8 अगस्त 2026
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बीजद का ओडिशा सरकार पर निशाना: ₹16.73 लाख करोड़ के निवेश दावों का जमीनी हकीकत से मिलान नहीं

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बीजद का ओडिशा सरकार पर निशाना: ₹16.73 लाख करोड़ के निवेश दावों का जमीनी हकीकत से मिलान नहीं

सारांश

बीजद ने ओडिशा की BJP सरकार के निवेश दावों की पोल खोलने की कोशिश की है — ₹16.73 लाख करोड़ के एमओयू और दर्जनों रोडशो के बावजूद 2024-25 में राज्य को मात्र ₹39 करोड़ FDI मिलने के केंद्रीय आंकड़े सवाल खड़े करते हैं कि बड़े दावे जमीन पर कितना उतरे।

मुख्य बातें

बीजद ने 7 अगस्त 2026 को ओडिशा सरकार के निवेश दावों पर सवाल उठाए, आरोप लगाया कि धरातल पर कोई ठोस परिणाम नहीं आया।
'ओडिशा फूड प्रो 2026' रोडशो में 27 एमओयू और 12 IIF पर हस्ताक्षर; कुल ₹43,437 करोड़ के प्रस्ताव।
जनवरी 2025 के 'उत्कर्ष ओडिशा' समिट में सरकार ने ₹16.73 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिलने का दावा किया था।
केंद्र सरकार के आंकड़ों के अनुसार 2024-25 में ओडिशा को मात्र ₹39 करोड़ FDI मिला — भारत के कुल FDI का केवल 0.009% ।
बीजद प्रवक्ता लेनिन मोहंती ने सरकार से निवेश रूपांतरण का पारदर्शी लेखा-जोखा सार्वजनिक करने की मांग की।

विपक्षी दल बीजू जनता दल (बीजद) ने 7 अगस्त 2026 को ओडिशा की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर आरोप लगाया कि पिछले दो वर्षों में देश-विदेश में आयोजित निवेशक बैठकों से राज्य में कोई ठोस निवेश धरातल पर नहीं उतरा है। बीजद ने यह आरोप उस दिन लगाए जब राज्य सरकार नई दिल्ली में आयोजित 'ओडिशा फूड प्रो 2026' रोडशो में ₹43,437 करोड़ के निवेश प्रस्ताव हासिल करने का दावा कर रही थी।

मुख्य आरोप और सरकारी दावे

बीजद के प्रवक्ता एवं मीडिया कोऑर्डिनेटर लेनिन मोहंती ने एक प्रेस बयान में कहा कि सरकार ने पिछले दो वर्षों में दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद, बेंगलुरु, गुजरात के अलावा सिंगापुर और जापान में भी निवेशकों के साथ बैठकें आयोजित की हैं। मोहंती ने कहा, "हर इन्वेस्टर्स कॉन्फ्रेंस के बाद सरकार ने हजारों करोड़ रुपए के प्रस्ताव मिलने का दावा किया है। हालांकि, भाजपा सरकार के सत्ता में आने के दो साल बाद भी इस बात का कोई हिसाब नहीं है कि ओडिशा में असल में कितना निवेश हुआ है। धीरे-धीरे यह साफ़ होता जा रहा है कि सरकार के बड़े-बड़े दावे सिर्फ बातें हैं।"

उत्कर्ष ओडिशा समिट के आंकड़ों पर सवाल

जनवरी 2025 में भुवनेश्वर में आयोजित 'उत्कर्ष ओडिशा' इन्वेस्टर्स समिट का उल्लेख करते हुए मोहंती ने कहा कि सरकार ने ₹16.73 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिलने का दावा किया था, जिसमें ₹12.89 लाख करोड़ के एमओयू शामिल थे। इसी तरह, हैदराबाद इन्वेस्टर्स मीट के बाद भी ₹67,000 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिलने का दावा किया गया था। बीजद का सवाल है कि इन घोषित प्रस्तावों में से वास्तविक निवेश में तब्दील हुई राशि का कोई पारदर्शी लेखा-जोखा सरकार ने सार्वजनिक नहीं किया।

एफडीआई आंकड़ों का हवाला

केंद्र सरकार के आंकड़ों का हवाला देते हुए मोहंती ने दावा किया कि 2024-25 के दौरान ओडिशा को मात्र ₹39 करोड़ का विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) प्राप्त हुआ, जो उस वर्ष भारत के कुल FDI का केवल 0.009 प्रतिशत था। यह आंकड़ा, यदि सही है, तो राज्य की वैश्विक निवेशक बैठकों की उपयोगिता पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।

ओडिशा फूड प्रो 2026 रोडशो

जिस दिन ये आरोप लगाए गए, उसी दिन नई दिल्ली में आयोजित 'ओडिशा फूड प्रो 2026' कार्यक्रम में अधिकारियों के अनुसार 27 एमओयू और 12 इन्वेस्टमेंट इंटेंट फॉर्म (IIF) पर हस्ताक्षर हुए, जिनमें कुल ₹43,437 करोड़ के निवेश प्रस्ताव शामिल बताए गए। यह ओडिशा के बाहर आयोजित पहला सेक्टर-केंद्रित निवेश रोडशो बताया गया। गौरतलब है कि यह कार्यक्रम विशेष रूप से फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था।

आगे क्या

बीजद ने मांग की है कि सरकार पिछले दो वर्षों के सभी निवेशक आयोजनों का ठोस धरातली परिणाम सार्वजनिक करे। यह विवाद ऐसे समय में उठा है जब ओडिशा सरकार राज्य को एक प्रमुख निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करने की कोशिशों में जुटी है। अब देखना होगा कि BJP सरकार इन आरोपों का जवाब किस प्रकार देती है और क्या वह निवेश रूपांतरण के आंकड़े सार्वजनिक करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह केवल एक विपक्षी आरोप नहीं, बल्कि एक गंभीर नीतिगत विफलता का संकेत है। भारत के कई राज्य निवेशक समिट की घोषणाओं और वास्तविक पूंजी प्रवाह के बीच की खाई से जूझते रहे हैं — ओडिशा इसमें अकेला नहीं है। असली सवाल यह है कि क्या राज्य सरकार के पास एमओयू से वास्तविक निवेश तक के रूपांतरण को ट्रैक करने का कोई सत्यापन-योग्य तंत्र है। बिना पारदर्शी निवेश-ट्रैकिंग प्रणाली के, हर नया रोडशो केवल एक और प्रेस रिलीज बनकर रह जाता है।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बीजद ने ओडिशा सरकार के निवेश दावों पर क्यों सवाल उठाए?
बीजद का आरोप है कि पिछले दो वर्षों में दिल्ली, मुंबई, सिंगापुर और जापान सहित कई स्थानों पर आयोजित निवेशक बैठकों के बाद सरकार ने बड़े-बड़े निवेश प्रस्तावों का दावा किया, लेकिन धरातल पर कोई ठोस परिणाम नहीं आया। केंद्र सरकार के आंकड़ों के हवाले से बीजद ने कहा कि 2024-25 में ओडिशा को मात्र ₹39 करोड़ FDI मिला।
'ओडिशा फूड प्रो 2026' रोडशो में क्या हुआ?
नई दिल्ली में आयोजित इस कार्यक्रम में अधिकारियों के अनुसार 27 एमओयू और 12 इन्वेस्टमेंट इंटेंट फॉर्म पर हस्ताक्षर हुए, जिनमें कुल ₹43,437 करोड़ के निवेश प्रस्ताव शामिल थे। यह ओडिशा के बाहर आयोजित पहला सेक्टर-केंद्रित निवेश रोडशो था, जो फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र पर केंद्रित था।
'उत्कर्ष ओडिशा' समिट में कितने निवेश का दावा किया गया था?
जनवरी 2025 में भुवनेश्वर में आयोजित 'उत्कर्ष ओडिशा' इन्वेस्टर्स समिट में सरकार ने ₹16.73 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिलने का दावा किया था, जिसमें ₹12.89 लाख करोड़ के एमओयू शामिल थे। बीजद का सवाल है कि इनमें से कितना वास्तविक निवेश में बदला।
ओडिशा को 2024-25 में कितना FDI मिला?
बीजद नेता लेनिन मोहंती ने केंद्र सरकार के आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया कि 2024-25 में ओडिशा को मात्र ₹39 करोड़ का विदेशी प्रत्यक्ष निवेश मिला, जो उस वर्ष भारत के कुल FDI का केवल 0.009 प्रतिशत था।
बीजद ने सरकार से क्या मांग की है?
बीजद ने मांग की है कि ओडिशा सरकार पिछले दो वर्षों में आयोजित सभी निवेशक कार्यक्रमों के वास्तविक धरातली परिणामों का पारदर्शी लेखा-जोखा सार्वजनिक करे। पार्टी का कहना है कि प्रस्तावित निवेश में से कितना वास्तव में राज्य में आया, इसका कोई स्पष्ट हिसाब नहीं दिया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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