ट्राई ने V2X कम्युनिकेशन के लिए नियामक ढांचे पर परामर्श पत्र जारी किया, 28 मई तक मांगी टिप्पणियां

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ट्राई ने V2X कम्युनिकेशन के लिए नियामक ढांचे पर परामर्श पत्र जारी किया, 28 मई तक मांगी टिप्पणियां

सारांश

ट्राई ने V2X कम्युनिकेशन के लिए नियामक ढांचे पर परामर्श पत्र जारी कर दिया है — यह भारत के स्मार्ट मोबिलिटी भविष्य की दिशा में एक अहम कदम है। 2024 में 25% की वृद्धि दर्ज करने वाले कनेक्टेड कार बाज़ार और 2028 तक 5G से लैस होने वाली आधी से अधिक वैश्विक कारों के मद्देनज़र, यह नीतिगत पहल उद्योग और सड़क सुरक्षा दोनों के लिए निर्णायक साबित हो सकती है।

Key Takeaways

ट्राई ने 30 अप्रैल 2026 को V2X कम्युनिकेशन के लिए नियामक ढांचे पर परामर्श पत्र जारी किया। दूरसंचार विभाग (DoT) ने 1 दिसंबर 2025 को ट्राई अधिनियम 1997 के खंड 11(1)(A) के तहत सिफारिशें मांगी थीं। हितधारक 28 मई 2026 तक टिप्पणियां और 11 जून 2026 तक प्रति-टिप्पणियां भेज सकते हैं। काउंटरपॉइंट रिसर्च के अनुसार भारत में कनेक्टेड कारों ने 2024 में 25% वार्षिक वृद्धि दर्ज की। 2028 तक वैश्विक स्तर पर बिकने वाली आधी से अधिक कारों में 5G कनेक्टिविटी होने का अनुमान।

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने 30 अप्रैल 2026 को व्हीकल-टू-एवरीथिंग (V2X) कम्युनिकेशन के लिए नियामक ढांचे पर एक परामर्श पत्र जारी किया है। संचार मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, हितधारकों से 28 मई 2026 तक लिखित टिप्पणियां और 11 जून 2026 तक प्रति-टिप्पणियां आमंत्रित की गई हैं।

परामर्श पत्र की पृष्ठभूमि

संचार मंत्रालय के दूरसंचार विभाग (DoT) ने 1 दिसंबर 2025 को ट्राई अधिनियम 1997 (संशोधित) के खंड 11(1)(A) के तहत ट्राई से V2X के लिए नियामक तंत्र पर सिफारिशें प्रदान करने का अनुरोध किया था। इसी अनुरोध के अनुपालन में यह परामर्श पत्र ट्राई की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराया गया है। गौरतलब है कि V2X तकनीक स्मार्ट मोबिलिटी और ऑटोनॉमस ड्राइविंग के भविष्य की आधारशिला मानी जाती है।

V2X तकनीक क्या है और यह कैसे काम करती है

व्हीकल-टू-एवरीथिंग (V2X) कम्युनिकेशन एक वायरलेस तकनीक है जो वाहनों को अन्य वाहनों (V2V), सड़क बुनियादी ढांचे (V2I), पैदल यात्रियों (V2P) और नेटवर्क (V2N) के साथ रियल-टाइम में संवाद करने में सक्षम बनाती है। यह तकनीक स्थान, गति और परिवेश से जुड़े वास्तविक समय डेटा को साझा कर सड़क सुरक्षा, यातायात दक्षता और ऑटोनॉमस ड्राइविंग में उल्लेखनीय सुधार करती है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत में कनेक्टेड वाहनों की संख्या तेज़ी से बढ़ रही है।

भारत में कनेक्टेड कारों की बाज़ार वृद्धि

काउंटरपॉइंट रिसर्च की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, भारत कनेक्टेड कारों के लिए सबसे तेज़ी से बढ़ते बाज़ारों में से एक बनकर उभरा है और 2024 में इस क्षेत्र ने 25 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्ज की है। इस वृद्धि के पीछे घरेलू ऑटोमोबाइल निर्माताओं द्वारा अपने सभी वाहनों में कनेक्टिविटी सुविधाओं को एकीकृत करने की रणनीति प्रमुख कारण है। रिपोर्ट में यह भी अनुमान लगाया गया है कि 2028 तक वैश्विक स्तर पर बेची जाने वाली आधी से अधिक कारों में 5G कनेक्टिविटी होगी, जिससे V2X संचार, तेज़ डेटा ट्रांसमिशन और ऑटोनॉमस ड्राइविंग क्षमताओं में और वृद्धि होगी।

हितधारक कैसे भेजें अपनी टिप्पणियां

इच्छुक हितधारक अपनी लिखित टिप्पणियां या प्रति-टिप्पणियां इलेक्ट्रॉनिक रूप में ट्राई के सलाहकार (नेटवर्क, स्पेक्ट्रम और लाइसेंसिंग) अखिलेश कुमार त्रिवेदी को निर्धारित ईमेल पते पर भेज सकते हैं। अतिरिक्त जानकारी के लिए टेलीफोन नंबर +91-11-20907758 पर भी संपर्क किया जा सकता है। यह परामर्श प्रक्रिया ट्राई की उस व्यापक पहल का हिस्सा है जिसके तहत उभरती दूरसंचार तकनीकों के लिए समयबद्ध नियामक ढांचा तैयार किया जा रहा है।

आगे क्या होगा

11 जून 2026 तक प्रति-टिप्पणियां प्राप्त होने के बाद ट्राई सभी हितधारकों के विचारों का विश्लेषण कर DoT को अपनी औपचारिक सिफारिशें सौंपेगा। इन सिफारिशों के आधार पर भारत में V2X के लिए एक समेकित नियामक नीति तैयार होने की उम्मीद है, जो स्मार्ट सिटी और ऑटोनॉमस वाहन क्षेत्र में निवेश को नई दिशा दे सकती है।

Point of View

लेकिन समय की दृष्टि से यह देर से आया लगता है — यूरोप और अमेरिका में V2X नीतियां पहले से क्रियान्वित हो चुकी हैं। असली चुनौती यह है कि भारत में V2X के लिए स्पेक्ट्रम आवंटन, इंटरऑपरेबिलिटी मानक और साइबर सुरक्षा प्रोटोकॉल जैसे जटिल मुद्दों पर सहमति बनाना आसान नहीं होगा। घरेलू ऑटोमोबाइल उद्योग की 25% वार्षिक वृद्धि दर यह संकेत देती है कि नियामक ढांचे में देरी सीधे निवेश और नवाचार को प्रभावित कर सकती है। बिना स्पष्ट समयसीमा और क्रियान्वयन तंत्र के, यह परामर्श प्रक्रिया नीतिगत कागज़ी कार्रवाई बनकर न रह जाए — इस पर निगरानी ज़रूरी है।
NationPress
30/04/2026

Frequently Asked Questions

ट्राई का V2X परामर्श पत्र क्या है?
यह ट्राई द्वारा 30 अप्रैल 2026 को जारी एक नीतिगत दस्तावेज़ है जिसमें व्हीकल-टू-एवरीथिंग (V2X) कम्युनिकेशन के लिए भारत में नियामक ढांचा तैयार करने पर हितधारकों की राय मांगी गई है। यह दूरसंचार विभाग के 1 दिसंबर 2025 के अनुरोध के जवाब में जारी किया गया है।
V2X कम्युनिकेशन तकनीक क्या होती है?
V2X एक वायरलेस तकनीक है जो वाहनों को अन्य वाहनों, सड़क बुनियादी ढांचे, पैदल यात्रियों और नेटवर्क के साथ रियल-टाइम डेटा साझा करने में सक्षम बनाती है। यह सड़क सुरक्षा बढ़ाने, यातायात प्रबंधन सुधारने और ऑटोनॉमस ड्राइविंग को संभव बनाने में सहायक है।
हितधारक अपनी टिप्पणियां कब और कैसे भेज सकते हैं?
हितधारक 28 मई 2026 तक लिखित टिप्पणियां और 11 जून 2026 तक प्रति-टिप्पणियां इलेक्ट्रॉनिक रूप में ट्राई के सलाहकार अखिलेश कुमार त्रिवेदी को निर्धारित ईमेल पते पर भेज सकते हैं। अतिरिक्त जानकारी के लिए +91-11-20907758 पर संपर्क किया जा सकता है।
भारत में कनेक्टेड कारों का बाज़ार कितना बड़ा है?
काउंटरपॉइंट रिसर्च के अनुसार, भारत 2024 में 25 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि के साथ कनेक्टेड कारों के लिए सबसे तेज़ी से बढ़ते बाज़ारों में से एक बन गया है। घरेलू ऑटोमोबाइल निर्माताओं द्वारा सभी वाहनों में कनेक्टिविटी फीचर शामिल करना इस वृद्धि का प्रमुख कारण है।
2028 तक V2X और 5G का वैश्विक परिदृश्य कैसा होगा?
काउंटरपॉइंट रिसर्च के अनुमान के अनुसार, 2028 तक वैश्विक स्तर पर बेची जाने वाली आधी से अधिक कारों में 5G कनेक्टिविटी होगी। इससे V2X संचार, तेज़ डेटा ट्रांसमिशन और ऑटोनॉमस ड्राइविंग क्षमताओं में उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद है।
Nation Press