गुजरात 66वें स्थापना दिवस पर: CM भूपेंद्र पटेल बोले — 'राज्य बना भविष्य का वैश्विक प्रवेश द्वार'

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गुजरात 66वें स्थापना दिवस पर: CM भूपेंद्र पटेल बोले — 'राज्य बना भविष्य का वैश्विक प्रवेश द्वार'

सारांश

66वें स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर CM भूपेंद्र पटेल का संदेश महज औपचारिकता नहीं था — यह गुजरात की विकास यात्रा का लेखा-जोखा था। 8,750 से 53,000 मेगावाट बिजली क्षमता, देश की सबसे कम बेरोजगारी दर का दावा और 2047 के 'विकसित भारत' लक्ष्य से जुड़ा दीर्घकालिक रोडमैप — गुजरात मॉडल को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने की स्पष्ट कोशिश।

Key Takeaways

CM भूपेंद्र पटेल ने 30 अप्रैल 2026 को 66वें गुजरात स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर गुजरात को 'भविष्य का वैश्विक प्रवेश द्वार' बताया। राज्य की बिजली उत्पादन क्षमता 8,750 मेगावाट से बढ़कर 53,000 मेगावाट हुई। गुजरात भारत की कुल नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता का 15 प्रतिशत रखता है; सोलर रूफटॉप योजना से 3 लाख से अधिक घर लाभान्वित। 2025 को 'शहरी विकास वर्ष' घोषित; शहरी विकास बजट में 40 प्रतिशत की वृद्धि। सौराष्ट्र , उत्तर व मध्य गुजरात के लिए 6 क्षेत्रीय आर्थिक मास्टर प्लान तैयार किए जा रहे हैं। गुजरात ने 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप दीर्घकालिक रोडमैप तैयार किया।

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 30 अप्रैल 2026 को 66वें गुजरात स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर एक सार्वजनिक संदेश में कहा कि राज्य का विकास मॉडल अब वैश्विक ध्यान का केंद्र बन चुका है और गुजरात देश के अग्रणी आर्थिक क्षेत्रों में अपनी अलग पहचान रखता है। उन्होंने राज्य को 'भविष्य के वैश्विक प्रवेश द्वार' के रूप में रेखांकित किया और कहा कि राज्य के अपने आकलन के अनुसार वर्तमान में देश में सबसे कम बेरोजगारी दर गुजरात में दर्ज की गई है।

स्थापना दिवस की पृष्ठभूमि और विकास यात्रा

1 मई 1960 को गठित गुजरात ने छह दशकों में उल्लेखनीय परिवर्तन किए हैं। मुख्यमंत्री पटेल ने कहा कि 1960 से 2000 तक की प्रगति और 2001 के बाद के विकास चरण ने आर्थिक एवं सामाजिक संकेतकों में स्पष्ट बदलाव दर्शाया है। उन्होंने राज्य के विकास पथ का श्रेय नेतृत्व की दूरदर्शिता और शासन सुधारों को दिया। गौरतलब है कि तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2003 में शुरू किए गए वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट को उन्होंने निवेश आकर्षित करने और औद्योगिक विकास को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।

बुनियादी ढाँचे में बड़ी छलाँग

बुनियादी ढाँचे के मोर्चे पर मुख्यमंत्री पटेल ने कहा कि राज्य की बिजली उत्पादन क्षमता 8,750 मेगावाट से बढ़कर लगभग 53,000 मेगावाट हो गई है। उन्होंने बताया कि एकीकृत बिजली, गैस और जल ग्रिड प्रणालियों के विकास ने पूरे राज्य में बुनियादी सेवा वितरण को सुदृढ़ किया है। इसके अलावा, 2025 को 'शहरी विकास वर्ष' घोषित किया गया है और इस वर्ष शहरी विकास बजट में 40 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।

नवीकरणीय ऊर्जा और पर्यावरण पहल

नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने बताया कि गुजरात भारत की कुल नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता का लगभग 15 प्रतिशत हिस्सा रखता है। सोलर रूफटॉप योजना के तहत तीन लाख से अधिक घरों को कवर किया जा चुका है। पर्यावरण संबंधी पहलों में मिशन लाइफ, जल संरक्षण के लिए 'कैच द रेन' अभियान और 'एक पेड़ मां के नाम' के तहत वृक्षारोपण प्रयासों का उल्लेख भी किया गया।

क्षेत्रीय आर्थिक योजना और औद्योगिक विविधीकरण

मुख्यमंत्री पटेल ने बताया कि नीति आयोग के सहयोग से सूरत आर्थिक क्षेत्र विकास योजना तैयार की गई है। सौराष्ट्र, उत्तर गुजरात और मध्य गुजरात सहित विभिन्न क्षेत्रों के लिए छह क्षेत्रीय आर्थिक मास्टर प्लान तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि गुजरात उच्च-प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में तेजी से विस्तार कर रहा है।

हालिया जनसमर्थन और भविष्य का रोडमैप

हाल ही में हुए स्थानीय स्वशासन चुनावों में मिले जनसमर्थन का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा,

Point of View

लेकिन घोषित निवेश और वास्तविक रोजगार सृजन के बीच की खाई पर बहस जारी है। 2025 को 'शहरी विकास वर्ष' घोषित करना और बजट में 40% वृद्धि महत्वाकांक्षी है, पर असली कसौटी क्रियान्वयन की गति होगी। 66 साल की विकास यात्रा का यह संदेश राजनीतिक रूप से सधा हुआ है — 'गुजरात मॉडल' की ब्रांडिंग जारी है, लेकिन जमीनी सामाजिक संकेतकों पर पारदर्शी डेटा की माँग भी उतनी ही जरूरी है।
NationPress
30/04/2026

Frequently Asked Questions

गुजरात का 66वाँ स्थापना दिवस कब है?
गुजरात का 66वाँ स्थापना दिवस 1 मई 2026 को मनाया जाएगा। राज्य की स्थापना 1 मई 1960 को हुई थी, जब महाराष्ट्र और गुजरात को अलग राज्यों के रूप में गठित किया गया था।
CM भूपेंद्र पटेल ने गुजरात को 'वैश्विक प्रवेश द्वार' क्यों कहा?
CM पटेल के अनुसार गुजरात का विकास मॉडल — विशेष रूप से वाइब्रेंट गुजरात समिट, नवीकरणीय ऊर्जा में 15% हिस्सेदारी और बुनियादी ढाँचे का विस्तार — वैश्विक निवेशकों का ध्यान आकर्षित कर रहा है। उन्होंने राज्य को 'भविष्य के वैश्विक प्रवेश द्वार' के रूप में रेखांकित किया।
वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट क्या है?
वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की शुरुआत 2003 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी। यह द्विवार्षिक निवेश सम्मेलन गुजरात में घरेलू और विदेशी निवेश आकर्षित करने का प्रमुख मंच रहा है।
गुजरात की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता कितनी है?
CM पटेल के अनुसार गुजरात भारत की कुल नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता का लगभग 15 प्रतिशत हिस्सा रखता है। सोलर रूफटॉप योजना के तहत 3 लाख से अधिक घरों को कवर किया जा चुका है।
गुजरात का 2047 रोडमैप क्या है?
CM पटेल ने बताया कि गुजरात ने 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनने के भारत के लक्ष्य के अनुरूप दीर्घकालिक रोडमैप तैयार किया है। इसमें क्षेत्रीय आर्थिक मास्टर प्लान, उच्च-प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में विस्तार और शहरी विकास को प्राथमिकता शामिल है।
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