अखिलेश यादव बोले: एग्जिट पोल पर भरोसा नहीं, बंगाल की जनता ने ममता बनर्जी को चौथी बार CM बनाने के लिए ऐतिहासिक वोट दिया
सारांश
Key Takeaways
समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 30 अप्रैल 2026 को हरदोई में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद आए एग्जिट पोल के नतीजों पर भरोसा नहीं किया जा सकता। उन्होंने दावा किया कि बंगाल की जनता ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को चौथी बार सत्ता में लाने के लिए ऐतिहासिक जनादेश दिया है, जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सरकार बनाने के एग्जिट पोल दावों को उन्होंने सिरे से खारिज किया।
एग्जिट पोल पर अखिलेश का तर्क
अखिलेश यादव ने 2024 के लोकसभा चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय भी एग्जिट पोल्स में BJP के नेता अयोध्या से 400 सीटें पार करने का दावा कर रहे थे, लेकिन पार्टी अयोध्या की सीट तक नहीं बचा पाई। उन्होंने कहा, "इससे पता चलता है कि एग्जिट पोल्स पर पूरी तरह भरोसा नहीं किया जा सकता।" उनके अनुसार, एग्जिट पोल अक्सर ज़मीनी हकीकत से परे होते हैं।
चुनावी धांधली के आरोप
अखिलेश यादव ने यह भी स्वीकार किया कि बंगाल चुनाव में पुलिस के इस्तेमाल के ज़रिए बड़े पैमाने पर धांधली के आरोप लगे हैं। उन्होंने कहा कि कथित तौर पर पश्चिम बंगाल में एक समानांतर पुलिस प्रशासन लागू किया गया था। उन्होंने उत्तर प्रदेश का भी हवाला दिया, जहाँ उनके अनुसार पुलिस बल की तैनाती कर उपचुनाव जीतने का काम किया गया। हालाँकि, उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि इन सबके बावजूद जनता ने ममता बनर्जी को ऐतिहासिक वोट दिया है।
बृजभूषण शरण सिंह पर सधा हुआ जवाब
गोंडा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के सपा में शामिल होने की अटकलों पर अखिलेश यादव ने सावधानी से जवाब दिया। उन्होंने कहा कि पीडीए (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक) के लोग BJP सरकार के खिलाफ पूरी तरह तैयार हैं और खुद को "प्रभावित, दुखी और अपमानित" महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बृजभूषण शरण सिंह पहले भी उनके साथ रह चुके हैं और राजनीतिक स्थिति किस दिशा में जाएगी, यह वही बेहतर बता सकते हैं।
शिल्पी कुशवाहा परिवार से मुलाकात और सामाजिक न्याय का संदेश
हरदोई दौरे के दौरान अखिलेश यादव ने शिल्पी कुशवाहा के परिवार से भी मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा कि 'हरदोई की बेटी' के साथ हुए अन्याय के बारे में सोचकर जितना दुख होता था, पीड़ित परिवार से मिलकर उससे भी अधिक हुआ। उन्होंने सवाल उठाया, "गरीब कब तक नाइंसाफी का शिकार होता रहेगा?" उन्होंने पीडीए की एकता को सामाजिक न्याय की ताकत बताते हुए कहा कि "सामाजिक न्याय का राज जब आएगा, तभी यह अत्याचार-अन्याय मिट पाएगा।" यह दौरा सपा की आगामी रणनीति और ज़मीनी संगठन की दिशा को रेखांकित करता है।