगिक साझेदारी की नई घोषणाओं को ठोस क्रियान्वयन ढाँचे की ज़रूरत होगी, केवल राजनयिक इच्छाशक्ति पर्याप्त नहीं होगी।
NationPress
30/04/2026

Frequently Asked Questions

भारत और इटली के रक्षा मंत्रियों की बैठक 30 अप्रैल 2025 को कहाँ हुई?
यह द्विपक्षीय वार्ता नई दिल्ली के मानेकशॉ केंद्र में हुई, जिसमें भारत की ओर से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और इटली की ओर से रक्षा मंत्री गुइडो क्रोसेटो ने भाग लिया।
भारत-इटली 2026-27 सैन्य सहयोग योजना क्या है?
यह दोनों देशों की सहमति से तैयार एक द्विपक्षीय योजना है जो 2026-27 में दोनों सेनाओं के बीच संयुक्त अभ्यास, प्रशिक्षण कार्यक्रम और अन्य सैन्य गतिविधियों को दिशा देगी। इस योजना का औपचारिक आदान-प्रदान 30 अप्रैल 2025 की बैठक में किया गया।
इस वार्ता में हिंद महासागर सुरक्षा पर क्या सहमति बनी?
दोनों देशों ने हिंद महासागर क्षेत्र में सूचना साझाकरण को मज़बूत करने और समुद्री निगरानी व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने पर समान दृष्टिकोण व्यक्त किया। इसे दोनों देशों की समुद्री सुरक्षा प्राथमिकताओं में बढ़ते तालमेल का संकेत माना जा रहा है।
आत्मनिर्भर भारत के तहत भारत-इटली रक्षा सहयोग में क्या नया होगा?
दोनों देश आधुनिक रक्षा तकनीक, संयुक्त उत्पादन और अनुसंधान एवं विकास के क्षेत्रों में साझेदारी विस्तार पर सहमत हुए हैं। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, भारत-यूरोपीय संघ के बीच बढ़ती रणनीतिक निकटता इस औद्योगिक सहयोग को और गति देगी।
भारत-इटली रक्षा संबंधों की पृष्ठभूमि क्या है?
वर्ष 2023 में रोम में हुई उच्चस्तरीय वार्ता के बाद से दोनों देशों के बीच रक्षा और रणनीतिक सहयोग लगातार बढ़ रहा है। 30 अप्रैल 2025 की बैठक को उसी क्रम में अगला महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।
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