बेंगलुरु बोरिंग अस्पताल दीवार हादसा: 7 मौतें, CM ने बुलाई GBA बैठक, लोकायुक्त ने लिया स्वत: संज्ञान

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बेंगलुरु बोरिंग अस्पताल दीवार हादसा: 7 मौतें, CM ने बुलाई GBA बैठक, लोकायुक्त ने लिया स्वत: संज्ञान

बेंगलुरु के बोरिंग अस्पताल (Bowring Hospital) में 30 अप्रैल 2025 को भारी बारिश, ओलावृष्टि और आंधी-तूफान के दौरान कंपाउंड वॉल ढहने से एक बच्ची समेत सात लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। इस दर्दनाक हादसे के बाद कर्नाटक सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (GBA) के आयुक्तों की आपात बैठक बुलाई और मानसून से पहले एहतियाती इंतजाम सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश जारी किए।

हादसे का घटनाक्रम

बुधवार को बेंगलुरु में अचानक तेज बारिश और ओलावृष्टि शुरू हुई। इसी दौरान बोरिंग अस्पताल की पुरानी कंपाउंड वॉल ढह गई, जिसकी चपेट में आने से सात लोगों की जान चली गई — इनमें एक मासूम बच्ची भी शामिल थी। कई अन्य लोग मलबे में दब कर घायल हो गए। यह ऐसे समय में आया है जब बेंगलुरु में प्रतिवर्ष बारिश से पहले जर्जर ढाँचों की पहचान और मरम्मत की ज़िम्मेदारी नागरिक एजेंसियों पर होती है।

सरकार की प्रतिक्रिया और बैठक

हादसे के बाद मुख्यमंत्री की ओर से गुरुवार को ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी के आयुक्तों की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार, विधायक रिजवान अरशद, मुख्य सचिव डॉ. शालिनी रजनीश, GBA आयुक्त महेश्वर राव और मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव अंजुम परवेज समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में निर्देश दिया गया कि मानसून शुरू होने से पहले सभी कमजोर ढाँचों की पहचान कर उन्हें सुरक्षित किया जाए।

लोकायुक्त का स्वत: संज्ञान

कर्नाटक लोकायुक्त के न्यायमूर्ति बी.एस. पाटिल ने गुरुवार को हादसे वाली जगह का स्वयं दौरा किया और स्वत: संज्ञान लेते हुए जाँच के आदेश दिए। उन्होंने चिकित्सा शिक्षा विभाग से भी इस घटना पर विस्तृत रिपोर्ट माँगी है। मौके का निरीक्षण करने के बाद न्यायमूर्ति पाटिल ने कहा कि इस हादसे की जिम्मेदारी बेंगलुरु की नागरिक एजेंसियों पर तय होनी चाहिए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यह जाँच केवल इस घटना तक सीमित नहीं रहेगी — बल्कि राज्यभर में सार्वजनिक पहुँच वाले जर्जर ढाँचों की पहचान कर समाधान निकाला जाएगा। उनके अनुसार,

Nation Press