राष्ट्रपति मुर्मू का 68वाँ जन्मदिन रायरंगपुर में, PM मोदी संग ओडिशा को ₹50,000 करोड़ की परियोजनाओं की सौगात
सारांश
मुख्य बातें
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने 20 जून 2026 को रायरंगपुर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक साथ मौजूदगी को राज्य के इतिहास का सुनहरा अध्याय करार दिया। इस दौरे के दौरान लगभग ₹50,000 करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया, जिसे माझी ने ओडिशा के प्रति केंद्र सरकार की अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया।
राष्ट्रपति मुर्मू का जन्मदिन और ऐतिहासिक मौजूदगी
मुख्यमंत्री माझी ने राष्ट्रपति मुर्मू को उनके 68वें जन्मदिन पर ओडिशा की 4.5 करोड़ जनता की ओर से हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि मयूरभंज के एक सुदूर आदिवासी गाँव से देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक राष्ट्रपति मुर्मू की यात्रा समर्पण, जनसेवा और लोकतांत्रिक संस्थाओं में अटूट आस्था का अनुकरणीय उदाहरण है। माझी ने उन्हें देश भर की महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए भगवान जगन्नाथ से उनके दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की कामना की।
प्रधानमंत्री मोदी के इस जन्मदिन समारोह में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने पर माझी ने आभार जताया और कहा कि उनकी उपस्थिति ने इस अवसर को और भी विशेष बना दिया।
डबल-इंजन सरकार की परियोजनाएँ
माझी ने बताया कि राज्य में भाजपा सरकार बनने के बाद से प्रधानमंत्री मोदी आठ बार ओडिशा का दौरा कर चुके हैं — शपथ ग्रहण से शुरू होकर हर यात्रा में विकास की नई परियोजनाएँ लेकर आए। इस दौरे में ओडिशा को जो प्रमुख परियोजनाएँ मिलीं, उनमें शामिल हैं:
₹90,000 करोड़ की रेलवे परियोजनाएँ, ₹40,000 करोड़ की सड़क अवसंरचना, ₹25,000 करोड़ की बंदरगाह परियोजनाएँ, ₹25,000 करोड़ का जहाज निर्माण एवं मरम्मत क्लस्टर, पारादीप में ₹80,000 करोड़ का पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स और ₹5,000 करोड़ का भुवनेश्वर-कटक-पुरी-पारादीप इकोनॉमिक कॉरिडोर।
दो साल की उपलब्धियाँ और औद्योगिक क्रांति
राज्य सरकार के दो वर्ष पूरे होने के अवसर पर माझी ने बताया कि ₹3.11 लाख करोड़ की लागत वाली 152 औद्योगिक परियोजनाओं का उद्घाटन या शिलान्यास किया जा चुका है, जिनसे लगभग 2.5 लाख रोज़गार के अवसर सृजित हुए हैं। इसके अलावा 44,000 से अधिक सरकारी नौकरियाँ भी दी गई हैं। उन्होंने बताया कि अब राज्य के 30 में से 29 जिलों में उद्योग स्थापित हो रहे हैं, जिससे औद्योगीकरण अधिक समावेशी हो रहा है।
गौरतलब है कि 'उत्कर्ष ओडिशा — मेक इन ओडिशा' पहल के तहत राज्य की दूसरी औद्योगिक क्रांति की नींव रखी जा रही है। माझी ने भरोसा जताया कि आने वाले समय में 'रिवर्स माइग्रेशन' देखने को मिलेगा — अर्थात् दूसरे राज्यों के लोग रोज़गार के लिए ओडिशा आएंगे।
जन-कल्याण योजनाएँ और मुफ्त शिक्षा का ऐलान
माझी ने सरकार की प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख किया, जिनमें महिलाओं के लिए सुभद्रा योजना, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, किसानों के लिए कृषक समृद्धि योजना, गोदावरीश मिश्रा मॉडल प्राइमरी स्कूल योजना, वरिष्ठ नागरिकों के लिए श्री जगन्नाथ दर्शन योजना और आयुष्मान भारत का ओडिशा में क्रियान्वयन शामिल हैं।
इस अवसर पर माझी ने घोषणा की कि ओडिशा सरकार ने केजी से पीजी तक मुफ्त शिक्षा देने का निर्णय लिया है। उन्होंने दावा किया कि ऐसा करने वाला ओडिशा देश का पहला राज्य होगा। साथ ही सामान्य, मेडिकल और तकनीकी शिक्षा में सामाजिक एवं शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण लागू करने पर भी ज़ोर दिया गया।
विज़न 2036 और वैश्विक मंच पर भारत
माझी ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य 2036 तक एक समृद्ध ओडिशा का निर्माण करना और 2047 तक 'विकसित भारत' के राष्ट्रीय लक्ष्य में सार्थक योगदान देना है। उन्होंने हाल ही में संपन्न जी7 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी की सफल भागीदारी पर बधाई देते हुए कहा कि भारत का बढ़ता वैश्विक कद यह प्रमाणित करता है कि विश्व मंच पर भारत का युग आ गया है। ओडिशा सरकार 'विकसित ओडिशा' और 'विकसित भारत' के साझा संकल्प को साकार करने के लिए प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में काम करती रहेगी।