गुजरात 66वें स्थापना दिवस पर: CM भूपेंद्र पटेल बोले — 'राज्य बना भविष्य का वैश्विक प्रवेश द्वार'
सारांश
Key Takeaways
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 30 अप्रैल 2026 को 66वें गुजरात स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर एक सार्वजनिक संदेश में कहा कि राज्य का विकास मॉडल अब वैश्विक ध्यान का केंद्र बन चुका है और गुजरात देश के अग्रणी आर्थिक क्षेत्रों में अपनी अलग पहचान रखता है। उन्होंने राज्य को 'भविष्य के वैश्विक प्रवेश द्वार' के रूप में रेखांकित किया और कहा कि राज्य के अपने आकलन के अनुसार वर्तमान में देश में सबसे कम बेरोजगारी दर गुजरात में दर्ज की गई है।
स्थापना दिवस की पृष्ठभूमि और विकास यात्रा
1 मई 1960 को गठित गुजरात ने छह दशकों में उल्लेखनीय परिवर्तन किए हैं। मुख्यमंत्री पटेल ने कहा कि 1960 से 2000 तक की प्रगति और 2001 के बाद के विकास चरण ने आर्थिक एवं सामाजिक संकेतकों में स्पष्ट बदलाव दर्शाया है। उन्होंने राज्य के विकास पथ का श्रेय नेतृत्व की दूरदर्शिता और शासन सुधारों को दिया। गौरतलब है कि तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2003 में शुरू किए गए वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट को उन्होंने निवेश आकर्षित करने और औद्योगिक विकास को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।
बुनियादी ढाँचे में बड़ी छलाँग
बुनियादी ढाँचे के मोर्चे पर मुख्यमंत्री पटेल ने कहा कि राज्य की बिजली उत्पादन क्षमता 8,750 मेगावाट से बढ़कर लगभग 53,000 मेगावाट हो गई है। उन्होंने बताया कि एकीकृत बिजली, गैस और जल ग्रिड प्रणालियों के विकास ने पूरे राज्य में बुनियादी सेवा वितरण को सुदृढ़ किया है। इसके अलावा, 2025 को 'शहरी विकास वर्ष' घोषित किया गया है और इस वर्ष शहरी विकास बजट में 40 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।
नवीकरणीय ऊर्जा और पर्यावरण पहल
नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने बताया कि गुजरात भारत की कुल नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता का लगभग 15 प्रतिशत हिस्सा रखता है। सोलर रूफटॉप योजना के तहत तीन लाख से अधिक घरों को कवर किया जा चुका है। पर्यावरण संबंधी पहलों में मिशन लाइफ, जल संरक्षण के लिए 'कैच द रेन' अभियान और 'एक पेड़ मां के नाम' के तहत वृक्षारोपण प्रयासों का उल्लेख भी किया गया।
क्षेत्रीय आर्थिक योजना और औद्योगिक विविधीकरण
मुख्यमंत्री पटेल ने बताया कि नीति आयोग के सहयोग से सूरत आर्थिक क्षेत्र विकास योजना तैयार की गई है। सौराष्ट्र, उत्तर गुजरात और मध्य गुजरात सहित विभिन्न क्षेत्रों के लिए छह क्षेत्रीय आर्थिक मास्टर प्लान तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि गुजरात उच्च-प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में तेजी से विस्तार कर रहा है।
हालिया जनसमर्थन और भविष्य का रोडमैप
हाल ही में हुए स्थानीय स्वशासन चुनावों में मिले जनसमर्थन का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा,