बांग्लादेश: फ्रंट लाइन डिफेंडर्स ने चिटगांव हिल ट्रैक्ट्स कार्यकर्ता रानी यान यान के उत्पीड़न पर उठाए सवाल
आयरलैंड स्थित अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन फ्रंट लाइन डिफेंडर्स ने बांग्लादेश के चिटगांव हिल ट्रैक्ट्स (CHT) क्षेत्र की आदिवासी अधिकार कार्यकर्ता रानी यान यान को जारी सरकारी चेतावनी पत्र पर गहरी चिंता जताई है। संगठन ने बांग्लादेश सरकार से इस पत्र को तुरंत वापस लेने, उसका कानूनी आधार स्पष्ट करने और कार्यकर्ता के खिलाफ हर प्रकार की डराने-धमकाने की कार्रवाई बंद करने की माँग की है।
कौन हैं रानी यान यान
रानी यान यान चिटगांव हिल ट्रैक्ट्स के रंगामाटी इलाके में रहने वाली एक आदिवासी मानवाधिकार कार्यकर्ता हैं। फ्रंट लाइन डिफेंडर्स के अनुसार, वह पिछले एक दशक से आदिवासी महिलाओं और युवाओं के सशक्तिकरण, सामाजिक न्याय और समानता के मुद्दों पर सक्रिय रूप से काम कर रही हैं। CHT क्षेत्र लंबे समय से आदिवासी अधिकारों और भूमि विवादों को लेकर तनावपूर्ण रहा है।
चेतावनी पत्र का विवरण
रिपोर्ट के अनुसार, रंगामाटी की डिप्टी कमिश्नर और जिला मजिस्ट्रेट नाजमा अशराफी ने 6 अप्रैल को गृह मंत्रालय के निर्देश पर रानी को एक औपचारिक चेतावनी पत्र जारी किया और उसे कई सरकारी दफ्तरों में भेजा। इस पत्र में रानी पर आरोप लगाया गया कि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बांग्लादेश सरकार और सेना के खिलाफ