आचार्य प्रमोद कृष्णम का दावा: महिला आरक्षण विरोधी विपक्ष का हश्र कौरवों जैसा होगा
सारांश
Key Takeaways
हापुड़ में आचार्य प्रमोद कृष्णम ने 30 अप्रैल को मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि महिला आरक्षण संशोधन विधेयक का विरोध करने वाले विपक्षी दलों को कोई राजनीतिक लाभ नहीं मिलेगा और उनका हश्र महाभारत के कौरवों जैसा होगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महिला आरक्षण के फैसले को ऐतिहासिक बताया और विपक्ष पर महिलाओं के अपमान का आरोप लगाया।
महाभारत से तुलना
आचार्य कृष्णम ने कहा कि पाँच हजार साल पहले महाभारत काल में महिलाओं का अपमान करने और उन्हें नीचा दिखाने की साजिश में कौरवों और शकुनि जैसे लोग शामिल थे। उन्होंने कहा, "जैसे 5 हजार साल पहले एक महिला का अपमान करने की वजह से महाभारत हुआ और कौरवों का सत्यानाश हुआ, इसी प्रकार महिलाओं का अपमान करने वाले विपक्ष का भी सत्यानाश होना सुनिश्चित है।" उनके अनुसार, जो दल संशोधन बिल के विरोध को राजनीतिक लाभ का जरिया मान रहे हैं, वे गलतफहमी में हैं।
महिला आरक्षण विधेयक की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि संसद का तीन दिवसीय विशेष सत्र महिला आरक्षण संशोधन विधेयक को लेकर बुलाया गया था, लेकिन विपक्षी दलों के विरोध के कारण यह बिल पारित नहीं हो सका। इसके बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) शासित प्रदेशों में विपक्षी दलों के खिलाफ आक्रोश रैलियाँ आयोजित की गईं। BJP का दावा है कि इस संशोधन बिल को पारित कराया जाएगा और महिलाओं को आरक्षण का अधिकार दिलाया जाएगा।
बंगाल चुनाव पर टिप्पणी
पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद आए एग्जिट पोल पर आचार्य कृष्णम ने कहा कि कुछ लोग बंगाल को बांग्लादेश में बदलना चाहते हैं। उन्होंने कहा, "मुझे पूरा विश्वास है कि पश्चिम बंगाल की जनता ने प्रधानमंत्री मोदी के विजन और भारतीय लोकतंत्र की जीत के समर्थन में मतदान किया है।" उन्होंने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेताओं पर अराजकता और कुशासन का आरोप लगाते हुए बंगाल में परिवर्तन की उम्मीद जताई।
गंगा एक्सप्रेसवे और कल्कि धाम
आचार्य कृष्णम ने गंगा एक्सप्रेसवे के जरिए एक धाम को दूसरे धाम से जोड़ने को सनातन के लिए गौरव का विषय बताया। उन्होंने कहा कि कल्कि धाम आने वाले श्रद्धालुओं को भी इस एक्सप्रेसवे से लाभ होगा और इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त किया। यह बयान ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को बुनियादी ढाँचे से जोड़ने की कोशिशें तेज हो रही हैं।