जम्मू-कश्मीर क्राइम ब्रांच ने जमीन और नौकरी धोखाधड़ी मामले में बशीर अहमद भट के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की
सारांश
Key Takeaways
जम्मू-कश्मीर क्राइम ब्रांच की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने गुरुवार, 30 अप्रैल 2026 को श्रीनगर के रहने वाले बशीर अहमद भट के खिलाफ लघु वाद न्यायाधीश न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की। आरोप है कि भट ने जम्मू में जेडीए (JDA) की जमीन दिलाने और शिकायतकर्ताओं के रिश्तेदारों को सरकारी नौकरी दिलाने का झूठा वादा करके बड़ी रकम ठगी। यह चार्जशीट धारा 420 आरपीसी के तहत दर्ज एफआईआर के आधार पर प्रस्तुत की गई है।
मामले की पृष्ठभूमि
जनवरी 2019 में श्रीनगर के तैलबल जिले के अस्थानपोरा निवासी बशीर अहमद भट पुत्र अब्दुल गनी भट पर शिकायतकर्ताओं से धोखाधड़ी करके बड़ी रकम हड़पने का आरोप लगाया गया था। भट ने पीड़ितों को जम्मू विकास प्राधिकरण (JDA) की भूमि आवंटित कराने और उनके परिजनों को सरकारी सेवा में नियुक्त कराने का आश्वासन दिया था।
जांच में क्या सामने आया
क्राइम ब्रांच की जांच में पाया गया कि बशीर अहमद भट ने जानबूझकर शिकायतकर्ताओं को गुमराह किया और झूठे आश्वासनों के ज़रिये बेईमानी से उनकी रकम हासिल की। वह न तो जमीन दिलाने और न ही नौकरी दिलाने के अपने वादे पूरे कर सका। जांच के दौरान एकत्रित साक्ष्यों ने धारा 420 आरपीसी के तहत धोखाधड़ी का अपराध स्थापित किया, जिसके बाद न्यायिक निर्णय हेतु चार्जशीट न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत की गई।
आम जनता के लिए सतर्कता की अपील
क्राइम ब्रांच ने आम जनता को आर्थिक धोखाधड़ी करने वालों से सावधान रहने की सलाह दी है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना सीधे ईओडब्ल्यू कश्मीर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अब्दुल वहीद शाह को दी जा सकती है। ईमेल के माध्यम से भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में आर्थिक धोखाधड़ी के मामलों में क्राइम ब्रांच की सक्रियता हाल के वर्षों में बढ़ी है।
क्राइम ब्रांच की भूमिका
अपराध शाखा जम्मू-कश्मीर पुलिस का अभिन्न हिस्सा है और इसमें वित्तीय अपराधों तथा असामान्य आपराधिक गतिविधियों की जांच के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित पुलिसकर्मी तैनात हैं। यह इकाई उन मामलों की जांच करती है जिनके लिए क्षेत्रीय पुलिस के पास समर्पित संसाधनों की कमी होती है, क्योंकि कार्यकारी पुलिस आतंकवाद-विरोधी अभियानों और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में व्यस्त रहती है। न्यायालय अब इस मामले में आगे की सुनवाई करेगा।