पाकिस्तान में प्रेस की आज़ादी पर संकट: PECA कानून से 129 उल्लंघन, 2 पत्रकारों की हत्या
सारांश
Key Takeaways
पाकिस्तान में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर शिकंजा कसता जा रहा है। फ्रीडम नेटवर्क की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के बीच पत्रकारों के खिलाफ कम से कम 129 उल्लंघन के मामले दर्ज हुए, जिनमें 2 हत्याएँ और 58 कानूनी मामले शामिल हैं — इनमें से अधिकांश संशोधित प्रिवेंशन ऑफ इलेक्ट्रॉनिक क्राइम्स एक्ट (PECA) के तहत दर्ज किए गए। यह रिपोर्ट 3 मई को मनाए जाने वाले विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले जारी की गई है।
रिपोर्ट में क्या सामने आया
रिपोर्ट का पूरा शीर्षक है — 'रेगुलेटरी रिप्रेशन ऑफ फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन: लीगल कंट्रोल्स एंड PECA अंडरमाइन मीडिया एंड जर्नलिज्म इन पाकिस्तान'। इसमें कहा गया है कि कानूनी, नियामक और आर्थिक दबावों के तिहरे संयोजन ने पाकिस्तान में स्वतंत्र पत्रकारिता के लिए जगह को बुरी तरह सीमित कर दिया है।
2025-26 के दौरान PECA का इस्तेमाल वैध अभिव्यक्ति को अपराध बनाने, असहमति दबाने और पत्रकारों, वकीलों तथा राजनीतिक टिप्पणीकारों को डराने के लिए किया गया। मानहानि के मामले, लाइसेंस निलंबन और इंटरनेट बंदी ने स्वतंत्र पत्रकारिता को और कमज़ोर किया।
PECA का 'हथियार की तरह इस्तेमाल'
फ्रीडम नेटवर्क के कार्यकारी निदेशक इक़बाल खटक ने कहा कि PECA का