डॉ. लाल पैथलैब्स का Q4 शुद्ध मुनाफा 15.2% घटकर ₹131.3 करोड़, राजस्व 16.6% उछला
सारांश
Key Takeaways
डॉ. लाल पैथलैब्स ने 30 अप्रैल 2026 को वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (Q4) के नतीजे जारी किए, जिसमें कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 15.2 प्रतिशत घटकर ₹131.3 करोड़ रह गया। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में यह आँकड़ा ₹154.8 करोड़ था। मुनाफे में गिरावट के बावजूद कंपनी का राजस्व और परिचालन प्रदर्शन बेहतर रहा।
राजस्व में मज़बूत बढ़ोतरी
डॉ. लाल पैथलैब्स का चौथी तिमाही में राजस्व साल-दर-साल 16.6 प्रतिशत की छलाँग लगाते हुए ₹702.7 करोड़ पहुँच गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में ₹602.6 करोड़ था। कंपनी के अनुसार यह वृद्धि लगातार बढ़ती माँग और अधिक टेस्ट किए जाने की वजह से हासिल हुई। यह संकेत देता है कि डायग्नोस्टिक्स सेगमेंट में उपभोक्ता मांग मज़बूत बनी हुई है।
EBITDA और मार्जिन पर दबाव
कंपनी का EBITDA (ब्याज, कर, मूल्यह्रास और परिशोधन से पहले की आय) 11 प्रतिशत बढ़कर ₹186.8 करोड़ हो गया, जो पिछले साल ₹169 करोड़ था। हालाँकि, EBITDA मार्जिन में दबाव देखा गया — यह 28 प्रतिशत से घटकर 26.6 प्रतिशत पर आ गया। आलोचकों का कहना है कि मार्जिन संकुचन यह दर्शाता है कि राजस्व वृद्धि की तुलना में परिचालन लागत तेज़ गति से बढ़ रही है।
डिविडेंड की घोषणा
कंपनी के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2026 के लिए ₹4 प्रति शेयर (फेस वैल्यू ₹10 पर 40 प्रतिशत) के अंतिम डिविडेंड की सिफारिश की है। यह डिविडेंड आगामी वार्षिक आम बैठक (AGM) में शेयरधारकों की मंजूरी के बाद दिया जाएगा। इसके लिए रिकॉर्ड डेट 26 जून 2026 निर्धारित की गई है।
शेयर बाज़ार में प्रतिक्रिया
नतीजों के बाद 30 अप्रैल को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर कंपनी के शेयर 1.7 प्रतिशत गिरकर ₹1,374 पर बंद हुए। पिछले 5 दिनों में शेयर 2.90 प्रतिशत नीचे आ चुका है, जबकि पिछले एक महीने में इसने 3.81 प्रतिशत का सकारात्मक रिटर्न दिया था। पिछले 6 महीनों में शेयर 12.36 प्रतिशत टूटा है और इस कैलेंडर वर्ष में अब तक निवेशकों को 8.99 प्रतिशत का नकारात्मक रिटर्न मिला है।
आगे क्या
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब डायग्नोस्टिक्स क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा तेज़ हो रही है और कंपनियाँ विस्तार पर खर्च बढ़ा रही हैं। मार्जिन दबाव को नियंत्रित करते हुए राजस्व वृद्धि की गति बनाए रखना डॉ. लाल पैथलैब्स के लिए अगली तिमाहियों में सबसे बड़ी चुनौती होगी।