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अहमदाबाद NDPS अदालत ने तीन चरस तस्करों को 10-10 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई, ₹1-1.5 लाख जुर्माना

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अहमदाबाद NDPS अदालत ने तीन चरस तस्करों को 10-10 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई, ₹1-1.5 लाख जुर्माना

सारांश

अहमदाबाद की विशेष NDPS अदालत ने 2021 में राजस्थान से गुजरात आ रही बस से 9.330 किग्रा चरस के साथ पकड़े गए तीन तस्करों को 10-10 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई। NCB की अहमदाबाद जोनल यूनिट की जाँच और अभियोजन से यह फैसला अंतरराज्यीय नशा तस्करी के विरुद्ध कड़ी न्यायिक कार्रवाई का उदाहरण है।

मुख्य बातें

मेहसाना स्थित विशेष NDPS अदालत ने 30 अप्रैल 2026 को तीनों दोषियों को 10-10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई।
शाहिदभाई इब्राहिमभाई मनियार और रफीक दिलावर चौहान पर ₹1.5 लाख तथा मनियार सैयद हुसैन हसामिया पर ₹1 लाख जुर्माना लगाया गया।
25 सितंबर 2021 को मेहसाना बाईपास, फतेहपुरा सर्कल के पास अजमेर से आ रही बस से 9.330 किग्रा चरस जब्त की गई थी।
आरोप-पत्र 17 मार्च 2022 को दाखिल हुआ था; मामला NDPS अधिनियम, 1985 के तहत दर्ज था।
NCB ने कहा — यह सजा मादक पदार्थ तस्करी के विरुद्ध शून्य सहनशीलता की नीति का प्रमाण है।

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की अहमदाबाद जोनल यूनिट की जाँच और अभियोजन के बाद मेहसाना स्थित विशेष NDPS अदालत ने गुरुवार, 30 अप्रैल 2026 को चरस की अंतरराज्यीय तस्करी के तीन दोषियों को 10-10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई और उन पर ₹1 लाख से ₹1.5 लाख तक का जुर्माना लगाया। यह मामला 25 सितंबर 2021 को मेहसाना बाईपास, फतेहपुरा सर्कल के पास एक यात्री बस से 9.330 किलोग्राम चरस की जब्ती से जुड़ा है।

मुख्य घटनाक्रम

NCB के बयान के अनुसार, विशिष्ट और विश्वसनीय खुफिया जानकारी के आधार पर NCB अहमदाबाद जोनल यूनिट के अधिकारियों ने 25 सितंबर 2021 को अजमेर, राजस्थान से आ रही एक यात्री बस को रोका। तलाशी के दौरान तीनों आरोपियों के पास से कुल 9.330 किलोग्राम चरस बरामद की गई और उन्हें उसी दिन गिरफ्तार कर लिया गया।

जाँच पूरी होने के बाद 17 मार्च 2022 को अदालत में आरोप-पत्र दाखिल किया गया। लंबी सुनवाई के बाद NDPS अधिनियम, 1985 के प्रावधानों के तहत तीनों को दोषी करार दिया गया।

दोषियों की पहचान और सजा का विवरण

अदालत ने अहमदाबाद के गोमतीपुर निवासी शाहिदभाई इब्राहिमभाई मनियार और रफीक दिलावर चौहान को 10 साल के कठोर कारावास और ₹1.5 लाख के जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं अहमदाबाद के वटवा निवासी मनियार सैयद हुसैन हसामिया को 10 साल के कठोर कारावास और ₹1 लाख के जुर्माने की सजा दी गई।

NCB की प्रतिक्रिया

NCB ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि यह सजा यह स्पष्ट संदेश देती है कि मादक पदार्थों की तस्करी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ब्यूरो ने कहा कि अथक जाँच और अभियोजन के ज़रिये न्याय सुनिश्चित किया गया है और समुदायों को मादक पदार्थों के दुरुपयोग के विनाशकारी परिणामों से बचाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।

आम जनता पर असर और व्यापक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब राजस्थान-गुजरात सीमा मार्ग से नशीले पदार्थों की तस्करी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। गौरतलब है कि NCB की अहमदाबाद जोनल यूनिट पिछले कुछ वर्षों में अंतरराज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क के विरुद्ध कई बड़ी कार्रवाइयाँ कर चुकी है। NDPS अधिनियम के तहत वाणिज्यिक मात्रा की तस्करी पर न्यूनतम 10 वर्ष की सजा का प्रावधान है, जो इस मामले में पूरी तरह लागू किया गया।

यह फैसला नशा तस्करी के विरुद्ध न्यायिक सख्ती का संकेत है और भविष्य में ऐसे मामलों में अभियोजन को और मज़बूत आधार देगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या तस्करी नेटवर्क की जड़ें उखाड़ी गई हैं या केवल वाहक पकड़े गए हैं। राजस्थान-गुजरात मार्ग से नशे की तस्करी की पुनरावृत्ति यह संकेत देती है कि आपूर्ति श्रृंखला अभी भी सक्रिय है। NCB की जोनल यूनिट की जाँच सराहनीय है, परंतु दीर्घकालिक प्रभाव के लिए आपूर्तिकर्ताओं और फाइनेंसरों तक पहुँचना ज़रूरी होगा।
RashtraPress
16 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अहमदाबाद चरस तस्करी मामले में किन्हें सजा सुनाई गई?
अहमदाबाद के गोमतीपुर निवासी शाहिदभाई इब्राहिमभाई मनियार, रफीक दिलावर चौहान और वटवा निवासी मनियार सैयद हुसैन हसामिया को 10-10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई। पहले दोनों पर ₹1.5 लाख और तीसरे पर ₹1 लाख का जुर्माना लगाया गया।
यह गिरफ्तारी कब और कहाँ हुई थी?
NCB की अहमदाबाद जोनल यूनिट ने 25 सितंबर 2021 को मेहसाना बाईपास, फतेहपुरा सर्कल के पास अजमेर, राजस्थान से आ रही एक यात्री बस को रोककर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया था। तलाशी में 9.330 किलोग्राम चरस बरामद हुई थी।
इस मामले में कितनी चरस जब्त की गई थी?
NCB के अनुसार तीनों आरोपियों के पास से कुल 9.330 किलोग्राम चरस जब्त की गई थी, जो NDPS अधिनियम के तहत वाणिज्यिक मात्रा की श्रेणी में आती है।
NDPS अधिनियम के तहत चरस तस्करी पर क्या सजा का प्रावधान है?
NDPS अधिनियम, 1985 के तहत वाणिज्यिक मात्रा में नशीले पदार्थों की तस्करी पर न्यूनतम 10 साल और अधिकतम 20 साल के कठोर कारावास का प्रावधान है। इस मामले में अदालत ने न्यूनतम 10 साल की सजा सुनाई।
NCB ने इस फैसले पर क्या कहा?
NCB ने कहा कि यह सजा यह स्पष्ट संदेश देती है कि मादक पदार्थों की तस्करी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ब्यूरो ने अपनी जाँच और अभियोजन को समुदायों की सुरक्षा के लिए उठाया गया महत्वपूर्ण कदम बताया।
राष्ट्र प्रेस
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