ट्रंप ने लगातार दूसरे दिन जर्मन चांसलर मर्ज पर हमला, ईरान परमाणु और यूक्रेन युद्ध पर बढ़ा विवाद
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सारांश
ट्रंप और मर्ज के बीच यह तकरार महज़ दो नेताओं की नोकझोंक नहीं — यह पश्चिमी गठबंधन में गहराती दरार की तस्वीर है। ईरान परमाणु खतरे और यूक्रेन युद्ध पर अमेरिका और जर्मनी की अलग-अलग राय नाटो की एकजुटता पर सवाल खड़े कर रही है।
Key Takeaways
डोनाल्ड ट्रंप ने 30 अप्रैल 2025 को ट्रुथ सोशल पर लगातार दूसरे दिन जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज पर निशाना साधा। ट्रंप ने कहा कि मर्ज को लगता है कि ईरान के पास परमाणु हथियार होना ठीक है — जो उनके अनुसार पूरी दुनिया को बंधक बना सकता है। ट्रंप ने जर्मनी से कहा कि वह आव्रजन और ऊर्जा संकट जैसे घरेलू मुद्दों पर ध्यान दे। मर्ज ने पहले अमेरिकी ईरान कूटनीति को अप्रभावी बताया था और कहा था कि वार्ताएं बिना ठोस नतीजे के समाप्त हुईं। नाटो के भीतर यूक्रेन और ईरान मुद्दों पर रणनीतिक मतभेद तेज़ी से उभर रहे हैं।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 30 अप्रैल 2025 को लगातार दूसरे दिन जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज पर जुबानी हमला बोला। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि मर्ज को रूस-यूक्रेन युद्ध समाप्त कराने में प्रभावी भूमिका निभानी चाहिए और आव्रजन व ऊर्जा जैसे घरेलू संकटों पर ध्यान देना चाहिए। यह तकरार ईरान के परमाणु कार्यक्रम और यूक्रेन संघर्ष को लेकर अमेरिका-जर्मनी के बीच गहराते रणनीतिक मतभेदों को उजागर करती है।
ट्रंप का मर्ज पर सीधा हमला
गुरुवार, 30 अप्रैल को ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए ट्रंप ने लिखा कि जर्मनी को उन देशों के मामलों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए जो ईरान के परमाणु खतरे को समाप्त करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा,
Point of View
NationPress
30/04/2026
Frequently Asked Questions
ट्रंप ने जर्मन चांसलर मर्ज पर क्यों निशाना साधा?
ट्रंप ने मर्ज पर निशाना इसलिए साधा क्योंकि मर्ज ने ईरान को लेकर अमेरिकी कूटनीतिक रणनीति की आलोचना की थी और कहा था कि वार्ताएं बिना ठोस नतीजे के समाप्त हुईं। ट्रंप ने इसे अपने ईरान नीति पर हस्तक्षेप माना और जवाबी हमला बोला।
ट्रंप ने ईरान परमाणु हथियारों पर क्या कहा?
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि मर्ज को लगता है कि ईरान के पास परमाणु हथियार होना ठीक है, लेकिन उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। ट्रंप के अनुसार, अगर ईरान के पास परमाणु हथियार होते तो पूरी दुनिया बंधक बन जाती।
जर्मन चांसलर मर्ज ने अमेरिकी ईरान नीति पर क्या कहा था?
मर्ज ने कहा था कि अमेरिका ईरान के साथ कूटनीतिक बातचीत को प्रभावी ढंग से आगे नहीं बढ़ा सका और कुछ वार्ताएं बिना किसी ठोस नतीजे के समाप्त हो गईं। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान उम्मीद से कहीं अधिक मजबूत स्थिति में है और अमेरिका के पास कोई स्पष्ट रणनीति नजर नहीं आती।
अमेरिका और जर्मनी के बीच यूक्रेन-ईरान पर मतभेद क्यों बढ़ रहे हैं?
दोनों देशों की प्राथमिकताएं और रणनीतिक दृष्टिकोण अलग-अलग हैं — अमेरिका अधिकतम दबाव की नीति अपनाना चाहता है जबकि जर्मनी सहित यूरोपीय देश कूटनीतिक बातचीत को तरजीह देते हैं। नाटो के भीतर भी इन मुद्दों पर अलग-अलग राय सामने आ रही है, जिससे पश्चिमी एकता कमजोर पड़ती दिख रही है।
ट्रंप ने जर्मनी के घरेलू मुद्दों पर क्या टिप्पणी की?
ट्रंप ने कहा कि जर्मनी को आव्रजन और ऊर्जा जैसे अपने घरेलू संकटों को प्राथमिकता देनी चाहिए, बजाय उन देशों के मामलों में हस्तक्षेप करने के जो ईरान के परमाणु खतरे को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने जर्मनी के आर्थिक प्रदर्शन पर भी सवाल उठाए।