बिहार विधान परिषद उपचुनाव: भाजपा के अरविंद शर्मा ने 30 अप्रैल को नामांकन दाखिल किया, CM सम्राट चौधरी रहे मौजूद

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बिहार विधान परिषद उपचुनाव: भाजपा के अरविंद शर्मा ने 30 अप्रैल को नामांकन दाखिल किया, CM सम्राट चौधरी रहे मौजूद

सारांश

बिहार विधान परिषद की रिक्त सीट पर भाजपा ने अनुभवी संगठनकर्ता अरविंद शर्मा को उतारा है — जिनके पीछे CM सम्राट चौधरी, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह और राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का समर्थन है। 12 मई को मतदान है, लेकिन निर्विरोध जीत लगभग तय मानी जा रही है।

Key Takeaways

भाजपा ने 30 अप्रैल 2025 को अरविंद शर्मा का बिहार विधान परिषद उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल कराया। नामांकन के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी सहित NDA के वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। यह सीट मंगल पांडेय के MLC पद छोड़कर MLA बनने के बाद रिक्त हुई थी। अरविंद शर्मा करीब चार दशकों से भाजपा से जुड़े हैं और बिहार प्रदेश मुख्यालय के प्रभारी हैं। मतदान 12 मई को होगा और उसी दिन परिणाम घोषित होंगे; सीट का कार्यकाल 6 मई 2030 तक है। अरविंद शर्मा का निर्विरोध निर्वाचन लगभग तय माना जा रहा है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 30 अप्रैल 2025 को बिहार विधान परिषद की रिक्त सीट के लिए अपने उम्मीदवार अरविंद शर्मा का नामांकन पत्र दाखिल कराया। नामांकन के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। इस अवसर पर भाजपा ने संगठनात्मक शक्ति प्रदर्शन भी किया।

सीट क्यों हुई रिक्त

यह सीट मंगल पांडेय के बिहार विधान परिषद सदस्य (MLC) पद से इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। पांडेय विधायक (MLA) चुने गए, जिसके बाद इस सीट पर उपचुनाव अनिवार्य हो गया। भाजपा ने नामांकन से एक दिन पहले ही अरविंद शर्मा को अपना आधिकारिक प्रत्याशी घोषित कर दिया था।

अरविंद शर्मा: संगठन के अनुभवी नेता

अरविंद शर्मा फिलहाल भाजपा के बिहार प्रदेश मुख्यालय के प्रभारी हैं और करीब चार दशकों से पार्टी संगठन से जुड़े हुए हैं। पार्टी के भीतर उन्हें अनुशासित, लक्ष्योन्मुखी और धैर्यवान नेता के रूप में देखा जाता है। संगठन पर उनकी मजबूत पकड़ को उनकी सबसे बड़ी राजनीतिक पूँजी माना जाता है।

अरविंद शर्मा को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का करीबी भी बताया जाता है। कहा जाता है कि संगठन में उनकी मौजूदा जिम्मेदारी दिलाने में चौधरी की अहम भूमिका रही है। इसके अलावा, उनके भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन समेत कई वरिष्ठ नेताओं से घनिष्ठ संबंध बताए जाते हैं। उन्होंने नितिन नवीन के पिता नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा के साथ भी काम किया है, जिससे संगठन में उनकी स्थिति और सुदृढ़ हुई।

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह से भी उनकी निकटता बताई जाती है, जिससे राज्य और केंद्र — दोनों स्तरों पर उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है।

चुनाव कार्यक्रम

इस सीट के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 30 अप्रैल थी। नामांकन पत्रों की जाँच 2 मई तक होगी और नाम वापस लेने की अंतिम तारीख 4 मई है। 12 मई को मतदान होगा और उसी दिन परिणाम भी घोषित किए जाएंगे। इस सीट का कार्यकाल 6 मई 2030 तक रहेगा।

निर्विरोध जीत की संभावना

मजबूत संगठनात्मक समर्थन और शीर्ष नेतृत्व के भरोसे को देखते हुए अरविंद शर्मा का इस सीट पर निर्विरोध निर्वाचन लगभग तय माना जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में NDA अपनी संगठनात्मक पकड़ को और मजबूत करने में जुटा है। आने वाले दिनों में नाम वापसी की प्रक्रिया यह स्पष्ट कर देगी कि चुनाव मुकाबले का रूप लेगा या नहीं।

Point of View

बल्कि बिहार में भाजपा के संगठनात्मक आत्मविश्वास का प्रदर्शन है — जहाँ CM सम्राट चौधरी स्वयं उपस्थित होकर अपने करीबी को आगे बढ़ा रहे हैं। गौरतलब है कि निर्विरोध जीत की संभावना यह भी दर्शाती है कि विपक्ष इस सीट पर सार्थक चुनौती देने की स्थिति में नहीं है। चार दशकों के संगठनात्मक अनुभव वाले किसी नेता को विधान परिषद भेजना भाजपा की उस रणनीति का हिस्सा लगता है जिसमें वफादार कार्यकर्ताओं को संस्थागत पदों से पुरस्कृत किया जाता है। असली सवाल यह है कि क्या यह नियुक्ति संगठन को मजबूत करेगी या केवल आंतरिक समीकरणों को साधने का माध्यम बनेगी।
NationPress
30/04/2026

Frequently Asked Questions

बिहार विधान परिषद की यह सीट रिक्त क्यों हुई?
यह सीट मंगल पांडेय के MLC पद से इस्तीफे के बाद खाली हुई, जब वे विधायक (MLA) चुने गए। किसी सदस्य के दोनों सदनों में एक साथ न रह सकने के नियम के तहत उपचुनाव अनिवार्य हो गया।
अरविंद शर्मा कौन हैं और भाजपा ने उन्हें क्यों चुना?
अरविंद शर्मा भाजपा के बिहार प्रदेश मुख्यालय के प्रभारी हैं और करीब चार दशकों से पार्टी संगठन से जुड़े हैं। उन्हें मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का करीबी और संगठन पर मजबूत पकड़ रखने वाला अनुभवी नेता माना जाता है।
बिहार MLC उपचुनाव 2025 की मतदान तिथि क्या है?
इस सीट के लिए 12 मई 2025 को मतदान होगा और उसी दिन परिणाम भी घोषित किए जाएंगे। नाम वापसी की अंतिम तिथि 4 मई है।
क्या अरविंद शर्मा निर्विरोध चुने जाएंगे?
सूत्रों के अनुसार अरविंद शर्मा का निर्विरोध निर्वाचन लगभग तय माना जा रहा है। हालाँकि, यह 4 मई को नाम वापसी की अंतिम तिथि के बाद ही आधिकारिक रूप से स्पष्ट होगा।
इस MLC सीट का कार्यकाल कब तक है?
इस बिहार विधान परिषद सीट का कार्यकाल 6 मई 2030 तक है। जो भी उम्मीदवार निर्वाचित होगा, वह इस अवधि तक MLC रहेगा।
Nation Press