ओडिशा को यूएई दौरे से ₹2.43 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव, सीएम माझी बोले — 'समृद्ध ओडिशा' की राह का बड़ा पड़ाव
सारांश
मुख्य बातें
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी 8 से 12 सितंबर 2026 तक संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की पाँच दिवसीय निवेश आउटरीच यात्रा पूरी करके रविवार, 13 सितंबर को भुवनेश्वर लौटे। इस दौरे में 8 समझौतों (एमओयू) और 16 निवेश प्रस्तावों के ज़रिए राज्य को ₹2,43,162 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिससे ओडिशा का कुल संचित निवेश प्रस्ताव ₹22.5 लाख करोड़ को पार कर गया है।
यात्रा का विवरण और बैठकों का दायरा
मुख्यमंत्री माझी के नेतृत्व में, उद्योग मंत्री संपद चंद्र स्वैन और वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल 9, 10 और 11 सितंबर को अबूधाबी और दुबई में निवेश केंद्रित चर्चाओं में भाग लिया। तीन दिनों में 52 व्यापारिक बैठकें आयोजित हुईं — जिनमें 6 राउंडटेबल और 46 एक से एक बैठकें शामिल थीं — तथा उद्योग जगत के लगभग 400 प्रतिनिधियों से सीधे संवाद स्थापित हुआ।
इसके अलावा, इसी आउटरीच अभियान के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने ओमान और जॉर्डन के प्रतिनिधियों के साथ भी द्विपक्षीय चर्चाएँ कीं, जो इस दौरे के भौगोलिक दायरे को और व्यापक बनाता है।
रोज़गार सृजन का अनुमान
मुख्यमंत्री माझी ने बताया कि इन निवेश प्रस्तावों से राज्य में 6,18,725 प्रत्यक्ष रोज़गार के अवसर उत्पन्न होने का अनुमान है। उन्होंने कहा, "अप्रत्यक्ष नौकरियों को मिलाकर, कुल मिलाकर लगभग नौ लाख रोज़गार के अवसर पैदा होंगे।" गौरतलब है कि ओडिशा में बेरोज़गारी दर और कुशल श्रमशक्ति की कमी लंबे समय से चुनौती रही है, और इस संदर्भ में यह आँकड़ा महत्त्वपूर्ण है — हालाँकि ये प्रस्ताव हैं, पुष्टि नहीं।
संचित निवेश प्रस्तावों की बड़ी तस्वीर
यूएई दौरे से पहले राज्य के पास ₹20 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव थे। नए प्रस्तावों के जुड़ने से यह संचित आँकड़ा ₹22.5 लाख करोड़ तक पहुँच गया है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार 2036 तक ओडिशा को 500 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के विज़न पर तेज़ी से काम कर रही है।
मुख्यमंत्री माझी ने कहा कि राज्य में 'डबल इंजन' सरकार औद्योगीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जनवरी 2025 में भुवनेश्वर में आयोजित 'उत्कर्ष ओडिशा — मेक इन ओडिशा कॉन्क्लेव' के बाद से राज्य सरकार दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, कोलकाता, गुजरात और सिंगापुर तक आउटरीच कार्यक्रम चला रही है।
सरकार की अगली प्राथमिकता
मुख्यमंत्री माझी ने स्पष्ट किया कि प्रस्तावों और समझौतों को ज़मीन पर उतारना अब सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उनके अनुसार, "शुरुआती सफलता के बाद अगला लक्ष्य निवेश प्रस्तावों और समझौतों को तेज़ी से लागू करना और उत्पादन शुरू करना है।" विशेषज्ञ भी मानते हैं कि घोषित निवेश को वास्तविक औद्योगिक क्षमता में बदलने की गति ही इस पहल की असली परीक्षा होगी।
भुवनेश्वर हवाई अड्डे पर लौटने पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया। ओडिशा का यह निवेश आउटरीच अभियान आने वाले महीनों में और देशों तक विस्तारित होने की संभावना है।