इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक का एसएचजी सेविंग्स अकाउंट लॉन्च, ग्रामीण महिलाओं को मिलेगी जीरो-बैलेंस बैंकिंग
सारांश
मुख्य बातें
इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) ने 30 अप्रैल 2026 को स्वयं सहायता समूह (SHG) सेविंग्स अकाउंट लॉन्च करने की घोषणा की, जिसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण भारत में वित्तीय समावेशन को मज़बूती देना और महिलाओं द्वारा संचालित स्वयं सहायता समूहों को औपचारिक बैंकिंग प्रणाली से जोड़ना है। डाक विभाग (DoP) के अंतर्गत आने वाले इस बैंक का यह कदम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
खाते की प्रमुख विशेषताएँ
यह एसएचजी सेविंग्स अकाउंट पूरी तरह जीरो बैलेंस और बिना किसी शुल्क के उपलब्ध होगा। खाते में अधिकतम ₹2 लाख तक की राशि रखी जा सकती है और हर तीन महीने पर ब्याज का लाभ मिलेगा। इसके अलावा, न्यूनतम जमा राशि की कोई बाध्यता नहीं है और मासिक औसत बैलेंस बनाए रखने की भी ज़रूरत नहीं होगी।
कैश जमा और निकासी पर कोई शुल्क नहीं लगेगा। खाताधारकों को हर महीने एक निःशुल्क स्टेटमेंट मिलेगा, खाता बंद करने पर कोई चार्ज नहीं होगा और क्यूआर कार्ड भी बिना किसी शुल्क के उपलब्ध कराया जाएगा। यह खाता डिजिटल माध्यम से आसानी से खोला जा सकता है।
डोरस्टेप बैंकिंग की भूमिका
आईपीपीबी की सबसे बड़ी ताकत उसका विशाल डाक नेटवर्क है। पोस्टमैन और ग्रामीण डाक सेवकों (GDS) के माध्यम से यह खाता सेवा सीधे गाँव-गाँव तक पहुँचाई जाएगी। डाकघरों के ज़रिए भी खाता खोलने और संचालन की सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे दूरदराज़ के इलाकों में रहने वाले समूहों को बैंकिंग के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी।
एमडी और सीईओ का बयान
आईपीपीबी के एमडी और सीईओ आर. विश्वेश्वरन ने कहा,