पश्चिम बंगाल मतगणना 4 मई: चुनाव आयोग ने लागू की QR कोड वेरिफिकेशन, तीन चरणों में होगी पहचान जांच
सारांश
Key Takeaways
पश्चिम बंगाल में 4 मई को होने वाली विधानसभा चुनाव मतगणना से पहले चुनाव आयोग ने काउंटिंग सेंटरों की सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व रूप से कड़ा कर दिया है। 30 अप्रैल को जारी अधिसूचना के अनुसार, मतगणना स्थल पर प्रवेश के लिए अब तीन चरणों की पहचान जांच प्रक्रिया से गुजरना अनिवार्य होगा, जिसमें अंतिम चरण में QR कोड स्कैनिंग के जरिए डिजिटल सत्यापन किया जाएगा। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब काउंटिंग सेंटरों की सुरक्षा को लेकर शिकायतें प्राप्त हुई हैं।
तीन चरणों में होगी पहचान जांच
चुनाव आयोग की जारी अधिसूचना के मुताबिक, पहले और दूसरे चरण में पहचान पत्र की मैनुअल जांच की जाएगी। तीसरे और अंतिम चरण में QR कोड स्कैन होने के बाद ही काउंटिंग सेंटर में प्रवेश के लिए 'ग्रीन सिग्नल' मिलेगा। बिना QR कोड सत्यापन के किसी भी व्यक्ति को अंदर प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।
यह नियम रिटर्निंग ऑफिसर, सहायक रिटर्निंग ऑफिसर, मतगणना कर्मियों, उम्मीदवारों और चुनाव एजेंटों — सभी पर समान रूप से लागू होगा। आयोग ने जिला चुनाव अधिकारियों और रिटर्निंग ऑफिसरों को इस व्यवस्था को सुचारु रूप से लागू करने के लिए आवश्यक कदम उठाने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं।
प्रशिक्षित कर्मियों की तैनाती का निर्देश
चुनाव आयोग ने यह भी निर्देश दिया है कि काउंटिंग सेंटरों के प्रवेश बिंदुओं पर विशेष रूप से प्रशिक्षित कर्मियों की तैनाती की जाए, ताकि प्रवेश पर सख्ती से नियंत्रण रखा जा सके। गौरतलब है कि यह व्यवस्था ईवीएम की सुरक्षा सुनिश्चित करने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है।
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा, ''काउंटिंग सेंटरों की सुरक्षा को लेकर शिकायतें मिली हैं।'' उन्होंने यह भी बताया कि वह स्वयं विभिन्न काउंटिंग सेंटरों का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था की जांच करेंगे और जरूरत पड़ने पर सुरक्षा और बढ़ाई जाएगी।
स्ट्रॉन्ग रूम पर भी कड़ी नजर
हर जिले के स्ट्रॉन्ग रूम पर भी चुनाव आयोग की विशेष निगरानी है। ईवीएम पहले ही स्ट्रॉन्ग रूम में सुरक्षित रखी जा चुकी हैं। पहले 200 कंपनियाँ केंद्रीय बलों की तैनाती का निर्णय लिया गया था, लेकिन सुरक्षा बढ़ाने के तहत अब और अधिक केंद्रीय बल तैनात किए जा रहे हैं।
मतदान का रिकॉर्ड प्रतिशत
पश्चिम बंगाल की 142 विधानसभा सीटों पर 29 अप्रैल को दूसरे चरण का मतदान संपन्न हुआ, जिसमें आधी रात तक 92.47 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। इसके साथ ही दोनों चरणों का औसत मतदान प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 92.85 प्रतिशत हो गया है। 4 मई को चुनाव नतीजे घोषित किए जाएंगे और सुरक्षा की यह बहुस्तरीय व्यवस्था मतगणना प्रक्रिया की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने की दिशा में एक निर्णायक कदम मानी जा रही है।