क्या सीएम भूपेंद्र पटेल ने वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस कार्यक्रम की लॉन्चिंग की?

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क्या सीएम भूपेंद्र पटेल ने वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस कार्यक्रम की लॉन्चिंग की?

सारांश

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन किया है। इस पहल के माध्यम से राज्य की इमेज को सुधारने और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने का लक्ष्य है। इस कॉन्फ्रेंस का पहला आयोजन अक्टूबर में मेहसाणा में होगा।

Key Takeaways

  • गुजरात की औद्योगिक पहचान को साकार करने के लिए वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस का आयोजन।
  • राज्य के हर क्षेत्र को औद्योगिक विकास का लाभ पहुंचाने का उद्देश्य।
  • उद्योगों के लिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में सुधार।
  • उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए वोकल फॉर लोकल का मंत्र।
  • गुजरात में 2025 तक 5.50 लाख करोड़ रुपये का विदेशी निवेश।

गांधीनगर, 28 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा और मार्गदर्शन में 2003 से आरंभ हुई वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट ने गुजरात को ग्लोबल इंडस्ट्रियल मैप पर प्रमुखता से स्थापित किया है। इसके साथ ही गुजरात ने विश्वभर के उद्योगों और निवेशकों के लिए गेटवे टू द फ्यूचर की विशेष पहचान बनाई है।

मुख्यमंत्री ने इस संदर्भ में कहा कि हमें प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस के आयोजन के माध्यम से गुजरात की इमेज को ‘वोकल फॉर लोकल’ के साथ और अधिक उजागर करने तथा विकास का लाभ राज्य के हर कोने में पहुंचाने की नई पहल करनी है।

सीएम पटेल ने गुरुवार को वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस के लॉन्चिंग कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने उद्योग मंत्री बलवंतसिंह राजपूत तथा कृषि मंत्री राघवजी पटेल और राज्य मंत्री भीखूसिंह परमार की उपस्थिति में कॉन्फ्रेंस के लोगो, वेबसाइट और मोबाइल एप्लिकेशन का उद्घाटन भी किया।

राज्य के हर क्षेत्र की औद्योगिक-आर्थिक ताकत और निवेशों की सज्जता का प्लेटफॉर्म बनने वाली इस वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस की पहली कॉन्फ्रेंस आगामी 9 और 10 अक्टूबर को मेहसाणा में आयोजित होने जा रही है। इसके बाद सौराष्ट्र, मध्य गुजरात और दक्षिण गुजरात क्षेत्रों में भी ऐसी कॉन्फ्रेंस का आयोजन होगा।

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि गुजरात के हर क्षेत्र की विशिष्ट उत्पाद और पहचान है और वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) की ताकत भी है। कुछ जिलों में तो ऐसा पोटेंशियल है कि उनमें देश के अन्य राज्यों की तुलना में अधिक औद्योगिक उत्पादन और प्रोडक्शन है।

उन्होंने यह भी कहा कि गुजरात हमेशा कृषि, मत्स्योद्योग, खाद्य प्रसंस्करण, रासायनिक-पेट्रोकेमिकल, गहने, इंजीनियरिंग, फार्मा और वस्त्र जैसे परंपरागत क्षेत्रों में अग्रणी रहा है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में अब गुजरात को नए उभरते क्षेत्रों जैसे सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, एयरोस्पेस, डिफेंस, और ग्रीन एनर्जी में आत्मनिर्भरता के साथ लीडर बनाना है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का स्पष्ट इरादा है कि हमें ऐसा राष्ट्र-राज्य बनाना है, जहां तकनीक, नवाचार, स्टार्टअप, अनुसंधान, उत्पादन, हर क्षेत्र में स्वदेशी की प्राथमिकता हो। स्वदेशी और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री ने ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘लोकल फॉर ग्लोबल’ का मंत्र दिया है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस इस मंत्र को साकार करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गुजरात में जो उद्योग आएं, वे उन जिलों में स्थापित हों, जहां औद्योगिक विकास की विशेषताएं हैं। इस दिशा में यह रीजनल कॉन्फ्रेंस परिणामदायी बनेगी। क्वालिटी प्रोडक्ट से उस जिले की ब्रैंड इमेज बनेगी और विकास का सच्चा लाभ राज्य के हर कोने में पहुंचाने से ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ का ध्येय पूरा होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वाइब्रेंट समिट से प्रधानमंत्री ने मंशा रखी थी कि राज्य के उद्योग एवं अर्थव्यवस्था विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धा करें। यह मंशा इस समिट की उत्तरोत्तर सफलता से पूरी हो रही है और गुजरात आज विश्व के अनेक बड़े औद्योगिक घरानों का केंद्र और हब बन गया है। बड़े उद्योगों के आने से उनके अनुरूप छोटे उद्योग और एमएसएमई भी विकसित हुए हैं और एमएसएमई राज्य के औद्योगिक विकास का बैकबोन बने हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वाइब्रेंट समिट के चलते जो उद्योग और निवेश गुजरात में आएं, उन्हें जमीन मिलने से लेकर उद्योग शुरू होने तक की आवश्यक अनुमतियां और व्यवस्थाएं ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की दृष्टि से राज्य सरकार ने सरल बनाई हैं। अनेक रिफॉर्म्स और 20 से अधिक नीतियों द्वारा गुजरात पॉलिसी ड्रिवन और प्रो-एक्टिव गवर्नेंस स्टेट बना है।

मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस की यह नई पहल राज्य के उद्योगों को प्रधानमंत्री के विकसित भारत एट 2047 के विजन को आत्मनिर्भर भारत और वोकल फॉर लोकल एवं लोकल फॉर ग्लोबल का मार्गदर्शन कराने का महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म बनेगी।

उद्योग मंत्री बलवंतसिंह राजपूत ने कहा कि गुजरात में आयोजित गत वाइब्रेंट समिट में 45 हजार करोड़ रुपये का निवेश आया और 2,600 से अधिक एमओयू हुए। इस सफल आयोजन के हिस्से के रूप में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में हर जिले और तहसील तथा गुजरात के सुदूरवर्ती व्यक्ति को वाइब्रेंट गुजरात के साथ जोड़ने के लिए पुनः एक बार वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया है।

राजपूत ने कहा कि गुजरात में तत्कालीन मुख्यमंत्री और वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2003 में वाइब्रेंट गुजरात की शुरुआत की थी। उस समय राज्य का उत्पादन 1,42,000 करोड़ रुपये था, जो आज बढ़कर 22 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। वर्ष 2003 की तुलना में प्रतिव्यक्ति आय 18,392 रुपये से बढ़कर 2,73,000 रुपये हुई है। उत्पादन 44 हजार करोड़ रुपये था, जो 6.30 लाख करोड़ रुपये यानी 15 गुना बढ़ गया है। इतना ही नहीं, मैन्युफैक्चरिंग आउटपुट भी 1,48,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 21 लाख 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।

उन्होंने आगे कहा कि वाइब्रेंट गुजरात समिट के कारण गुजरात में छोटे उद्योगकारों की संख्या में भी वृद्धि हुई है। वर्ष 2003 में छोटे उद्योगकारों की संख्या केवल डेढ़ लाख थी, जो आज बढ़कर 21 लाख से अधिक हो गई है। वर्ष 2003 से 2025 तक 5.50 लाख करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष विदेशी पूंजी निवेश गुजरात में आया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में 10वीं वाइब्रेंट समिट में 140 से अधिक देशों के लोगों ने भाग लिया। 98 हजार से अधिक लोगों ने एमओयू किए और 45 हजार से अधिक लोगों ने गुजरात में पूंजी निवेश करने का निश्चय किया। इसके साथ ही 81 लाख रोजगार का सृजन हुआ। इस प्रकार की व्यवस्था गुजरात में हुई, जिसके कारण गुजरात का विकास दिन-प्रतिदिन आगे बढ़ रहा है।

Point of View

बल्कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को भी साकार करेगी। यह पहल राष्ट्रीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकती है।
NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस कब आयोजित होगी?
पहली वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस 9 और 10 अक्टूबर को मेहसाणा में आयोजित होगी।
इस कॉन्फ्रेंस का उद्देश्य क्या है?
इस कॉन्फ्रेंस का उद्देश्य गुजरात की औद्योगिक पहचान को मजबूत करना और विकास का लाभ राज्य के सभी हिस्सों में पहुंचाना है।
इस कॉन्फ्रेंस में कौन-कौन सी सरकारी हस्तियां शामिल होंगी?
इस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, उद्योग मंत्री बलवंतसिंह राजपूत, और अन्य राज्य मंत्री शामिल होंगे।
क्या इस कॉन्फ्रेंस के बाद अन्य क्षेत्रीय सम्मेलन होंगे?
हाँ, इसके बाद सौराष्ट्र, मध्य गुजरात और दक्षिण गुजरात में भी ऐसे सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे।
गुजरात का औद्योगिक उत्पादन किस प्रकार बढ़ा है?
गुजरात का औद्योगिक उत्पादन 2003 में 1,42,000 करोड़ रुपये से बढ़कर आज 22 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।