10 अगस्त 2026
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इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक का एसएचजी सेविंग्स अकाउंट लॉन्च, ग्रामीण महिलाओं को मिलेगी जीरो-बैलेंस बैंकिंग

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इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक का एसएचजी सेविंग्स अकाउंट लॉन्च, ग्रामीण महिलाओं को मिलेगी जीरो-बैलेंस बैंकिंग

सारांश

इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक का नया एसएचजी सेविंग्स अकाउंट सिर्फ एक बैंक खाता नहीं — यह ग्रामीण महिलाओं के लिए औपचारिक अर्थव्यवस्था का दरवाज़ा है। जीरो बैलेंस, कोई शुल्क नहीं और पोस्टमैन के ज़रिए डोरस्टेप बैंकिंग — यह पहल उन करोड़ों महिलाओं तक बैंकिंग पहुँचाने का प्रयास है जो अब तक औपचारिक वित्तीय तंत्र से बाहर थीं।

मुख्य बातें

इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) ने 30 अप्रैल 2026 को एसएचजी सेविंग्स अकाउंट लॉन्च करने की घोषणा की।
खाता पूरी तरह जीरो बैलेंस आधारित है; अधिकतम ₹2 लाख तक बैलेंस रखा जा सकता है।
कैश जमा-निकासी, क्यूआर कार्ड और खाता बंद करने पर कोई शुल्क नहीं ; हर तिमाही ब्याज मिलेगा।
पोस्टमैन और ग्रामीण डाक सेवकों (GDS) के नेटवर्क से गाँव-गाँव तक डोरस्टेप बैंकिंग सुविधा।
यह पहल राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) और नाबार्ड समर्थित कार्यक्रमों से जुड़े एसएचजी को लक्षित करती है।

इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) ने 30 अप्रैल 2026 को स्वयं सहायता समूह (SHG) सेविंग्स अकाउंट लॉन्च करने की घोषणा की, जिसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण भारत में वित्तीय समावेशन को मज़बूती देना और महिलाओं द्वारा संचालित स्वयं सहायता समूहों को औपचारिक बैंकिंग प्रणाली से जोड़ना है। डाक विभाग (DoP) के अंतर्गत आने वाले इस बैंक का यह कदम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

खाते की प्रमुख विशेषताएँ

यह एसएचजी सेविंग्स अकाउंट पूरी तरह जीरो बैलेंस और बिना किसी शुल्क के उपलब्ध होगा। खाते में अधिकतम ₹2 लाख तक की राशि रखी जा सकती है और हर तीन महीने पर ब्याज का लाभ मिलेगा। इसके अलावा, न्यूनतम जमा राशि की कोई बाध्यता नहीं है और मासिक औसत बैलेंस बनाए रखने की भी ज़रूरत नहीं होगी।

कैश जमा और निकासी पर कोई शुल्क नहीं लगेगा। खाताधारकों को हर महीने एक निःशुल्क स्टेटमेंट मिलेगा, खाता बंद करने पर कोई चार्ज नहीं होगा और क्यूआर कार्ड भी बिना किसी शुल्क के उपलब्ध कराया जाएगा। यह खाता डिजिटल माध्यम से आसानी से खोला जा सकता है।

डोरस्टेप बैंकिंग की भूमिका

आईपीपीबी की सबसे बड़ी ताकत उसका विशाल डाक नेटवर्क है। पोस्टमैन और ग्रामीण डाक सेवकों (GDS) के माध्यम से यह खाता सेवा सीधे गाँव-गाँव तक पहुँचाई जाएगी। डाकघरों के ज़रिए भी खाता खोलने और संचालन की सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे दूरदराज़ के इलाकों में रहने वाले समूहों को बैंकिंग के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी।

एमडी और सीईओ का बयान

आईपीपीबी के एमडी और सीईओ आर. विश्वेश्वरन ने कहा,

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी क्रियान्वयन की होगी। भारत में एसएचजी आंदोलन दशकों पुराना है, फिर भी लाखों समूह आज भी अनौपचारिक नकद लेनदेन पर निर्भर हैं — मुख्यतः बैंकिंग की जटिलता और भौगोलिक दूरी के कारण। आईपीपीबी का डाक नेटवर्क इस खाई को पाटने की क्षमता रखता है, लेकिन यह तभी संभव होगा जब ग्रामीण डाक सेवकों को पर्याप्त प्रशिक्षण और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर मिले। यह देखना बाकी है कि जीरो-शुल्क का वादा दीर्घकालिक रूप से टिकाऊ है या नहीं।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक का एसएचजी सेविंग्स अकाउंट क्या है?
यह आईपीपीबी द्वारा 30 अप्रैल 2026 को लॉन्च किया गया एक जीरो-बैलेंस बचत खाता है, जो विशेष रूप से स्वयं सहायता समूहों (SHG) के लिए बनाया गया है। इसमें कोई न्यूनतम बैलेंस, कोई शुल्क नहीं है और अधिकतम ₹2 लाख तक राशि रखी जा सकती है।
एसएचजी सेविंग्स अकाउंट कैसे खोला जा सकता है?
यह खाता डिजिटल माध्यम से ऑनलाइन खोला जा सकता है। इसके अलावा नज़दीकी डाकघर, पोस्टमैन या ग्रामीण डाक सेवक (GDS) के ज़रिए भी डोरस्टेप बैंकिंग सुविधा से खाता खुलवाया जा सकता है।
इस खाते पर ब्याज कब और कैसे मिलेगा?
एसएचजी सेविंग्स अकाउंट पर ब्याज हर तीन महीने (तिमाही) में जमा किया जाएगा। ब्याज दर के बारे में विस्तृत जानकारी के लिए आईपीपीबी की आधिकारिक वेबसाइट या नज़दीकी डाकघर से संपर्क किया जा सकता है।
क्या इस खाते में कोई शुल्क लगता है?
नहीं, इस खाते में कैश जमा, कैश निकासी, क्यूआर कार्ड जारी करने और खाता बंद करने पर कोई शुल्क नहीं लगता। हर महीने एक निःशुल्क स्टेटमेंट भी मिलती है।
यह पहल किन सरकारी कार्यक्रमों से जुड़ी है?
यह खाता ग्रामीण विकास मंत्रालय (MoRD) के अंतर्गत राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) और राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) समर्थित कार्यक्रमों से जुड़े एसएचजी को लक्षित करता है।
राष्ट्र प्रेस
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