YSRCP महासचिव पुडी श्रीहरि को जमानत, CM नायडू पर आपत्तिजनक पोस्ट मामले में बेंगलुरु से हुई थी गिरफ्तारी

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YSRCP महासचिव पुडी श्रीहरि को जमानत, CM नायडू पर आपत्तिजनक पोस्ट मामले में बेंगलुरु से हुई थी गिरफ्तारी

सारांश

आंध्र प्रदेश में सत्ता-विपक्ष की कानूनी लड़ाई एक और मोड़ पर — YSRCP महासचिव पुडी श्रीहरि को CM नायडू पर आपत्तिजनक पोस्ट मामले में जमानत मिली, लेकिन गिरफ्तारी के समय को लेकर पुलिस पर गंभीर सवाल उठे हैं। सुप्रीम कोर्ट की ना के बाद भी पार्टी न्यायपालिका पर भरोसा जता रही है।

Key Takeaways

चित्तूर जिले की अदालत ने 30 अप्रैल को YSRCP महासचिव पुडी श्रीहरि को जमानत दी। श्रीहरि को 15 अप्रैल को विजयवाड़ा में CM नायडू की कथित मॉर्फ्ड तस्वीरों वाली पोस्ट के मामले में पहली बार गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने उन्हें बेंगलुरु से गिरफ्तार किया; YSRCP का आरोप — गिरफ्तारी का समय अदालत में गलत बताया गया। सर्वोच्च न्यायालय ने आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश में हस्तक्षेप से इनकार किया था। पूर्व एडवोकेट जनरल पी. सुधाकर रेड्डी ने कहा — YSRCP न्यायपालिका पर भरोसा रखती है और लड़ाई जारी रहेगी।

चित्तूर जिले की एक अदालत ने गुरुवार, 30 अप्रैल को वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के महासचिव (मीडिया) पुडी श्रीहरि को जमानत दे दी। श्रीहरि पर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू को कथित तौर पर निशाना बनाते हुए आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट करने का आरोप है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अतिरिक्त कनिष्ठ सिविल न्यायाधीश न्यायालय, कुप्पम ने उन्हें जमानत प्रदान की।

गिरफ्तारी का घटनाक्रम

पुलिस ने श्रीहरि को बुधवार तड़के बेंगलुरु से गिरफ्तार किया और उन्हें कुप्पम लाया गया, जहाँ गुरुवार को उन्हें अदालत के समक्ष पेश किया गया। YSRCP के महासचिव (लीगल सेल) और पूर्व एडवोकेट जनरल पी. सुधाकर रेड्डी ने आरोप लगाया कि पुलिस ने श्रीहरि को सुबह 5:45 बजे गिरफ्तार किया था, जबकि अदालत को बताया गया कि गिरफ्तारी रात 11:45 बजे हुई। यह विरोधाभास पार्टी की ओर से उठाया गया प्रमुख कानूनी मुद्दा बन गया।

मूल मामला क्या है

श्रीहरि को सबसे पहले 15 अप्रैल को विजयवाड़ा में मुख्यमंत्री नायडू की कथित तौर पर मॉर्फ्ड तस्वीरों के साथ आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट करने के मामले में गिरफ्तार किया गया था। बाद में उन्हें कुप्पम भेजा गया, जहाँ उनके और YSRCP के एक अन्य पदाधिकारी गिरीश कुमार रेड्डी के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया। गौरतलब है कि श्रीहरि तत्कालीन मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) के रूप में कार्यरत रहे थे।

न्यायिक प्रक्रिया और उच्च न्यायालय का हस्तक्षेप

16 अप्रैल को निचली अदालत ने पुलिस की न्यायिक हिरासत याचिका खारिज कर श्रीहरि को रिहा कर दिया था। इसके बाद आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय ने निचली अदालत के उस आदेश को निलंबित कर दिया। श्रीहरि ने गिरफ्तारी की आशंका जताते हुए सर्वोच्च न्यायालय का रुख किया, किंतु सुप्रीम कोर्ट ने उच्च न्यायालय के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। इसके एक दिन बाद ही उन्हें बेंगलुरु से गिरफ्तार किया गया।

YSRCP की प्रतिक्रिया

पूर्व एडवोकेट जनरल पी. सुधाकर रेड्डी ने कहा कि YSRCP को न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और पार्टी झूठे मामलों के खिलाफ अपनी कानूनी लड़ाई जारी रखेगी। पार्टी का आरोप है कि यह कार्रवाई राजनीति से प्रेरित है। जमानत मिलने के बाद अब श्रीहरि पर लगे आरोपों की सुनवाई अदालत में आगे बढ़ेगी।

Point of View

बल्कि आंध्र प्रदेश में सत्तारूढ़ तेलुगु देशम पार्टी (TDP) और विपक्षी YSRCP के बीच गहराते कानूनी टकराव का प्रतीक है। गिरफ्तारी के समय को लेकर जो विरोधाभास सामने आया है, वह पुलिस की प्रक्रियागत पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठाता है — और यह पहली बार नहीं है जब राज्य में विपक्षी नेताओं की गिरफ्तारी को लेकर ऐसे आरोप लगे हों। सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप न करना और उच्च न्यायालय का निचली अदालत के आदेश को निलंबित करना दर्शाता है कि न्यायिक परतें इस मामले में कितनी जटिल हो चुकी हैं। असली परीक्षा अब यह है कि मुकदमे के दौरान साक्ष्य और प्रक्रिया दोनों पर अदालत क्या रुख अपनाती है।
NationPress
30/04/2026

Frequently Asked Questions

पुडी श्रीहरि पर क्या आरोप हैं?
पुडी श्रीहरि पर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू की कथित मॉर्फ्ड तस्वीरों के साथ आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट करने का आरोप है। यह मामला 15 अप्रैल को विजयवाड़ा में दर्ज हुआ था।
श्रीहरि को जमानत कहाँ और कब मिली?
चित्तूर जिले के कुप्पम स्थित अतिरिक्त कनिष्ठ सिविल न्यायाधीश न्यायालय ने 30 अप्रैल को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद श्रीहरि को जमानत दी। उन्हें बेंगलुरु से गिरफ्तार कर कुप्पम लाया गया था।
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में क्या फैसला सुनाया?
सर्वोच्च न्यायालय ने आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के उस आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया, जिसमें निचली अदालत के रिमांड रद्द करने के आदेश को निलंबित किया गया था। इसके एक दिन बाद ही श्रीहरि को बेंगलुरु से गिरफ्तार किया गया।
YSRCP ने गिरफ्तारी पर क्या आपत्ति जताई?
YSRCP के पूर्व एडवोकेट जनरल पी. सुधाकर रेड्डी ने आरोप लगाया कि पुलिस ने श्रीहरि को सुबह 5:45 बजे गिरफ्तार किया, लेकिन अदालत को बताया कि गिरफ्तारी रात 11:45 बजे हुई। पार्टी इसे प्रक्रियागत उल्लंघन मानती है।
पुडी श्रीहरि कौन हैं?
पुडी श्रीहरि YSRCP के महासचिव (मीडिया) हैं और तत्कालीन मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) के रूप में कार्यरत रहे हैं। वे पार्टी के प्रमुख मीडिया प्रवक्ताओं में गिने जाते हैं।
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