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अहमदाबाद नगर निगम: 18,000 से अधिक सफाईकर्मी रोज़ाना 5,000 मीट्रिक टन कचरे का प्रबंधन करते हैं

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अहमदाबाद नगर निगम: 18,000 से अधिक सफाईकर्मी रोज़ाना 5,000 मीट्रिक टन कचरे का प्रबंधन करते हैं

सारांश

अंतर्राष्ट्रीय श्रम दिवस से पहले अहमदाबाद नगर निगम ने खुलासा किया कि 18,000 से अधिक सफाईकर्मी रोज़ाना 5,000 मीट्रिक टन कचरे का प्रबंधन करते हैं। 2,500 वाहन, चौबीसों घंटे अभियान और 2,200 आवास इकाइयाँ — यह ब्यौरा उन अदृश्य कामगारों की अहमियत को उजागर करता है जिन पर शहर की स्वच्छता टिकी है।

मुख्य बातें

अहमदाबाद नगर निगम (AMC) ने 30 अप्रैल 2026 को अपनी स्वच्छता प्रणाली का विस्तृत ब्यौरा जारी किया।
18,000 से अधिक सफाईकर्मी प्रतिदिन 5,000 मीट्रिक टन से अधिक कचरे का प्रबंधन करते हैं।
कार्यबल में 13,000+ स्थायी और लगभग 5,000 RWA-नियोजित कर्मचारी शामिल; 2,500+ वाहन तैनात।
हर तीन महीने में अनिवार्य स्वास्थ्य जाँच; निःशुल्क उपचार और सुरक्षा उपकरण उपलब्ध।
आवास योजनाओं के तहत लगभग 2,200 आवास इकाइयाँ सफाईकर्मियों को आवंटित।
कोविड-19 के दौरान सफाईकर्मियों को आधिकारिक रूप से अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ता का दर्जा दिया गया।

अंतर्राष्ट्रीय श्रम दिवस (1 मई) की पूर्व संध्या पर अहमदाबाद नगर निगम (AMC) ने 30 अप्रैल 2026 को अपनी स्वच्छता प्रणाली का विस्तृत ब्यौरा साझा किया। निगम के अनुसार, 18,000 से अधिक सफाईकर्मी मिलकर अहमदाबाद शहर में प्रतिदिन उत्पन्न होने वाले 5,000 मीट्रिक टन से अधिक कचरे का प्रबंधन करते हैं। यह खुलासा उन हज़ारों अदृश्य कामगारों की भूमिका को रेखांकित करता है जो शहर को स्वच्छ और कार्यशील बनाए रखते हैं।

कार्यबल की संरचना

AMC के अनुसार, कुल कार्यबल में 13,000 से अधिक स्थायी सफाईकर्मी शामिल हैं, जबकि शेष लगभग 5,000 कर्मचारी निवासी कल्याण संघों (RWA) के माध्यम से नियोजित हैं। इसके अलावा, कचरा संग्रहण और संबंधित कार्यों के लिए शहर भर में 2,500 से अधिक वाहन तैनात किए गए हैं।

गौरतलब है कि स्थायी सफाईकर्मियों को श्रेणी-4 नगर निगम कर्मचारियों के समकक्ष लाभ प्राप्त होते हैं और वे समूह बीमा योजनाओं के अंतर्गत आते हैं। भविष्य निधि, पेंशन सहायता, परामर्श सेवाएँ और सांस्कृतिक एवं खेल गतिविधियों के अवसर भी उपलब्ध कराए जाते हैं।

सफाई अभियान की व्यापकता

नगर निगम ने बताया कि टाउन प्लानिंग स्कीम की सड़कों, मुख्य सड़कों, प्रतिष्ठित स्थलों, आवासीय क्षेत्रों, पुलिस क्षेत्रों और ग्रामीण-शहरी सीमावर्ती क्षेत्रों में चौबीसों घंटे सफाई अभियान चलाया जाता है। दिन के समय नियमित सफाई, दोपहर में सामूहिक सफाई और बाज़ारों एवं सार्वजनिक स्थानों जैसे अधिक भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में रात के समय सफाई अभियान इस प्रणाली के अभिन्न अंग हैं।

घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से घर-घर जाकर कूड़ा-कचरा संग्रहण के साथ-साथ धार्मिक अनुष्ठानों से संबंधित अपशिष्ट का संग्रहण भी इस प्रणाली में शामिल है।

सफाईकर्मियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा प्रावधान

AMC ने बताया कि सफाई कर्मचारियों को मास्क, दस्ताने, गमबूट, वर्दी और रिफ्लेक्टर जैकेट सहित आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जाते हैं। हर तीन महीने में अनिवार्य चिकित्सा जाँच के माध्यम से नियमित स्वास्थ्य निगरानी की जाती है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, शहरी स्वास्थ्य केंद्रों और नगर निगम अस्पतालों में निःशुल्क उपचार सुविधाएँ भी उपलब्ध हैं।

नगर निगम ने स्वीकार किया कि सफाई कार्य में संक्रामक और श्वसन संबंधी बीमारियों का खतरा, शारीरिक चोटें, सड़क दुर्घटनाएँ और पर्यावरणीय खतरे जैसे व्यावसायिक जोखिम शामिल हैं। इन चुनौतियों से निपटने के लिए 'स्वच्छ भारत मिशन' के तहत सुरक्षा प्रोटोकॉल और प्रशिक्षण कार्यक्रम लागू किए गए हैं।

कोविड-19 और सामाजिक कल्याण

कोविड-19 महामारी के दौरान सफाई कर्मचारियों को आधिकारिक तौर पर अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ता माना गया और उन्हें टीकाकरण, व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (PPE) किट, स्वच्छता सुविधाएँ और बीमा कवरेज प्रदान किया गया। यह ऐसे समय में आया जब देश भर में अनौपचारिक कामगारों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे थे।

सामाजिक कल्याण के अंतर्गत नगर निगम आवास योजनाओं के तहत सफाई कर्मचारियों को लगभग 2,200 आवास इकाइयाँ आवंटित की गई हैं। आने वाले समय में AMC के सामने यह चुनौती होगी कि वह इन कल्याण उपायों को ज़मीनी स्तर पर और अधिक प्रभावी बनाए तथा अनुबंध कर्मचारियों को भी समान लाभ सुनिश्चित करे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि लगभग 5,000 RWA-नियोजित कर्मचारियों को स्थायी कर्मचारियों के समान लाभ मिलते हैं या नहीं — यह स्पष्ट नहीं किया गया। स्वच्छ सर्वेक्षण की रैंकिंग में शहर की चमक और ज़मीनी स्तर पर कामगारों की वास्तविक स्थिति के बीच का अंतर अक्सर सरकारी घोषणाओं में नज़रअंदाज़ होता है। 'स्वच्छ भारत मिशन' के तहत प्रशिक्षण और सुरक्षा प्रोटोकॉल की घोषणाएँ पहले भी होती रही हैं, पर क्रियान्वयन की स्वतंत्र जाँच का अभाव बना रहता है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अहमदाबाद नगर निगम में कितने सफाईकर्मी कार्यरत हैं?
AMC के अनुसार शहर में 18,000 से अधिक सफाईकर्मी कार्यरत हैं, जिनमें 13,000 से अधिक स्थायी और लगभग 5,000 RWA के माध्यम से नियोजित कर्मचारी शामिल हैं।
अहमदाबाद में प्रतिदिन कितना कचरा उत्पन्न होता है?
AMC के आँकड़ों के अनुसार अहमदाबाद शहर में प्रतिदिन 5,000 मीट्रिक टन से अधिक कचरा उत्पन्न होता है, जिसके प्रबंधन के लिए 2,500 से अधिक वाहन तैनात हैं।
AMC सफाईकर्मियों को कौन-कौन सी सुविधाएँ देता है?
स्थायी सफाईकर्मियों को श्रेणी-4 नगर निगम कर्मचारियों के समकक्ष लाभ, समूह बीमा, भविष्य निधि, पेंशन सहायता, निःशुल्क चिकित्सा जाँच और लगभग 2,200 आवास इकाइयाँ प्रदान की जाती हैं। इसके अलावा मास्क, दस्ताने और रिफ्लेक्टर जैकेट जैसे सुरक्षा उपकरण भी दिए जाते हैं।
कोविड-19 के दौरान अहमदाबाद के सफाईकर्मियों को क्या सुविधाएँ मिलीं?
कोविड-19 महामारी के दौरान AMC के सफाईकर्मियों को आधिकारिक रूप से अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ता का दर्जा दिया गया। उन्हें टीकाकरण, PPE किट, स्वच्छता सुविधाएँ और बीमा कवरेज प्रदान किया गया।
अहमदाबाद में सफाई अभियान कैसे चलाया जाता है?
AMC चौबीसों घंटे सफाई अभियान चलाता है जिसमें दिन में नियमित सफाई, दोपहर में सामूहिक सफाई और रात में बाज़ारों व सार्वजनिक स्थानों की सफाई शामिल है। घर-घर कूड़ा संग्रहण और धार्मिक अपशिष्ट प्रबंधन भी इसका हिस्सा है।
राष्ट्र प्रेस
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