इन्वेस्ट इंडिया की CEO निवृत्ति राय बोलीं — भारत को तकनीक और FDI में आगे बढ़ने के लिए वैश्विक साझेदारी अनिवार्य

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इन्वेस्ट इंडिया की CEO निवृत्ति राय बोलीं — भारत को तकनीक और FDI में आगे बढ़ने के लिए वैश्विक साझेदारी अनिवार्य

सारांश

इन्वेस्ट इंडिया की CEO निवृत्ति राय का संदेश साफ़ है — भारत की अगली छलाँग केवल नीतियों से नहीं, बल्कि वैश्विक साझेदारियों, चीन जैसे इंडस्ट्रियल क्लस्टर और 60 लाख सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल्स की ताकत से आएगी। टियर-2 और टियर-3 शहरों में निवेश का विस्तार इस रणनीति की अगली कड़ी है।

Key Takeaways

निवृत्ति राय ने 30 अप्रैल 2026 को कहा कि भारत को तकनीकी प्रगति के लिए वैश्विक साझेदारियाँ और FDI अनिवार्य हैं। चीन के क्लस्टर-आधारित औद्योगिक मॉडल को भारत के लिए अनुकरणीय बताया — सेमीकंडक्टर और डेटा सेंटर क्षेत्र में इकोसिस्टम बनाने पर ज़ोर। वियतनाम के 50 से अधिक FTA का उदाहरण देते हुए भारत के नए व्यापार समझौतों में तकनीक और वैल्यू चेन एकीकरण की वकालत। टियर-2, टियर-3 और टियर-4 शहरों में निवेश बढ़ाने के लिए इन्वेस्ट इंडिया और सरकार मिलकर राज्यों का विश्लेषण कर रहे हैं। भारत के पास लगभग 60 लाख सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल्स — AI और डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर में तेज़ विस्तार जारी।

इन्वेस्ट इंडिया की प्रबंध निदेशक एवं सीईओ निवृत्ति राय ने 30 अप्रैल 2026 को न्यूज़ एजेंसी राष्ट्र प्रेस से विशेष बातचीत में कहा कि भारत को तकनीकी और आर्थिक रूप से आगे बढ़ने के लिए वैश्विक साझेदारियाँ, मज़बूत औद्योगिक इकोसिस्टम और संतुलित क्षेत्रीय विकास — तीनों पर एक साथ ध्यान देना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल नीतिगत सुधार पर्याप्त नहीं हैं; विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) और अगली पीढ़ी की तकनीक पर फ़ोकस उतना ही ज़रूरी है।

वैश्विक साझेदारी और अगली पीढ़ी की तकनीक

निवृत्ति राय ने कहा कि तेज़ी से बदलते तकनीकी परिदृश्य में भारत को आत्मनिर्भर बनने के लिए वैश्विक सहयोग अपरिहार्य है। उन्होंने कहा, "वर्तमान तकनीक पर काम करने के साथ-साथ भारत को अगली पीढ़ी की टेक्नोलॉजी पर फ़ोकस करना होगा, जिसके लिए FDI भी ज़रूरी है।" उनके अनुसार, हर देश से सीखने की प्रवृत्ति विकास की रफ़्तार को तेज़ कर सकती है।

चीन के क्लस्टर मॉडल से सबक

चीन के औद्योगिक विकास का उल्लेख करते हुए निवृत्ति राय ने कहा कि वहाँ क्लस्टर-आधारित विकास पर ज़ोर दिया जाता है, जहाँ पूरा इकोसिस्टम एक ही भौगोलिक क्षेत्र में विकसित होता है। उन्होंने उदाहरण दिया कि टेक्सटाइल उद्योग में फाइबर से लेकर अंतिम उत्पाद तक की पूरी आपूर्ति श्रृंखला एक ही क्षेत्र में तैयार होती है। उन्होंने कहा कि सेमीकंडक्टर और डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में भी इसी तरह का मज़बूत इंडस्ट्रियल क्लस्टर भारत में विकसित किया जाना चाहिए।

वियतनाम मॉडल और नए व्यापार समझौते

वियतनाम का ज़िक्र करते हुए उन्होंने बताया कि वहाँ 50 से अधिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) हैं, जिससे उसे वैश्विक व्यापार में बड़ा लाभ मिलता है। उन्होंने कहा कि भारत भी अब नए दौर के व्यापार समझौतों में केवल बाज़ार खोलने तक सीमित नहीं है — इनमें तकनीक, संसाधन साझाकरण और वैल्यू चेन एकीकरण को भी शामिल किया जा रहा है।

इंफ्रास्ट्रक्चर और टियर-2, टियर-3 शहरों में निवेश

निवृत्ति राय ने ज़ोर देकर कहा कि मज़बूत इंफ्रास्ट्रक्चर के बिना नीतिगत सुधार अधूरे हैं। सरकार ने सड़कों, बंदरगाहों और हवाई अड्डों पर बड़े पैमाने पर निवेश किया है, परंतु अब लास्ट माइल कनेक्टिविटी पर भी ध्यान देने की ज़रूरत है। उन्होंने सुझाव दिया कि हर राज्य में केवल एक बड़ा शहर नहीं, बल्कि कई विकसित शहर होने चाहिए — जैसे उत्तर प्रदेश में कई नोएडा और तेलंगाना में कई हैदराबाद। इससे निवेश छोटे शहरों तक पहुँचेगा और रोज़गार के अवसर बढ़ेंगे।

उन्होंने बताया कि इन्वेस्ट इंडिया और सरकार मिलकर टियर-2, टियर-3 और टियर-4 शहरों में निवेश आकर्षित करने के लिए राज्यों की ताकत, कमज़ोरियों, अवसरों और चुनौतियों का विश्लेषण कर रहे हैं। उन्होंने मध्य प्रदेश, ओडिशा और पूर्वोत्तर के राज्यों को सक्रिय निवेश गंतव्यों के रूप में उभरते देखना सकारात्मक संकेत बताया।

AI और भारत के 60 लाख सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल्स

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर बात करते हुए निवृत्ति राय ने कहा कि भारत के पास लगभग 60 लाख सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल्स हैं, जो एक असाधारण मानव पूँजी है। उन्होंने कहा कि भारत डेटा सेंटर और AI इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है और AI का सही उपयोग आर्थिक मूल्य सृजन के लिए किया जाना चाहिए, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को सीधा लाभ मिल सके। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर AI निवेश की होड़ तेज़ हो रही है और भारत इस दौड़ में अपनी स्थिति मज़बूत करना चाहता है।

Point of View

लेकिन असली सवाल यह है कि भारत में इंडस्ट्रियल क्लस्टर की बात दशकों से होती रही है — SEZ से लेकर DMIC तक — फिर भी चीन जैसा एकीकृत इकोसिस्टम अब तक क्यों नहीं बन पाया। FDI का टियर-2 और टियर-3 शहरों की ओर स्वाभाविक रूप से बढ़ने का तर्क तब तक अधूरा है जब तक लास्ट माइल कनेक्टिविटी और कुशल श्रमशक्ति की उपलब्धता सुनिश्चित न हो। 60 लाख सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल्स की ताकत तभी AI-आधारित आर्थिक मूल्य में बदलेगी जब उन्हें सही इंफ्रास्ट्रक्चर और वैश्विक बाज़ार तक पहुँच मिले — जो अभी भी बड़े शहरों तक ही केंद्रित है।
NationPress
30/04/2026

Frequently Asked Questions

निवृत्ति राय कौन हैं और इन्वेस्ट इंडिया क्या करती है?
निवृत्ति राय इन्वेस्ट इंडिया की प्रबंध निदेशक एवं सीईओ हैं। इन्वेस्ट इंडिया भारत सरकार की राष्ट्रीय निवेश संवर्धन एजेंसी है, जो देश में विदेशी और घरेलू निवेश आकर्षित करने का काम करती है।
भारत को वैश्विक साझेदारी की ज़रूरत क्यों है?
निवृत्ति राय के अनुसार, तेज़ी से बदलती तकनीक के दौर में भारत को अगली पीढ़ी की तकनीक विकसित करने और FDI आकर्षित करने के लिए वैश्विक साझेदारी अनिवार्य है। केवल घरेलू नीतिगत सुधार पर्याप्त नहीं हैं; इसके लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग और वैल्यू चेन एकीकरण भी ज़रूरी है।
भारत में टियर-2 और टियर-3 शहरों में निवेश कैसे बढ़ाया जाएगा?
इन्वेस्ट इंडिया और सरकार मिलकर राज्यों की ताकत, कमज़ोरियों, अवसरों और चुनौतियों का विश्लेषण कर टियर-2, टियर-3 और टियर-4 शहरों में निवेश आकर्षित करने की रणनीति बना रहे हैं। मध्य प्रदेश, ओडिशा और पूर्वोत्तर के राज्य इस दिशा में सक्रिय रूप से आगे आ रहे हैं।
भारत के लिए चीन का औद्योगिक क्लस्टर मॉडल क्यों अनुकरणीय बताया गया?
निवृत्ति राय ने कहा कि चीन में पूरा उत्पादन इकोसिस्टम — फाइबर से लेकर अंतिम उत्पाद तक — एक ही क्षेत्र में विकसित होता है, जिससे लागत घटती है और दक्षता बढ़ती है। भारत को भी सेमीकंडक्टर और डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में इसी तरह के मज़बूत इंडस्ट्रियल क्लस्टर बनाने की ज़रूरत है।
AI के क्षेत्र में भारत की क्या स्थिति है?
निवृत्ति राय के अनुसार, भारत के पास लगभग 60 लाख सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल्स हैं और देश डेटा सेंटर व AI इंफ्रास्ट्रक्चर में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि AI का उपयोग आर्थिक मूल्य सृजन के लिए किया जाना चाहिए ताकि देश की अर्थव्यवस्था को सीधा लाभ मिल सके।
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